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मणिपुर में सेना के काफिले पर आतंकी हमला: कर्नल और सेना के कई जवान हुए बलिदान, CO के परिवार के सदस्यों की भी मौत

मणिपुर की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का गठन 1978 में किया गया था। स्वतंत्र मणिपुर की माँग करने वाले इस संगठन को भारत सरकार ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। इससे पहले भी मणिपुर में यह संगठन धोखे से भारतीय सुरक्षाबलों पर हमले करता रहा है।

मणिपुर में शनिवार (13 नवंबर 2021) को सेना के काफिले पर उग्रवादियों ने बड़ा हमला कर दिया है। यह हमला चुराचांदपुर जिले के सिनघाट सब-डिवीजन में हुआ है। इस हमले में कर्नल और उनके परिवार के सदस्य भी शहीद हो गए हैं। बताया जा रहा है कि सेना की टुकड़ी पर घात लगाकर बैठे आतंकियों ने हमला किया है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटना पर शोक व्यक्ति किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, “मणिपुर के चुराचांदपुर में असम राइफल्स के काफिले पर कायराना हमला बेहद दर्दनाक और निंदनीय है। देश ने 46 असम राइफल्स के सीओ और उनके परिवार के दो सदस्यों सहित 5 बहादुर सैनिकों को खो दिया है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएँ। जल्द ही दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।”

असम राइफल्स यूनिट के काफिले में क्विक रिएक्शन टीम के साथ ही कमांडिंग ऑफिसर और उनका परिवार भी शामिल था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी हमले में सीओ और उनके परिवार के दो सदस्यों तथा क्विक एक्शन टीम के तीन जवानों की मौत हो गई। हमले के पीछे मणिपुर की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।

मणिपुर के सीएम बिरेन सिंह ने ट्वीट कर घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा, ”46 असम राइफल्स के काफिले पर कायरतापूर्ण हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूँ। इसमें सीओ और उनके परिवार समेत कुछ कर्मियों की मौत हो गई। राज्य सुरक्षाबल और अर्धसैनिक बल पहले से ही आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रहे हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

बता दें कि मणिपुर की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का गठन 1978 में किया गया था। स्वतंत्र मणिपुर की माँग करने वाले इस संगठन को भारत सरकार ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। इससे पहले भी मणिपुर में यह संगठन धोखे से भारतीय सुरक्षाबलों पर हमले करता रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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