Friday, October 2, 2020
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भारत इन ‘पाक कलाकारों’ को कितनी ही ऊँचाई पर क्यों न पहुँचा दे, लेकिन ये रहेंगे पाकिस्तानी ही!

आतिफ अपने पोस्ट में लिखते हैं, “इसके साथ ही मैं कश्मीरियों के साथ हो रही हिंसा और उत्पीड़न की भी निंदा करता हूँ। अल्लाह कश्मीर और पूरी दुनिया के मासूमों की रक्षा करे।”

पुलवामा हमले पर चुप्पी साध लेने वाले पाकिस्तानी कलाकार जिस तरह IAF द्वारा बालाकोट पर की गई कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर भारत को नैतिकता का पाठ पढ़ाने लगे थे, ठीक उसी तरह वह जम्मू-कश्मीर पर फैसला आने के बाद सक्रिय हुए हैं। इस सूची में आतिफ असलम, वीना मलिक, माहिरा खान जैसे कलाकारों के नाम शामिल हैं।

ये वह लोग हैं जिन्होंने नाम और शोहरत भारत से कमाई लेकिन जब बात अपने मुल्क की आई तो कर्मभूमि पर शब्दों से हमला करने से ये नहीं चूँके।

आतिफ असलम

आतिफ असलम आज पाकिस्तानी गायकों में से वो नाम है जिन्हें भारत में शोहरत मिली और पाकिस्तान समेत पूरे विश्व ने उन्हें उनके फन के कारण सराहा। लेकिन जब बात कश्मीर की आई तो उनसे निष्पक्ष नहीं रहा गया। आतिफ ने अपने हज जाने की खुशी को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, “कुछ बड़ा आप लोगों के साथ शेयर करते हुए खुशी हो रही है। इंशाअल्लाह, मैं जल्द ही अपनी जिंदगी के सबसे जरूरी सफर पर निकलने वाला हूँ। हज पर जाने से पहले मैं सभी से माफी माँगता हूँ, चाहे वह मेरे फैन्स हों, परिवार हो या दोस्त हों। अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है तो माफ कर दें। कृपया दुआओं में मुझे याद रखें।”

आतिफ असलम के पोस्ट का स्क्रीनशॉठ

यहाँ तक बात ठीक थी लेकिन आगे आतिफ अपने पोस्ट में लिखते हैं, “इसके साथ ही मैं कश्मीरियों के साथ हो रही हिंसा और उत्पीड़न की भी निंदा करता हूँ। अल्लाह कश्मीर और पूरी दुनिया के मासूमों की रक्षा करे।”

जिसपर सोचने वाली बात है कि उन्होंने अपनी खुशी को जाहिर करते हुए ट्वीट में कश्मीर में हो रही कौन सी हिंसा की बात की है? उन्होंने अपने ट्वीट में कैसे उत्पीड़न का जिक्र किया है? अगर उन्होंने अपनी ये दुआ 370 के पावर के खत्म होने के कारण की है तो उन्हें जानने की जरूरत है जिस हिंसा की तस्वीर वो अपनी कल्पनाओं में कर रहे है उससे निजात पाने के लिए भारत सरकार ने ये ऐतिहासिक फैसला लिया है। कश्मीर में हिंसा हो रही थी, लेकिन उसके लिए भी उनका मुल्क जिम्मेदार था। जहाँ सालों से आतंकवाद पलता आया है।

वीना मलिक

बिग बॉस में वीणा मलिक की झलक

भारतीय रिएलिटी शो बिग बॉस में अपनी ओवर एक्टिंग और अश्मित पटेल के साथ संबंधों को लेकर सुर्खियों में आई पाकिस्तान की वीणा मलिक सोशल मीडिया पर बिना किसी जानकारी के अफवाह फैलाने के लिए लिखतीं हैं, “भारत ने क्लस्टर बम का प्रयोग करके और कश्मीरियों के खिलाफ सैन्य बल का उपयोग करते हुए सभी अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। 70 साल से भारत कश्मीरियों को दबाने में नाकाम रहा है…” हालाँकि, उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय यूजर्स ने उन्हें जमकर सुनाया और बताया कि वो आज भी ‘कश्मीर’ की रट्ट लगाए हुए है जबकि वास्तविकता में वह ‘जम्मू-कश्मीर’ है।

किसी ने उनके इस ज्ञान पर उन्हें यहाँ तक बोला कि पाकिस्तानी नागरिकता पाने के लिए सबसे महत्तवपूर्ण चीज है कि उनकी बातों में लॉजिक गायब रहे, जैसे वीणा के ट्वीट से गायब था। क्योंकि भारतीय सेना द्वारा कभी भी पाकिस्तान पर या कश्मीरी लोगों पर क्लस्टर बम का इस्तेमाल नहीं किया गया।

वीना के इस पोस्ट के कारण वह इस समय सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल रही है। लोग उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे है कि वे कॉपी-पेस्ट करने से पहले अपने लिखे का मतलब समझती तो ठीक रहता।

क्योंकि अगर भारत ने वाकई क्लस्टर बमों का प्रयोग किया होता तो पाकिस्तान के हिस्से जो इस समय कश्मीर है वो भी नहीं होता।

अपने इस ट्वीट से पहले वीना मलिक एक और ट्वीट को लेकर ट्रोल हुईं थी, जिसमें उन्होंने भारतीय सुरक्षाबलों को अपमानित करते हुए लिखा था, “भारतीय बलों द्वारा कश्मीरी लोगों की दुर्दशा और उन पर किए गए अत्याचार के लिए यह संदेश फैलाना जरूरी है। पाकिस्तान कश्मीरी लोगों को नैतिक, राजनैतिक और कूटनीतिक समर्थन देता है जो आज भी अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।”

खैर, दुख इस बात का नहीं है कि ये लोग भारत से नाम कमाकर भी पाकिस्तान के कश्मीर को अपना मानने वाले अजेंडे में भागीदार बने हुए हैं, दुख इस चीज का है कि हमारे देश में बैठे महेश भट्ट जैसे कुछ तथाकथित उदारवादी लोग इतने सब के बावजूद भी इनके समर्थन में उतरेंगे और कलाकार का कोई धर्म नहीं होता, वे सीमा में बँधे नहीं होते जैसे तर्क देंगे। फिर चाहे ये पाकिस्तानी कलाकार खुलेआम ही अपने सोशल मीडिया अकॉउंट पर ‘INDIA SUCKS’ जैसे ट्वीट क्यों न करें और खुलेआम ये क्यों न कहें कि वो हमेशा सबसे पहले ‘मुस्लिम’ रहेंगे।

माहिरा खान

आतिफ और वीणा के अलावा इस सूची में एक नाम माहिरा खान का भी है, जो बॉलीवुड के किंग खान के साथ ‘रईस’ फिल्म में काम करके एक जाना-पहचाना चेहरा बनीं, लेकिन केंद्र सरकार के फैसले के बाद इन्होंने भी बता दिया कि उनके लिए कर्मभूमि से पहले जन्मभूमि द्वारा चलाया अजेंडा महत्तवपूर्ण है। जिसको आगे बढ़ाने के लिए वह बेहद मार्मिक लहजे में दुनिया के समक्ष कश्मीर को जलता हुआ बताती हैं। 370 के प्रभाव खत्म होने के बाद माहिरा लिखती हैं, “क्या हमने पूरी तरह उन चीज़ों को भुला दिया है जिनके बारे में हम बात नहीं करना चाहते हैं? लेकिन ये सिर्फ़ रेत पर खिंची लकीरें नहीं है, ये मासूम लोगों के मारे जाने का सवाल है। जन्नत (कश्मीर) जल रही है और हम ख़ामोशी से रो रहे हैं।”

हैरानी है आज 370 आर्टिकल की कैद से आजाद हुए जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान के ये जाति-धर्म से उठे लेकिन कट्टरपंथी मानसिकता में जकड़े हुए लोग जलता हुआ बता रहे है। सालों से भारत सरकार द्वारा किए जा रहे आभासी अत्याचारों की उलाहना दे रहे हैं। लेकिन एक भी बार पाकिस्तान के उस समुदाय पर सवाल नहीं उठा रहे, जो खुद अपने देश के मोहाजिर, बलूच, पश्‍तून और हजारा समुदाय के लोगों को उनके अधिकार नहीं दे देता। जिसके कारण आज अमेरिका में स्थित प्रवासी मोहाजिरों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह ‘वॉयस ऑफ कराची’ के नाम पर ग्रेटर कश्मीर की माँग करनी पड़ रही है। जिनका खुलेआम कहना है, “पाकिस्‍तान को तब तक कश्‍मीरियों के हक के लिए बोलने का कोई अधिकार नहीं है, जब तक कि वह खुद अपने यहाँ मुहाजिर, बलूच, पश्‍तून और हजारा समुदाय के लोगों को उनके अधिकार नहीं दे देता। “

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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