Homeराजनीतिकभी ना, कभी हाँ: 78 साल के शरद पवार फिर से लोकसभा चुनाव लड़ने...

कभी ना, कभी हाँ: 78 साल के शरद पवार फिर से लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार!

शरद पवार लोकसभा चुनाव में लड़ने के लिए खड़े होते हैं तो वे सोलापुर जिले के माढा गाँव की सीट पर ही चुनाव लड़ेंगे। साल 2009 में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने इसी क्षेत्र से चुनावों में जीत हासिल की थी।

2018 में एक रैली के दौरान चुनाव लड़ने से मना करने वाले एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने संकेत दिए हैं कि वो 2019 लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। यह फै़सला उन्होंने शुक्रवार (फरवरी 8, 2019) राज्य स्तरीय मीटिंग के बाद लिया है।

78 साल के हो चुके शरद पवार ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए 10 सीटों का लक्ष्य रखा है। बता दें कि अगर शरद पवार लोकसभा चुनाव में लड़ने के लिए खड़े होते हैं तो वे माढा संसदीय सीट पर ही चुनाव लड़ेंगे। साल 2009 में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने इसी क्षेत्र से चुनावों में जीत हासिल की थी। फिलहाल, यहाँ के सांसद अभी मोहिते पाटिल हैं।

पुणे में 3 घंटे से ज्यादा देर तक चली एक मीटिंग के बाद शरद पवार के दोबारा चुनाव लड़ने का फ़ैसला लिया गया। पवार ने एनसीपी की इस राज्य स्तरीय मीटिंग के बाद कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता और माढ़ा के सांसद विजय सिंह मोहिते पाटिल भी चाहते हैं कि वे चुनाव लड़ें।

शरद पवार ने कहा कि पार्टी के सब लोगों का कहना है कि वो उनका कहना मानेंगे। इसलिए उन्हें खुद भी कार्यकर्ताओं के फैसले को मानते हुए चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि वो इस बारे में सबको सोचकर सूचित करेंगे।

बता दें कि इस मीटिंग में शरद पवार, एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील, छगन भुजबल और माढ़ा चुनाव क्षेत्र के सांसद विजयसिंह मोहीते पाटील मौजूद थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

तारातला में गिरे गोदाम ने खोली TMC के भ्रष्टाचार की पोल, CM बोले- तृणमूल के पापों का फल: जानें- कैसे कोलकाता में बने 3000...

यह दर्दनाक हादसा कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पूर्व TMC सरकार के कार्यकाल में फले-फूले 'सिंडिकेट राज' और भ्रष्टाचार का सीधा नतीजा है।

फिर याद आया आपातकाल… 51 साल बाद भी नहीं बदली कॉन्ग्रेस की मानसिकता, हिमाचल में गड़बड़ी पर सवाल पूछे तो ब्लॉक करा दी News4Himalayan...

‘गोदी मीडिया’ बोलने वाली कॉन्ग्रेस अब सवाल पूछने पर मीडिया को कर रही बैन। हिमाचल में News4Himalayan पर कार्रवाई से उठे सवाल।
- विज्ञापन -