Wednesday, August 10, 2022
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यूपी ATS ने दो संदिग्ध आतंकी इकबाल और फारुख को किया गिरफ्तार: जाँच के दौरान मिला विदेशी कनेक्शन

दोनों के मोबाइल फोन में कई विदेशी संदिग्धों के नंबर एक्टिवेट मिले हैं। अधिक जानकारी देते हुए यूपी एटीएस के एडीजी डीके ठाकुर ने यह भी बताया कि मोहम्मद इकबाल और मोहम्मद फारुख मोबाइल फोन के जरिए बांग्लादेश, अमेरिका, सऊदी अरब, इटली, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, म्यांमार के लोगों के संपर्क में थे।

यूपी पुलिस की ATS ने दो संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकियों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों के नाम इकबाल और फारुख हैं। पुलिस ने दोनों आरोपितों के पास से फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड समेत तमाम अन्य दस्तावेज बरामद किए है। दोनों आरोपितों को एटीएस ने कोर्ट में पेश किया। जहाँ से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

यूपी एटीएस के एडीजी डीके ठाकुर (ADG DK Thakur) ने बताया कि सहरानपुर की कमेला कॉलोनी से चटगाँव बांग्लादेश के रहने वाले दो सगे भाइयों मोहम्मद इकबाल और मोहम्मद फारुख को एटीएस ने गिरफ्तार किया है। ये दोनों अवैध रूप से सहारनपुर में रह रहे थे। इसके साथ दोनों आरोपितों ने सहारनपुर के एड्रेस पर पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, जाति और आय प्रमाणपत्र भी बनवा लिए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के मोबाइल फोन में कई विदेशी संदिग्धों के नंबर एक्टिवेट मिले हैं। अधिक जानकारी देते हुए यूपी एटीएस के एडीजी डीके ठाकुर ने यह भी बताया कि मोहम्मद इकबाल और मोहम्मद फारुख मोबाइल फोन के जरिए बांग्लादेश, अमेरिका, सऊदी अरब, इटली, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, म्यांमार के लोगों के संपर्क में थे। साथ ही उन्होंने बताया कि पुलिस फोन से मिले विदेशियों के नंबरों पर हुई बातचीत का ब्यौरा जुटाने में लगी है और इनके सहरानपुर में रहने के मकसद पर पूछताछ की जा रही है।

पहले भी फर्जी दस्तावेज के मामले में दोनों भाई 2 साल की जेल काट चुके हैं। जेल से बाहर आने के बाद दोनों अपने वतन लौटने के बजाए भारत में एक्टिव थे और यूपी के सहारनपुर में रह रहे थे।

एटीएस एडीजी के मुताबिक, दोनों आरोपित साल 2013 में अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किए गए थे और लगभग दो साल जेल में रहे हैं। जेल से रिहा होने के बाद इन दोनों को बांग्लादेश के लिए निर्वासित कर दिया गया था। इसके बाद दोनों साल 2015 में दोबारा अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आ गए और दलालों के माध्यम से सहारनपुर के पते पर फर्जी वोटर आईडी, आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवा लिया।

रिपोर्ट के अनुसार पुलिस को आशंका है कि इकबाल और फारुख दिल्ली में गिरफ्तार आतंकियों के संपर्क में थे। दरअसल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार रात जम्मू-कश्मीर के बारामूला और कुपवाड़ा के रहने वाले आतंकी अब्दुल लतीफ मीर और अशरफ खटाना को गिरफ्तार किया था। जिनके पास से पुलिस ने दो सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस जब्त किए थे।

वहीं जाँच पड़ताल में आतंकियों के कनेक्शन पाकिस्तान से भी पाए गए थे। रिपार्ट के अनुसार पकड़े गए आतंकी दिल्ली में किसी बड़े हमले के मिशन पर थे। वहीं तफ्तीश में यह भी पता चला था कि कोरोनाकाल में ये दोनों उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित देवबंद गए थे। देवबंद कनेक्शन मिलने के बाद ही ATS सक्रिय हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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