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छिन सकती है इमरान खान की कुर्सी: Pak PM कितना नेक और ईमानदार है, यह तय करेगा लाहौर हाईकोर्ट

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के खिलाफ लाहौर के हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में इमरान खान को नेक और ईमानदार नहीं होने का आरोप लगाते हुए अयोग्य करार देने की माँग की गई है।

बालाकोट में भारतीय वायु सेना की तरफ से किए गए एयर स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तानी पीएम इमरान खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। इसी बीच अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे इमरान खान की प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के खिलाफ लाहौर के हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में इमरान खान पर नेक और ईमानदार (सादिक़ और अमीन) नहीं होने का आरोप लगाते हुए अयोग्य करार देने की माँग की गई है।

याचिका में कहा गया है कि इमरान खान ने पिछले साल यानी 2018 में हुए आम चुनाव के दौरान नामांकन पत्र में एक बेटी के पिता होने की खबर छिपाई थी। लाहौर हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया है और सोमवार दिनांक 11 मार्च को इस पर सुनवाई होगी।

दायर की गई याचिका में माँग की गई है कि पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए इमरान खान को अयोग्य घोषित किया जाए, क्योंकि पाक संविधान के तहत संसद का सदस्य बनने की पूर्व शर्त होती है कि व्यक्ति ‘सादिक़ और अमीन’ यानी कि ईमानदार और नेक हो।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक याचिका में दावा किया गया है कि इमरान खान ने 2018 के आम चुनाव में जो नामांकन पत्र दाखिल किया था, उसमें उन्होंने अपनी कथित बेटी टायरियन जेड खान वाइट के बारे में जानकारी नहीं दी थी। बता दें कि टायरियन जेड खान, इमरान खान की पूर्व पार्टनर ऐना लूसिया वाइट की बेटी हैं और ऐसा कहा जाता है कि टायरियन इमरान खान की ही बेटी है। इसी को लेकर याचिका में संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के तहत इमरान को पाकिस्तानी सांसद के लिए अयोग्य घोषित करने की माँग की गई है।

हालाँकि इससे पहले जनवरी में भी इस्लामाबाद हाई कोर्ट में ऐसी ही एक याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने ये कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह व्यक्तिगत मामला है और इस पर विचार नहींं किया जा सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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