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बहन का, बेटी का, दामाद का… सबका ख्याल रखा नेहरू ने: कॉन्ग्रेस ने विजय लक्ष्मी पंडित पर किया ट्वीट, लोग टूट पड़े

"नेहरू को अपनी बहन की बेटी को और उनके ससुराल वालों को भी अपनी सरकार में रखना चाहिए था, ताकि बाद में वो कह पाते कि कैसे उन्होंने अपने परिवार के सभी सदस्यों को सरकार में रखा हुआ था।"

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बहन विजय लक्ष्मी पंडित की मंगलवार (अगस्त 18, 2020) को जयंती है। कॉन्ग्रेस ने उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि प्री-इंडिपेंडेंट भारत में कैबिनेट पोस्ट रखने वाली एकमात्र भारतीय महिला थीं, जो बाद में संविधान सभा की सदस्य बनीं। सोशल मीडिया में लोगों ने इसे नेपोटिज्म के पुराने उदाहरणों में से एक बताया।

ज्ञात हो कि सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के बाद नेपोटिज्म के खिलाफ अभियान जोरों पर है और इसका खामियाजा महेश भट्ट की ‘सड़क-2’ के ट्रेलर को भी भुगतना पड़ा, जिसने डिस्लाइक का रिकॉर्ड बनाया। इसी क्रम में लोग हर इंडस्ट्री में नेपोटिज्म के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अब जब कॉन्ग्रेस ने विजय लक्ष्मी पंडित को याद किया तो ये डिबेट फिर से शुरू हो गया क्योंकि पार्टी वंशवादी राजनीति के लिए ही जानी जाती है।

एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि विजय लक्ष्मी पंडित प्री-इंडिपेंडेंट इंडिया में कैबिनेट पोस्ट रखने वाली एकमात्र भारतीय महिला थीं और वो जवाहरलाल नेहरू की बहन थीं। उसने लिखा कि कॉन्ग्रेस का नेपोटिज्म तो आधुनिक भारतीय गणराज्य से भी ज्यादा पुराना है। बता दें कि जवाहरलाल नेहरू और उनके पिता मोतीलाल नेहरू कॉन्ग्रेस अध्यक्ष रह चुके थे। दोनों ही बड़े वकील भी थे और अमीर खानदान से आते थे।

एक ट्विटर यूजर ने पूछा कि विजय लक्ष्मी पंडित कौन हैं? जिसके बाद उसने जवाब देते हुए लिखा कि वो नेहरू की बहन थी। आक्रोशित ट्विटर यूजर ने लिखा कि नेहरू को अपनी बहन की बेटी को और उनके ससुराल वालों को भी अपनी सरकार में रखना चाहिए था, ताकि बाद में वो कह पाते कि कैसे उन्होंने अपने परिवार के सभी सदस्यों को सरकार में रखा हुआ था। उसने लिखा कि वंशवादी दीमक की तरह होते हैं, जो देश को अंदर से खोखला करते जाते हैं।

एक ट्विटर यूजर ने तो इसे नेपोटिज्म 1.0 नाम दे दिया। वहीं एक ट्विटर यूजर दिव्या ने लिखा कि ये भारत में नेपोटिज्म का सबसे बेशर्म उदाहरण था। लोगों ने विजय लक्ष्मी पंडित को नेपोटिज्म का प्रोडक्ट बताया। एक ने ध्यान दिलाया कि मोतीलाल से लेकर जवाहरलाल, विजय, इंदिरा, राजीव, संजय, सोनिया और राहुल तक – कॉन्ग्रेस के ‘प्रथम परिवार’ से ज्यादा नेपोटिज्म का बेशर्म उदाहरण और कहीं नहीं मिलेगा।

राहुल नाम के एक ट्विटर यूजर ने नेहरू-गाँधी परिवार के सभी लोगों की तस्वीरों के साथ उनके सम्बन्ध और उनके पद के बारे में समझाया। कुछ लोगों ने इसीलिए भी कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा क्योंकि उसने अपनी ट्वीट में ये छिपाया कि वो नेहरू की बहन थीं। बता दें कि वो यूएन जनरल असेंबली की पहली महिला अध्यक्ष भी थीं। लोगों ने आरोप लगाया कि वो अंग्रेजों और ब्रिटिश को लेकर नरम रुख रखती थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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