Wednesday, October 21, 2020
Home विविध विषय अन्य 19 मुस्लिम देशों में महिलाओं की स्थिति दयनीय, Pak भी है लिस्ट में: विश्व...

19 मुस्लिम देशों में महिलाओं की स्थिति दयनीय, Pak भी है लिस्ट में: विश्व बैंक की रिपोर्ट

आश्चर्य होगा यह जानकर कि 21 देशों में महिला अधिकारों का औसत 50 से कम है। आपका आश्चर्य तब और बढ़ जाएगा जब इन 21 देशों में आप 19 ऐसे देशों को देखेंगे, जो मुस्लिम देश हैं।

महिलाओं की स्थिति और अधिकार को लेकर काफी समय से बातें चल रही हैं और साथ ही दावा भी किया जा रहा है कि अब महिलाएँ पुरूषों के बराबर हैं। मगर क्या वाकई में ऐसा है? क्या सच में महिलाओं को पुरूषों के बराबर अधिकार मिल रहा है? क्या वाकई में महिलाएँ पुरूषों की तरह स्वतंत्र है? इसका जवाब है- शायद नहीं।

महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के पूर्ण अधिकार की बात तो हमारा समाज काफी समय से करता आ रहा है। मगर सच्चाई तो यही है कि महिलाओं को आज भी पूर्ण अधिकार नहीं मिले हैं। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि दुनिया में सिर्फ छह ऐसे देश हैं, जहाँ महिलाओं को पूर्ण अधिकार मिला है। ऐसा विश्व बैंक की रिपोर्ट ‘वूमेन, बिजनेस एंड द लॉ 2019’ (Women, Business and the Law 2019) में कहा गया है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, लताविया, लक्समबर्ग और स्वीडन ऐसे देश हैं, जहाँ महिलाओं को पूर्ण अधिकार प्राप्त है। इस रिपोर्ट को देखकर ऐसा लगता है कि विश्व में लैंगिक समानता तो बढ़ रही है, मगर उसकी रफ्तार काफी धीमी है। ये अध्ययन इसलिए किया जाता है ताकि ये दिखाया जा सके कि कैसे कानूनी अड़चनें महिला रोजगार और महिला उद्यमिता की राह में रोड़ा बनी हुई हैं। इस वजह से उन्हें अपने करियर में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद उन्हें समान अवसर नहीं मिल पाते हैं।

लैंगिक समानता को लेकर किए गए अध्ययन में पूरी दुनिया का औसत 74.71 है। इसका मतलब यह है कि विश्वभर में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले मात्र 75 प्रतिशत अधिकार ही प्राप्त हैं। इसके विपरीत मिडिल ईस्ट और अफ्रीकी देशों को विश्व बैंक के अध्ययन में औसत 47.37 अंक ही हासिल हुए हैं। मतलब इस क्षेत्र में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले आधे से भी कम अधिकार प्राप्त हैं।

इस्लामिक देशों में हालात और बदतर

मीडिया में आई आम रिपोर्टों के अलावा विश्व बैंक की रिपोर्ट ‘वूमेन, बिजनेस एंड द लॉ 2019’ के डेटा को जब और खंगाला गया तो आश्चर्यजनक आँकड़े मिले। 36 पेजों के पीडीएफ में पेज नंबर 24 से पेज 30 तक हर एक देश का वहाँ की महिलाओं से संबंधित 8 आँकड़े दिए गए हैं। सबसे आखिरी कॉलम में महिलाओं की स्थिति का औसत दिया गया है। जिन देशों का औसत इस मामले में 50 से कम है, हमने उसे एक जगह किया है। आपको आश्चर्य होगा यह जानकर कि 21 देशों में महिला अधिकारों का औसत 50 से कम है। आपका आश्चर्य तब और बढ़ जाएगा जब इन 21 देशों में आप 19 ऐसे देशों को देखेंगे जो मुस्लिम देश हैं।

ये विश्लेषण महिलाओं के कहीं जाने, महिलाओं के नौकरी शुरू करने, वेतन मिलने, शादी करने, बच्चे पैदा करने, व्यवसाय चलाने, संपत्ति प्रबंधन और पेंशन प्राप्त करने के आधार पर किया गया है। हैरानी की बात तो ये भी है कि अध्ययन के दौरान ज्यादातर महिलाओं ने कुछ सवालों पर चुप्पी साध ली, जैसे- क्या उन्हें पुरुषों की तरह घर से बाहर आने-जाने अथवा यात्रा करने की आजादी है? और क्या उनके यहाँ का कानून वास्तव में घरेलू हिंसा से उनकी रक्षा करता है? महिलाओं की ये चुप्पी साफ दर्शाती है कि उन्हें इस तरह की आजादी बिल्कुल भी प्राप्त नहीं है।

आमतौर जब हम महिला अधिकारों के बारे में बात करते हैं तो हमें ऐसा लगता है कि विकसित देशों में महिलाओं को पुरूष के बराबर कानूनी अधिकार प्राप्त हैं, मगर ये सच नहीं है। बता दें कि अमेरिका को इस रिपोर्ट में 83.75 अंक दिया गया है। वहीं यूनाइटेड किंगडम को 97.5, जर्मनी को 91.88 और ऑस्ट्रेलिया को 96.88 अंक प्राप्त हुए हैं। अमेरिका तो लैंगिक समानता वाले टॉप 50 देशों में भी शामिल नहीं है।

आपको बता दें कि विश्व बैंक द्वारा लैंगिक समानता का ये अध्ययन भारत समेत 187 देशों में किया गया। जिसमें कई देश समान अंक पाने की वजह से एक ही पायदान पर हैं। अब बात अगर भारतीय उपमहाद्वीप की बात की जाए तो यहां पर पाकिस्तान की स्थिति सबसे खराब और दयनीय है। पाकिस्तान को महज 46.25 अंक मिला है। इस महाद्वीप में मालदीव 73.75 अंकों के साथ सबसे ऊपर (वैश्विक स्तर पर 33वें पायदान पर) है तो वहीं भारत 71.25 अंकों के साथ दूसरे नंबर (वैश्विक स्तर पर 37वें स्थान) पर है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

#Tweet4Bharat: राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर हिंदी श्रेणी में विजेताओं की सूची और उनको जीत दिलाने वाले ट्वीट थ्रेड्स यहाँ देखें

“#Tweet4Bharat” का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखने, चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए युवाओं को ‘ट्विटर थ्रेड्स’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना था।

क्या India Today का खेल खत्म? CBI ने TRP घोटाले में दर्ज की FIR: यूपी सरकार द्वारा की गई थी जाँच की सिफारिश

सीबीआई ने टीआरपी घोटाले की जाँच के लिए एक FIR दर्ज कर ली है। शुरुआत में इस मामले के संबंध में मुंबई पुलिस की FIR में इंडिया टुडे चैनल का नाम सामने आया था।

लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया, थोड़ी सी लापरवाही हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है: PM मोदी

"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"

BJP का गया दुर्ग कितना मजबूत, क्या लगातार 8वीं बार कामयाब रहेंगे प्रेम कुमार?

गया देश का सबसे गंदा शहर है। जाम, संकरी सड़कें शहर की पहचान हैं। बावजूद बीजेपी का यह दुर्ग क्यों अभेद्य दिख रहा?

‘परमबीर सिंह ने 26/11 मुंबई हमले के दौरान आतंकियों का मुकाबला करने से इनकार किया था’: पढ़िए उनका ‘काला-चिट्ठा’

2009 में 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के तुरंत बाद हमले के दौरान कर्तव्य की लापरवाही के आरोप में परमबीर सिंह और तीन अन्य अतिरिक्त पुलिस कमिश्नरों के खिलाफ याचिका दायर की गई थी।

पूर्व PM मनमोहन के सलाहकार व NDTV पत्रकार ने फैलाया झूठ, कहा- चीन से भारत में होने वाला आयात 27% बढ़ा

NDTV के मैनेजिंग एडिटर रहे पंकज पचौरी को डॉक्टर मनमोहन सिंह ने जनवरी 2012 में अपना मीडिया सलाहकार नियुक्त किया था।

प्रचलित ख़बरें

मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

हिन्दुओं की हत्या पर मौन रहने वाले हिन्दू ‘फ़्रांस की जनता’ होना कब सीखेंगे?

हमें वे तस्वीरें देखनी चाहिए जो फ्रांस की घटना के पश्चात विभिन्न शहरों में दिखती हैं। सैकड़ों की सँख्या में फ्रांसीसी नागरिक सड़कों पर उतरे यह कहते हुए - "हम भयभीत नहीं हैं।"

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

ऐसे मुस्लिमों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए, वहीं जाओ जहाँ ऐसी बर्बरता सामान्य है

जिनके लिए शिया भी काफिर हो चुका हो, अहमदिया भी, उनके लिए ईसाई तो सबसे पहला दुश्मन सदियों से रहा है। ये तो वो युद्ध है जो ये बीच में हार गए थे, लेकिन कहा तो यही जाता है कि वो तब तक लड़ते रहेंगे जब तक जीतेंगे नहीं, चाहे सौ साल लगे या हजार।

‘कश्मीर टाइम्स’ अख़बार का श्रीनगर ऑफिस सील, सरकारी सम्पत्तियों पर कर रखा था कब्ज़ा

2 महीने पहले कश्मीर टाइम्स की एडिटर अनुराधा भसीन को भी उनका आधिकारिक निवास खाली करने को कहा गया था।

शिक्षक का गला रेतने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों के विरुद्ध फ्रांस का सख्त एक्शन: 231 कट्टरपंथी किए जाएँगे देश से बाहर

एफ़एसपीआरटी की रिपोर्ट के अनुसार 231 विदेशी नागरिकों में से 180 कारावास में कैद हैं। इसके अलावा बचे हुए 51 को अगले कुछ घंटों में गिरफ्तार किया जाना था।
- विज्ञापन -

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

#Tweet4Bharat: राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर हिंदी श्रेणी में विजेताओं की सूची और उनको जीत दिलाने वाले ट्वीट थ्रेड्स यहाँ देखें

“#Tweet4Bharat” का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखने, चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए युवाओं को ‘ट्विटर थ्रेड्स’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना था।

क्या India Today का खेल खत्म? CBI ने TRP घोटाले में दर्ज की FIR: यूपी सरकार द्वारा की गई थी जाँच की सिफारिश

सीबीआई ने टीआरपी घोटाले की जाँच के लिए एक FIR दर्ज कर ली है। शुरुआत में इस मामले के संबंध में मुंबई पुलिस की FIR में इंडिया टुडे चैनल का नाम सामने आया था।

हाथरस कांड में CBI जाँच तेज: अलीगढ़ JNMC के डॉ. मो अजीमुद्दीन और डॉ. उबेद इम्तियाज टर्मिनेट, रेप सैंपल पर दी थी राय

अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में काम कर रहे दो डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट कर दिया गया है। हाथरस रेप पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट किए जाने से पहले उसकी इसी अस्पताल में इलाज हुई थी।

‘माफिया ऑन बेड रेस्ट’: मुख्तार अंसारी को लेने गई UP पुलिस को पंजाब से आना पड़ा खाली हाथ, कहा- 3 महीने आराम की मिली...

इससे पहले भी कई बार यूपी पुलिस पंजाब जाकर मुख्तार अंसारी को प्रदेश लाने की कोशिश करती रही है। हालाँकि हर बार वह बहाने बना कर बच गया ।

लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया, थोड़ी सी लापरवाही हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है: PM मोदी

"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"

DDLJ से लेकर IPL तक: PM मोदी के आज शाम 6 बजे के राष्ट्र के नाम संबोधन पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट्स

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि पीएम मोदी इस बार को IPL में चेन्नई सुपर किंग्स पर पैसा लगा कर हारने वालों के लिए विशेष पैकेज का ऐलान करेंगे।

पेरिस: फ़्रांस ने की मृतक शिक्षक को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ला लिगियन डी ऑनर’ देने की घोषणा

पेरिस में आतंकी घटना में जान गँवाने वाले 47 वर्षीय इतिहास के शिक्षक सैमुअल पैटी को फ्रांस ने अपना सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार देने का फैसला किया है।

BJP का गया दुर्ग कितना मजबूत, क्या लगातार 8वीं बार कामयाब रहेंगे प्रेम कुमार?

गया देश का सबसे गंदा शहर है। जाम, संकरी सड़कें शहर की पहचान हैं। बावजूद बीजेपी का यह दुर्ग क्यों अभेद्य दिख रहा?

बेंगलुरु दंगे के आरोपितों की रिहाई के लिए जज को भेजा विस्फोटक से भरा पार्सल, पत्र में की ‘बेगुनाह’ छोड़ने की माँग

ड्रग्स के एक मामले की सुनवाई कर रहे एक न्यायाधीश को बेंगलुरु में दो धमकी भरे पत्रों के साथ एक विस्फोटक सामग्री वाला पार्सल मिला।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
78,908FollowersFollow
335,000SubscribersSubscribe