Saturday, June 15, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षा8 नए टेरर रूट, 27 लॉन्च पैड, 146 आतंकी: 15 अगस्त से पहले आतंकी...

8 नए टेरर रूट, 27 लॉन्च पैड, 146 आतंकी: 15 अगस्त से पहले आतंकी हमले की पाकिस्तानी साजिश

जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए आईएसआई पीओके के कई आतंकी समूहों से लगातार संपर्क में है और उनके साथ मिलकर कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमले शुरू करने के लिए तालमेल बैठा रही है।

पाकिस्तान और दुनिया भर में कुख्यात उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने 15 अगस्त से पहले भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने और हमलों के लिए अपने कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नए आतंकी नियंत्रण कक्ष स्थापित करना शुरू कर दिया है। भारत के स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और आतंकियों से तालमेल बनाए रखने के लिए यह मॉनिटरिंग सेंटर के तौर पर काम करेगा।

इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आईएसआई ने स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की नई योजनाएँ बनाई हैं, ताकि अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद शांत कश्मीर को फिर से हिंसा की आग में झोंका जा सके। इसके लिए आईएसआई पीओके के कई आतंकी समूहों से लगातार संपर्क में है। आईएसआई 15 अगस्त से पहले कश्मीर में पदस्थापित सुरक्षा बलों पर हमले शुरू करने के लिए उनके साथ तालमेल बनाने की कोशिश कर रहा है।

इसके बारे में भारत की खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। अलर्ट जारी होने के बाद भारतीय सुरक्षा बल खतरे को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ भीतरी इलाकों में बेहद सतर्कता बरत रहे हैं। आतंकियों हमलों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान भी शुरू किया है।

खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया इनपुट के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, पीओके में अल-बद्र और ‘चेलाबंदी’ मुजफ्फराबाद सहित कई प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के वरिष्ठ आतंकियों के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं।

सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की रुपरेखा तैयार की गई है। साथ ही, घाटी में आतंकवादी घुसपैठ के लिए नए रास्तों की तलाश और उनके उपयोग से संबंधित योजना तैयार की गई है।

सूत्रों ने बताया कि इन्हीं रास्तों की तलाश और आतंकियों के बीच समन्वय के लिए आईएसआई ने पीओके में नए कंट्रोल रूम भी स्थापित कर रही है। आईएसआई के इशारे पर पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन नियंत्रण रेखा के जरिए जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने की योजना बना रहे हैं, जिनकी पहचान सुरक्षा एजेंसियों ने की है।

खुफिया इनपुट बताया गया है कि पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे 27 नए आतंकी लॉन्च पैड सक्रिय किए हैं, ताकि जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ को बढ़ाने में मदद मिल सके। इनपुट में बताया गया है कि जून से लगभग 146 आतंकवादियों को अलग-अलग लॉन्च पैड पर घुसपैठ के लिए तैयार रखा गया है।

भारत में घुसपैठ के लिए जिन रास्तों की खबर खुफिया एजेंसियों को मिली हैं, वे निम्नलिखित हैं:

रूट 1: नाली (पीओके) से महादेव गैप होते हुए मजोत। उसके बाद डुंडेसर वन से कलाकोट और फिर जम्मू-कश्मीर।

रूट 2: कोटकोटेरा (पीओके) से ब्राल गली होते हुए बागला और फिर बागला से कलाकोट होकर जम्मू-कश्मीर।

रूट 3: निकेल (पीओके) से कोंगा गली होते हुए दादोट, फिर मनजोत और जम्मू-कश्मीर।

रूट 4: कश्मीर के रास्ते बंताल गांव (पीओके) से कास नाला तक।

रूट 5: गोई (पीओके) से सोन गली होते हुए नंदेरी और नंदेरी से गुरसैन सूरनकोट होते हुए जम्मू-कश्मीर।

रूट 6: तारकुंडी (पीओके) कंडी होते हुए बुडाहल से जम्मू-कश्मीर।

रूट 7: डबासी (पीओके) झीका गली से हरनी जंगल और फिर सूरनकोट होते हुए जम्मू-कश्मीर।

रूट 8: कुइरेटा (पीओके) मोहरा गैप से जम्मू-कश्मीर तक।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जाकिर और शाकिर ने रात के अंधेरे में जगन्नाथ मंदिर में फेंका गाय का कटा सिर: रतलाम में हंगामे के बाद पुलिस ने दबोचा,...

रतलाम के भगवान जगन्नाथ मंदिर में गाय का मांस फेंककर अपवित्र करने के आरोप में पुलिस ने जाकिर और शाकिर को गिरफ्तार किया है।

NSA, तीनों सेनाओं के प्रमुख, अर्धसैनिक बलों के निदेशक, LG, IB, R&AW – अमित शाह ने सबको बुलाया: कश्मीर में ‘एक्शन’ की तैयारी में...

NSA अजीत डोभाल के अलावा उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, तीनों सेनाओं के प्रमुख के अलावा IB-R&AW के मुखिया व अर्धसैनिक बलों के निदेशक भी मौजूद रहेंगे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -