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भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ अब विदेशों में भी अपनी ताक़त दिखाने के लिए तैयार

वायु सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकॉउंट पर जानकारी दी है कि भारत का स्वदेशी सुपरसोनिक हल्का लड़ाकू विमान तेजस अब पहली बार पाँच दिवसीय लंगकावी इटरनेशनल मैरीटाइम एंड एयरोस्पेस एक्जीबिशन में हिस्सा लेगा।

देश का पहला स्वदेश निर्मित लड़ाकू विमान तेजस जिसे विश्व में सबसे हल्के सुपरसोनिक लड़ाकू विमान का दर्जा हासिल है। वो अब विदेशों में भी अपनी ताक़त और हवाई गतिविधियाँ दिखाने के लिए तैयार है।

तेजस, 26 मार्च से मलेशिया में शुरू होने वाली 5 दिवसीय लंगकावी इंटरनेश्नल मेरीटाइम एंड एयरोस्पेस प्रदर्शनी में भाग लेने वाला है। इसके लिए भारतीय वायु सेना मलेशिया पहुँच चुकी है। इस हवाई प्रदर्शन में भारत ने पहली बार हिस्सा लिया है। भारत यहाँ तेजस विमान को बड़े स्तर पर पेश करेगा।

वायु सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकॉउंट पर जानकारी दी है कि भारत का स्वदेशी सुपरसोनिक हल्का लड़ाकू विमान तेजस और भारतीय वायु सेना में पहले ही शामिल हो चुका है और अब वह पहली बार पाँच दिवसीय लंगकावी इटरनेशनल मैरीटाइम एंड एयरोस्पेस एक्जीबिशन में हिस्सा लेगा।

इसके अलावा वायु सेना ने ट्वीट किया, “26 मार्च 2019 से शुरू हो रहे एलआईएमए 2019 के लिए उद्घाटन प्रदर्शन से पहले आज आख़िरी अभ्यास सत्र था। मलेशिया, लंगकावी इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर अभ्यास सत्र के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस।” वायुसेना ने अभ्यास करते तेजस की तस्वीरें और वीडियो भी पोस्ट की हैं।

एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी(एडीए) द्वारा भारतीय वायु सेना और नौसेना के लिए डिजाइन किए गए तेजस का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने पूर्ण रूप से भारत में ही किया है। इसे लीमा एयर शो में पेश करने के पीछे भारत की योजना इसकी तरफ मलेशिया का ध्यान आकर्षित करना है ताकि वो इसे ख़रीदने में दिलचस्पी पैदा कर सके। इसके अलावा भारतीय वायुसेना का दल इस दौरान रॉयल मलेशियाई एयरफोर्स के साथ द्विपक्षीय मुलाक़ात भी करेगा, जिसमें दोनों सेनाओं के बीच सहयोग मज़बूत करने की कोशिश होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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