‘मेरे घर के बाहर गांजा मत पिओ’ – सिर्फ इतनी सी बात पर मंगरू की हत्या: साजिद, आज़म और रमज़ान गिरफ़्तार

आरोपितों ने पुलिस के सामने यह स्वीकार भी कर लिया कि बहस के दौरान उन्होंने मंगरू पाहन के पेट में छुरा घोंपा था। इस मामले में पुलिस ने कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है।

एक चौंकाने वाली घटना में, झारखंड के आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मंगरू पाहन (30 वर्ष) की 21 जून की रात चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। हत्या तो अमूमन हर दिन होती है लेकिन यह घटना चौंकाने वाली इसलिए है क्योंकि जिस कारण से हत्या की गई, वह अमूमन नहीं होती। हत्या की वजह थी – अपने घर के सामने गांजा पीने से मना करना। यह मनाही गांजा पी रहे तीन लोगों को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने घर के मालिक की हत्या कर दी।

दैनिक भास्कर की ख़बर के अनुसार, मोहम्मद साज़िद उर्फ़ ​​छोटू, आज़म अंसारी उर्फ़ ​​बाबू और रमज़ान अंसारी उर्फ़ ​​चुटरी को इस हत्या के आरोपित के तौर पर गिरफ़्तार किया गया है। इस मामले में पुलिस ने कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है।

आरोपितों ने पुलिस के सामने यह स्वीकार भी कर लिया कि बहस के दौरान उसने मंगरू पाहन के पेट में छुरा घोंपा था।

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मंगरू पाहन, जो अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ जीवयापन कर रहा था। वो कडरू इलाक़े में सरना टोली का निवासी था। पाहन, एक मजदूर के रूप में अपनी ज़िंदगी जी रहे थे, परिवार पाल रहे थे। घटना वाली रात लगभग 9 बजे के आसपास तीनों आरोपित अपने दोस्तों के साथ कडरू के सरना टोली में मंगरू के घर के बाहर गांजा पी रहे थे। मंगरू ने विनम्रतापूर्वक उन तीनों से उसके घर के बाहर गांजा न पीने का अनुरोध किया। लेकिन, उन तीनों में से एक को मंगरू की बात इतनी नागवार गुज़री कि उसने ग़ुस्से में मंगरू के पेट में छुरा घोंप दिया और वहाँ से भाग गया।

मंगरू के रिश्तेदार ने इस घटना को याद करते हुए बताया:

“वे (मंगरू) घर से बाहर आए (जहाँ एक पेड़ है) वहाँ तीनों आरोपित गांजा पी रहे थे। इस पर मंगरू ने आपत्ति जताई। उनसे कहा कि आप रेलवे स्टेशन जा सकते हैं, जहाँ लोग नहीं हैं। लेकिन, उन्होंने (आरोपितों) बहस की और फिर उनमें से एक ने उन्हें (मंगरू) चाकू मार दिया।”

मंगरू के रिश्तेदारों ने पुष्टि की, “हम उन्हें रिम्स (राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) ले गए, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।”

गांजा पीने पर आपत्ति को लेकर पिछले साल भी ऐसी ही घटना में वसीम ने संतोष को मार दिया था (सौजन्य:द हिन्दू)

पिछले साल, इसी तरह की एक घटना में, संतोष नाम के एक व्यक्ति को वसीम द्वारा मार दिया गया था क्योंकि उसने गांजा पीने पर आपत्ति जताई थी। संतोष भाजपा के सदस्य थे और वसीम कथित तौर पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता का बेटा था। हमले के गवाह रहे 27 वर्षीय अशोक ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा था कि संतोष ने मुख्य आरोपित वसीम के गांजा पीने पर आपत्ति जताई थी।

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