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30 KG के X-गॉर्ड डिकॉय को राफेल समझ मिसाइल चलाता रहा पाकिस्तान, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत ने AI तकनीक से बनाया बेवकूफ: रक्षा विशेषज्ञ ने कहा- ये बेस्ट स्पूफ सिस्टम

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय राफेल विमानों पर लगे AI-आधारित X-Guard सिस्टम ने पाकिस्तानी रडार और मिसाइलों को पूरी तरह भ्रमित कर दिया, जिससे असली लड़ाकू विमान सुरक्षित लौटने में सफल रहे।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जिस तरह भारतीय सेना ने पाकिस्तान की फ़ौज के ठिकानों को तबाह किया, उसकी कहानियाँ अब भी सामने आ रही हैं। वायु सेना हो या थल सेना, उनकी रणनीतियाँ अब रक्षा विशेषज्ञों की चर्चा का विषय बन रही हैं।

अब इस मामले में खुलासा हुआ है कि इस दिन के ऑपरेशन के दौरान के दौरान भारतीय वायुसेना ने राफेल लड़ाकू विमानों के साथ ‘X-गार्ड’ नाम का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बना टो डिकॉय सिस्टम का इस्तेमाल किया।

X-गार्ड एक हल्का (लगभग 30 किलो का) AI से चलने वाला डिकॉय सिस्टम है। इसे राफेल एडवांस्ड डिफेन्स सिस्टम्स ने विकसित किया है। यह सिस्टम 100 मीटर लंबे फाइबर-ऑप्टिक वायर से विमान के पीछे चलता है और 500 वॉट का 360-डिग्री जैमिंग सिग्नल पैदा करता है।

यह सिग्नल रडार और मिसाइल सिस्टम को असली विमान की तरह दिख का धोखा देता है। इसमें रडार इमिशन और डॉपलर इफेक्ट जैसी विशेषताएँ होती हैं। यानी दुश्मन को यह कोई विमान जैसा जैसा दिखता है जबकि असल में यह एक अलग सिस्टम होता है। पूर्व F-16 पायलट रयान बोडनहाइमर ने इसे आधुनिक हवाई लड़ाई में एक बड़ा मोड़ बताया है।

उन्होंने X-गार्ड को ‘अब तक का सबसे बेहतरीन स्पूफिंग और धोखा देने वाला सिस्टम’ कहा। उनका मानना है कि इस तकनीक ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के नियम ही बदल दिए हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय राफेल को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तान ने चीनी PL-15E एयर-टू-एयर मिसाइलें और J-10C फाइटर जेट्स तैनात किए थे।

लेकिन X-गार्ड ने इन मिसाइलों और रडार सिस्टम को धोखा देकर उन्हें असली विमान के बजाय डिकॉय पर निशाना लगाने पर मजबूर कर दिया। PL-15E मिसाइल, जो कि चीन की PL-15 का एक निर्यात वर्जन है, उसमें अत्याधुनिक स्पूफिंग रेजिस्टेंस नहीं है। यानी वह ऐसी तकनीकों को चकमा नहीं दे सकती।

इसलिए वह X-गार्ड के नकली सिग्नल से भ्रमित हो गई। संभवतः J-10C के KLJ-7A AESA रडार को भी यह लगा कि उन्होंने असली राफेल को लॉक किया है, जबकि वह डिकॉय था।

पाकिस्तान की सेना ने जिन डिकॉय सिस्टम को गिराया, उन्हें असली राफेल मान लिया और खूब शोर मचाया कि उन्होंने 4-5 भारतीय फाइटर जेट मार गिराए। लेकिन जब उनसे सबूत माँगे गए तो पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का जवाब था, ‘ये सब सोशल मीडिया पर है।’

एक्स-गार्ड के अलावा भारतीय डिकॉय ड्रोन ने भी अहम भूमिका निभाई। ये ड्रोन ऐसे हीट सिग्नेचर (गर्मी के निशान) बनाते हैं जैसे कि असली फाइटर जेट बनाते हैं। इससे पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम और भी ज्यादा भ्रमित हो गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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