Saturday, March 2, 2024
Homeसोशल ट्रेंड'2020 का सबसे बेहतर क्षण': डल झील में कुछ जिंदगियाँ डूबने को थी, इस्लामी...

‘2020 का सबसे बेहतर क्षण’: डल झील में कुछ जिंदगियाँ डूबने को थी, इस्लामी कट्टरपंथी और पाकिस्तानी मना रहे थे जश्न

एक कट्टरपंथी ने ट्विटर पर 'डल झील में भाजपा की डूबती नैया' बताते हुए इस घटना की तस्वीर पोस्ट की। इरफ़ान नाम के व्यक्ति ने इसकी तस्वीरें डालते हुए लिखा कि मैं आपकी टाइमलाइन को शुभ कर रहा हूँ, अनुराग ठाकुर की रैली से लौटते समय भाजपा कार्यकर्ताओं की नाव डूब गई।

वामपंथी और इस्लामी कट्टरपंथी अक्सर हिंसा और त्रासदी पीड़ितों का भी मजाक बनाते हैं। खासकर, पीड़ित उनके विरोधी खेमे के हों। जम्मू-कश्मीर की भी एक ऐसी ही घटना को लेकर उन्होंने जम कर हँसी-मजाक किया। दरअसल, हुआ यूँ कि डल झील में पत्रकारों और भाजपा कार्यकर्ताओं को ले जा रही एक नाव पलट गई, जिस पर तरह-तरह के चुटकुले बनाए गए।

जम्मू-कश्मीर में फ़िलहाल DDC का चुनाव चल रहा है और 6 चरणों का मतदान समाप्त हो चुका है। ‘गुपकार गैंग’ के खिलाफ भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई है। नाव में बैठे पत्रकार और भाजपा कार्यकर्ता पार्टी की एक रैली के लिए गए थे। वे रैली में से लौट रहे थे, तभी श्रीनगर स्थित डल झील में उनकी नाव पलट गई। इसके बाद किसी तरह से नाव पर सवार लोगों को पानी में डूबने से बचाया गया।

इस रैली में मुख्य रूप से केंद्रीय वित्त एवं वाणिज्य राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर उपस्थित थे, जिनके साथ भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन और राज्य भाजपा के प्रभारी तरुण चुग ने शिरकत की। जो नाव पलटी, उसमें कुछ वीडियो जर्नलिस्ट्स और भाजपा कार्यकर्ता बैठे हुए थे। मौके पर मौजूद लोगों ने सभी को बचा लिया। कुछ पत्रकारों के कैमरे क्षतिग्रस्त हो गए। ये घटना डल झील की घाट संख्या 17 के पास हुई।

एक कट्टरपंथी ने ट्विटर पर ‘डल झील में भाजपा की डूबती नैया’ बताते हुए इस घटना की तस्वीर पोस्ट की। इरफ़ान नाम के व्यक्ति ने इसकी तस्वीरें डालते हुए लिखा कि मैं आपकी टाइमलाइन को शुभ कर रहा हूँ, अनुराग ठाकुर की रैली से लौटते समय भाजपा कार्यकर्ताओं की नाव डूब गई। समर नामक यूजर ने तंज कसा कि अब तो डल झील भी देशद्रोही हो गई है। उसने लिखा, “चलो, 2020 में कुछ तो अच्छा हुआ।”

वहीं पाकिस्तानी भी इस घटना को लेकर ‘जश्न’ मनाने में पीछे नहीं रहे। एक पाकिस्तानी महिला ने लिखा कि ‘भारत अधिकृत कश्मीर’ में भाजपा नेताओं की नाव डूब गई। साथ ही उसने ‘उलटी करने वाला इमोजी’ डाल कर दावा किया कि इनके पानी में गिरने से अब डल झील भी प्रदूषित हो गया है। इसी घटना के दौरान एक महिला को बचाते हुए एक व्यक्ति की तस्वीर शेयर कर आदिम नामक यूजर ने लिखा कि भाजपा वाले ‘Titanic’ फिल्म का क्लाइमेक्स रिक्रिएट कर रहे हैं।

उसने लाफिंग इमोजी पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं भी श्रीनगर से ही हूँ, लेकिन अफ़सोस कि ये नजारा लाइव नहीं देख पाया।” खुद को फोटो जर्नलिस्ट्स बताने वाले जुनैद ने लिखा कि भाजपा की शिकार रैली के दौरान ‘शिकारा ही पंडुक बन गया।’ खुद को अमेरिकी-कश्मीरी बताने वाले आफ़ाक़ ने लिखा कि ये ‘इस वर्ष का सबसे बेहतर क्षण’ है, जब पानी ने ‘भाजपा के खिलाफ बगावत कर दी।’ कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने भी इस तस्वीर को शेयर किया।

वहीं जम्मू-कश्मीर की पार्टी PDP के नेता नजमु साकिब ने दावा किया कि डल झील में आयातित कमल के फूल नहीं खिलते हैं। जम्मू-कश्मीर में जहाँ 31 सीटों के लिए जिला परिषद का चुनाव हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ 334 पंच और 77 सरपंच पदों के लिए भी चुनाव चल रहे हैं। 28 नवंबर से शुरू हुआ 8 फेज का ये चुनाव 19 दिसम्बर को खत्म होगा। अनुचहेड-370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद ये पहला बड़ा चुनाव है।

इसी तरह से लिबरल गिरोह ने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का भी जश्न मनाया था। पश्चिम बंगाल में गुंडों द्वारा किए गए हमले के बाद भाजपा जनता युवा मोर्चा (BJYM) के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने ‘नहीं डरेंगे’ का नारा लगाया, इस दौरान बमबारी होती रही। इसके बावजूद तथाकथित कॉमेडियन कुणाल कामरा ने इस घटना का मजाक उड़ाया। कुणाल कामरा ने इसकी तुलना माउंटेन ड्यू के एडवर्टाइजमेंट से कर दी थी, जिसमें ‘डर के आगे जीत है’ वाला स्लोगन दिया गया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बिना बुर्का के थाने क्यों ले गई पुलिस, उन पर एक्शन लो’: दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की मुस्लिम महिला की याचिका, कहा – सुरक्षा...

रेशमा का कहना है कि पुलिस पहले से जानती थी कि वह बुर्कानशीं महिला है लेकिन उसे पर्दा करने का भी टाइम नहीं दिया गया।

बेंगलुरु रामेश्वरम कैफे बम ब्लास्ट में पुलिस ने एक को दबोचा, CCTV फुटेज से सामने आई थी संदिग्ध की तस्वीर: माँ के फोन से...

बेंगलुरु ब्लास्ट के बाद UAPA एक्ट के तहत केस दर्ज। इडली रवा खाने के बहाने रखा बम। एक संदिग्ध पुलिस की हिरासत में, चल रही पूछताछ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
418,000SubscribersSubscribe