Homeसोशल ट्रेंडबाइक को झील में फेंक दिया कॉन्ग्रेसियों ने... क्योंकि उनके नेताओं ने मोदी सरकार...

बाइक को झील में फेंक दिया कॉन्ग्रेसियों ने… क्योंकि उनके नेताओं ने मोदी सरकार का विरोध करने बोला: देखें वीडियो

कॉन्ग्रेस नेताओं ने बोला विरोध करने को... कार्यकर्ता कुछ ज्यादा ही सीरियस हो गए। 70-80 हजार की बाइक फेंक दी। इतने में तो 700-800 लीटर पेट्रोल आ ही जाती।

युवा कॉन्ग्रेस के सदस्यों ने शुक्रवार (11 जून 2021) को मोदी सरकार के विरोध में तेलंगाना के हैदराबाद स्थित हुसैन सागर झील में एक बाइक फेंक दी।

द न्यूज मिनट द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में दिख रहा है कि युवा कॉन्ग्रेस के 5-6 कार्यकर्ता शहर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में एक बाइक को झील में फेंक रहे हैं। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक बाइक को उठाकर रेलिंग पर रखा, उसके बाद उसे झील में धकेल दिया।

उन्होंने देश भर में डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की बढ़ी हुई कीमतों को पूरी तरह से वापस लेने की माँग की। गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने बुधवार (9 जून) को घोषणा की थी कि वह शुक्रवार को पेट्रोल पंपों के बाहर ‘प्रतीकात्मक विरोध’ करेगी।

कुछ राज्यों में ईंधन की कीमतें ₹100 को पार कर जाने के बाद कॉन्ग्रेस ने सभी राज्य इकाइयों को सड़कों पर उतरने और विरोध प्रदर्शन करने का निर्देश दिया था। लेकिन कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं (दिमाग से पैदल) ने शायद ये नहीं समझा कि विरोध प्रतीकात्मक करना है। कुछ ज्यादा ही सीरियस हो गए। 70-80 हजार की बाइक फेंक दी। इतने में तो 700-800 लीटर पेट्रोल आ ही जाती।

इससे पहले, कॉन्ग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को निर्देश दिया था कि एक ऐसा अभियान चलाया जाए, जिससे मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी, नौकरी छूटने और वेतन में कमी से पीड़ित लोगों पर इसके प्रभाव पड़े। उनके निर्देशों का पालन करते हुए युवा कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने लोगों का ध्यान खींचने के लिए एक बाइक को झील में फेंक दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -