विषय: nehru

नेहरू, सिंधु जल समझौता

₹575 करोड़ Pak को और पानी भी: गृहमंत्री और कैबिनेट के खिलाफ जाकर जब नेहरू ने लिया था वो फैसला

उस समय के कैबिनेट मंत्री मोरारजी देसाई ने तो विपक्षी दलों को भी इस संधि के खिलाफ एकसाथ होने की सलाह दे डाली थी। तत्कालीन गृहमंत्री गोविन्द बल्लभ पन्त भी पाकिस्तान को दी जाने वाली इस आर्थिक राशि से नाखुश थे। वो चाहते थे कि इस आर्थिक राशि का उस धन के साथ सामन्जस्य बैठाया जाए, जो हिन्दू शरणार्थी पाकिस्तान में छोड़ कर आ चुके थे।
नेहरू पर भी दिखी दुविधा

सत्ता के लिए अधीर कॉन्ग्रेस न मुसलमानों की चौधरी बन पाई, न नेहरू से निभा पाई

पहले वे जनेऊधारी हिंदू बने। फिर दत्तात्रेय गोत्री। पर जब मौका आया तो कॉन्ग्रेस ने न बहुसंख्यकों की भावना का मान रखा और न देशहित का। तुष्टिकरण के फेर में न वह नेहरू के साथ निभा पाई और न ही उनसे पल्ला छुड़ा पाई।
कॉन्ग्रेस के लिए इतिहास से सीखने का वक्त

विभाजन और पाकिस्तान में गैर-मुसलमान: कॉन्ग्रेस के लिए नेहरू और इतिहास से सीखने का वक्त

आज कॉन्ग्रेस CAA का विरोध कर रही है। इसका कोई आधार नहीं है। जरूरत है उसके नेता इतिहास को समझें। नेहरू मंत्रिमंडल में राहत और पुनर्वास के लिए अलग से मंत्रालय था। मोदी सरकार ने उसी प्रक्रिया का सरलीकरण किया है।
चच्चा नेहरू

इस बाल दिवस छपरा के भगेरन तिवारी के बेटे और दरभंगा के अभिराम दास को याद कीजिए

नेहरू के खोखलापन के बारे में आरके लक्ष्मण ने 60 साल पहले बता दिया था। पर भगेरन तिवारी के बेटे और अभिराम दास न होते तो हम और आप यह जान भी नहीं पाते कि जन्मस्थान में बाल मूर्ति का होना भी नेहरू को खटकता था।
अमित शाह, नेहरू मेमोरियल

नेहरू मेमोरियल पर अब नहीं रहा कॉन्ग्रेसियों का कब्जा, अमित शाह की एंट्री

सोसायटी के पुनर्गठन को लेकर 5 नवंबर को संस्कृति मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया। सोसायटी में भाजपा नेता अनिर्बान गांगुली, गीतकार प्रसून जोशी और पत्रकार रजत शर्मा को जगह दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके अध्यक्ष हैं।

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