Homeसोशल ट्रेंडनेहरू के अस्पताल खुले, मोदी की मूर्तियाँ बंद: CORONA के बीच थरूर ने किया...

नेहरू के अस्पताल खुले, मोदी की मूर्तियाँ बंद: CORONA के बीच थरूर ने किया नेहरू का स्मरण, लोगों ने याद दिलाए मोदी के 6 साल

"मोदी ने शिक्षा के लिए क्या किया है। इसके साथ उन्होंने बताया है की वर्ष 2014 में भारत में कुल 30 विश्वविद्यालय थे जिनकी संख्या 2020 में बढ़कर 141 हो चुकी है। इसमें दिखाया गया है कि 2014 में देश में कुल आईआईटी की संख्या 8 थी और 2020 में यह बढ़कर 14 हो चुकी है। इसके साथ ही, देशभर में 2014 में कुल एम्स की संख्या 6 थी और 2020 में 12 हो चुकी है।"

देश में कैसे भी हालात हों, कॉन्ग्रेस पार्टी और इसके नेता नेहरू का स्मरण करना नहीं भूलते हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 22 मार्च को जनता-कर्फ्यू के आह्वाहन के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक दलों में ख़ास हलचल नजर आई है। लेकिन पीएम मोदी के कल शाम के संबोधन से कुछ ही देर पहले इसी हलचल में अपनी उपस्थिति दर्ज करने वालों में से एक हैं शशि थरूर!

शशि थरूर ने कोरोना महामारी के बीच भी नेहरू भक्ति में कोई ढील नहीं दी और फ़ौरन ट्विटर के माध्यम से नेहरू की भक्ति में एक फोटो ट्वीट करते हुए लिखा- “बिना किसी कमेन्ट के, रीसीव किया और साझा किया।”

कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर द्वारा शेयर किए गए इस फोटो में लिखा था – “जो बड़ी मूर्तियाँ मोदी द्वारा बनाई गई, वो 25 मार्च तक बंद रहेंगे, जबकि जो अस्पताल नेहरू ने बनाए थे वो 24 घंटे खुले हैं।”

कॉन्ग्रेस नेता के इस ट्वीट ने कई ट्विटर यूजर्स को शशि थरूर को कुछ अन्य आँकड़े याद दिलाने पर भी मजबूर कर दिया। शशि थरूर के इस ट्वीट पर जवाब देने वालों में एक ऑपइंडिया के सीईओ राहुल रौशन भी हैं। उन्होंने थरूर के ट्वीट के जवाब में एक और फोटो ट्वीट करते हुए लिखा- “सर, मुझे भी यह मिला। और पता है, इस इमेज का साइज़ 62KB है। कृपया इसे भी बिना कुछ कहे साझा कर दीजिए।”

सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता का इस्तेमाल करते हुए एक अन्य ट्विटर यूजर ने एक तस्वीर शशि थरूर के ट्वीट के जवाब में ट्वीट करते हुए लिखा- “मुझे मिला और बिना किसी कमेन्ट के शेयर कर रहा हूँ।” इस चित्र में एक MEME कार्टून के जरिए लीला होटल की कहानी लिखा हुआ एक सन्देश दिया गया है।

वहीं Rishi Bagri ने थरूर के जवाब में कुछ आँकड़े देते हुए लिखा है- “मोदी ने शिक्षा के लिए क्या किया है। इसके साथ उन्होंने बताया है की वर्ष 2014 में भारत में कुल 30 विश्वविद्यालय थे जिनकी संख्या 2020 में बढ़कर 141 हो चुकी है। इसमें दिखाया गया है कि 2014 में देश में कुल आईआईटी की संख्या 8 थी और 2020 में यह बढ़कर 14 हो चुकी है। इसके साथ ही, देशभर में 2014 में कुल एम्स की संख्या 6 थी और 2020 में 12 हो चुकी है। उन्होंने लिखा है कि मोदी सरकार ने यह मात्र छह वर्ष में किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -