Thursday, February 22, 2024
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EVM पर एक ही पार्टी के चाचा-भतीजे में 36 का आँकड़ा: अजित ने जताया पूरा विश्वास, पवार बता रहे ‘बकवास’

शरद पवार ने फरवरी में एक बड़ी घोषणा करते हुए लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भतीजे अजीत पवार का नाम न देकर बेटी सुप्रिया सुले का नाम दिया था। चाचा-भतीजे के इस रिश्ते को लेकर...

अन्य विपक्षी दल के नेताओं की तरह नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले और उनके भतीजे अजित पवार ने ईवीएम पर अपनी अलग-अलग राय दी है। एक ओर जहाँ शरद पवार और उनकी बेटी को लगता है कि ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ की जा रही है वहीं उनके भतीजे अजित का कहना है कि यदि ईवीएम के सााथ छेड़खानी मुमकिन होती तो भाजपा 5 राज्यों में चुनाव नहीं हारती।

गौरतलब है कि ईवीएम से छेड़खानी मामले को लेकर पिछले महीने शरद पवार ने कई विपक्षी दलों के साथ मिलकर मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस कॉन्फ्रेंस में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, टीएमसी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेताओं ने ईवीएम के साथ छेड़खानी पर संदेह जताया था। लेकिन अजित के मुताबिक ऐसा नहीं है।

नवभारत टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अजित पवार का कहना है, “कई लोगों को ईवीएम पर संदेह है। उन्हें लगता है कि इसके साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। मुझे ऐसा नहीं लगता है, लेकिन ये लोग ऐसा कहते रहते हैं। अगर ऐसा होता, तो वे (बीजेपी) 5 राज्यों में चुनाव नहीं हारते।”

यह पहली बार नहीं है जब अजित ने अपने चाचा (शरद पवार) के बयान के विपरीत जाकर ईवीएम का बचाव किया हो। गत वर्ष 30 अक्टूबर को मीडिया से हुई बातचीत में भी अजित पवार ने बयान दिया था कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें इन मशीनों पर पूरा भरोसा है।

बता दें कि शरद पवार ने फरवरी महीने में एक बड़ी घोषणा करते हुए इन लोकसभा चुनावों के लिए भतीजे अजीत पवार का नाम न देकर बेटी सुप्रिया सुले का नाम दिया था। इन दौरान उन्होंने कहा था, ”अप्रैल-मई 2019 के बीच होने वाले 17वें लोकसभा चुनाव में इस बार उनके भतीजे अजित पवार की जगह वह और उनकी बेटी सुप्रिया सुले चुनाव लड़ेंगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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