Homeसोशल ट्रेंड'अपने लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिमों की गुंडागर्दी वाली घटना पर गंभीर चुप क्यों?' Twitter...

‘अपने लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिमों की गुंडागर्दी वाली घटना पर गंभीर चुप क्यों?’ Twitter पर लोग नाराज़

दिल्ली में वही कश्मीर वाला नज़ारा - पत्थरबाज़ी। मुस्लिम समुदाय के बच्चों से लेकर बड़ों तक ने पत्थर चला कर परिवहन को बाधित किया, कई घंटे तक ट्रैफिक जाम लगा रहा लेकिन सांसद गंभीर अब तक क्यों बने रहे 'गंभीर'?

सोशल मीडिया पर कई लोग पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर से नाराज़गी जता रहे हैं। लोगों की नाराज़गी की वजह है अपने ही लोकसभा क्षेत्र में हुई एक बड़ी घटना पर उनकी चुप्पी। लोग सिर्फ़ इसीलिए नहीं नाराज़ हैं क्योंकि गौतम ने इस घटना को लेकर कुछ नहीं बोला, लोग इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि गुरुग्राम की झूठे दावों वाली घटना पर बिना सच जाने त्वरित प्रतिक्रिया देकर असहिष्णुता और धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले गौतम गंभीर दिल्ली की इस घटना पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। वह ईस्ट दिल्ली के सांसद हैं। जहाँ यह घटना हुई, वह इलाक़ा भी ईस्ट दिल्ली में ही आता है।

सबसे पहले आपको बताते हैं कि घटना क्या है? दरअसल, दिल्ली में एक मस्जिद के पास से एक कार तेज़ी में गुजर गई। इतनी सी बात पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने न सिर्फ़ थाने का घेराव किया, बल्कि डीटीसी की बसों सहित कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त भी कर दिया। काफ़ी देर तक दिल्ली में वही कश्मीर वाला नज़ारा देखने को मिला, जहाँ पत्थरबाज़ी एक आम बात हो गई है। मुस्लिम समुदाय के बच्चों से लेकर बड़ों तक ने पत्थर चला कर परिवहन को बाधित किया, कई घंटे तक ट्रैफिक जाम लगा रहा और पुलिस द्वारा अमन कमिटी के पदाधिकारियों की मदद लेने के बाद स्थिति थोड़ी शांत हुई।

इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हुआ। इसमें साफ़-साफ़ देखा जा सकता है कि बेख़ौफ़ बदमाश कैसे सड़क पर बेवजह, अकारण और बिना कोई बात पत्थरबाज़ी कर रहे हैं। डीटीसी की बस को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। गौतम गंभीर अभी तक अपने लोकसभा क्षेत्र में हुई इस घटना से अनजान हैं, ऐसा ट्विटर पर कई लोगों का मानना है। वहीं कई लोगों का मानना है कि गुरुग्राम की घटना पर पीएम मोदी की ‘छपास और दिखास’ वाली सलाह भूल त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले गंभीर अभी जानबूझ कर अनजान बने हुए हैं।

आइए, संक्षेप में जान लेते हैं कि गुरुग्राम वाली घटना क्या थी और गंभीर उसमें कैसे उलझ गए। एक मुस्लिम युवक ने दावा किया कि “जय श्री राम” न बोलने पर उसकी पिटाई की गई। इसके बाद ‘डर का माहौल’ ब्रिगेड ने हंगामा शुरू कर दिया कि मोदी के दोबारा आने के बाद भारत अब मुस्लिमों के लिए और सुरक्षित नहीं रहा। बाद में पुलिस की छानबीन और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद पता चला कि न तो उक्त मुस्लिम युवक बरकत अली की इस्लामी स्कल कैप उछाली गई और न ही उसकी शर्ट फाड़ी गई। उसने झूठ बोला था। वह कोई ‘हेट क्राइम’ नहीं बल्कि ‘Mistaken Identity’ की घटना थी।

लेकिन, तब तक दो ट्वीट कर गंभीर भारत में निहित टॉलरेंस और सेकुलरिज्म का पाठ पढ़ा चुके थे। एक व्यक्ति ने दिल्ली की पत्थरबाज़ी घटना के बाद कहा कि गुरुग्राम वाली घटना पर बिना सच जाने टिप्पणी करने वाली गंभीर की उनके ख़ुद के लोकसभा क्षेत्र में हुई घटना को लेकर चुप्पी का राज़ क्या है?

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एयर इंडिया पायलट का दूसरा ड्रग टेस्ट भी निकला पॉजिटिव: फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में आखिर क्या हुआ था और अब आगे क्या होगा?

पायलट का कंफर्मेटरी टेस्ट पॉजिटिव आया है और सैंपल में गांजा होने की पुष्टि हुई है। हालाँकि, टेस्ट के सटीक विवरण का खुलासा होना शेष है।

कब्रें बेचीं, हिंदुओं की संपत्ति वक्फ की और डिलीट कर दीं फाइल्स: UP के शिया वक्फ बोर्ड में ₹1000 करोड़ के घोटाले का दावा,...

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन के मुताबिक, पूरा घोटाला 1000 करोड रुपए का है। इसमें कुछ हिंदू और कथित बेनामी संपत्तियों को भी वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज करने का मामला भी शामिल है।
- विज्ञापन -