Sunday, July 21, 2024
Homeविविध विषयअन्य'3 दिन से अन्न का दाना तक नहीं खाया' : मीडिया के सामने भावुक...

‘3 दिन से अन्न का दाना तक नहीं खाया’ : मीडिया के सामने भावुक हुए एल्विश यादव के माता-पिता, बोले- हजार बार भी जन्म लें तो ऐसा बेटा चाहिए

एल्विश यादव के माता-पिता ने मेनका गाँधी से कहा कि वो उस संस्था की अध्यक्ष हैं जिसने एल्विश पर केस किया है। अगर एल्विश की गिरफ्तारी के बाद उन्हें खुशी मिल गई हो तो वो उनके बेटे पर थोड़ी सी दया दिखाएँ।

यूट्यूबर एल्विश यादव के गिरफ्तार होने के बाद उनके माता-पिता अपने बेटे के लिए परेशान हैं। मीडिया में ऐसी खबरें आने के बाद कि एल्विश ने अपना गुनाह स्वीकार लिया, उन्होंने जेल में जाकर एल्विश से मुलाकात की। उनसे पूछा कि खबरों में जो बताया जा रहा है उसमें कितना सच है। इसके बाद वो मीडिया संस्थानों के पास ये अपील लेकर आए कि उनके बेटे के बारे में गलत खबर न चलाई जाए। इस दौरान उनकी मीडिया चैनलों से क्या बात हुई आइए बताते हैं।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, एल्विश यादव के माता सुषमा यादव और पिता राम अवतार यादव ने बताया कि वो लोग अपने बेटे से मिलकर आए हैं और उनके बेटे ने कोई गुनाह नहीं कबूला है। ऐसी खबर न चलाई जाए। उन्होंने कहा कि उनका बेटा बिलकुल निर्दोष है और साफ सुथरा है। उसने कुछ गलत नहीं किया।

उनसे जब एल्विश यादव के लग्जरी लाइफस्टाइल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा अगर उनका बेटा लग्जरी लाइफस्टाइल जीता है तो इसका मतलब ये नहीं कि उसपर संदेह किया जाए। एल्विश के पिता ने बताया कि उनके बेटे के पास कोई लग्जरी गाड़ी नहीं है। दो गाड़ियाँ हैं- फॉर्च्यूनर और वैगनआर। उन्होंने बताया कि एल्विश की वीडियो में जो दिखती हैं वो लोन पर ले रखी हैं। इसके अलावा कुछ गाड़ियाँ वो दोस्तों से लेता है।

उन्होंने बताया कि जो प्लॉट उन्हें मिला है वो उनकी जमीन के बदले है। इसके अलावा ये भी बोले कि उनका बेटा किसी भी रेव पार्टी में नहीं जाता था। उसके नाम का गलत फायदा उठाया जा रहा है। वहीं माँ ने कहा कि कोई कुछ भी कहे वो लोग जानते हैं कि उनके बेटे ने गलत काम नहीं किया, जो वीडियो चलाई जा रही है वो अलग-अलग लोकेशन की है। उनका बच्चा ऐसी लोकेशन में नहीं गया। चूँकि उनके बच्चे का नाम है इसलिए एनजीओ वाले उन्हें जानबूझकर फँसा रहे हैं।

पिता ने एल्विश को बेकसूर बताते हुए कहा- “मैं चाहता हूँ हमारी बात को सुना जाए, हमें भी हक है। मैं हजार जन्म भी लूँ तब भी मुझे ऐसा ही बेटा चाहिए। मैं फक्र करता हूँ उसपर। वो बिलकुल निर्दोष है। जब से वो बिग बॉस जीतकर निकला है लोग उसके पीछे पड़ गए। हम कल मिलकर आए, उसने बताया कि उसने कोई गुनाह नहीं कबूला है। पता नहीं उसे क्यों फँसाया जा रहा है।”

माता-पिता ने जानकारी दी कि उनका बेटा जैकेट बेचकर, यूट्यूब वीडियोज आदि बनाकर पैसे कमाता है। हालाँकि जब उनसे एल्विश की यूट्यूब इनकम आदि पूछी गई तो उन्होंने कहा कि एल्विश आएगा तब वो खुद इसका जवाब देगा।

इसी तरह एबीपी से बात करते हुए, एल्विश यादव के माता-पिता ने मेनका गाँधी से कहा कि वो उस संस्था की अध्यक्ष हैं जिसने एल्विश पर केस किया है। अगर एल्विश की गिरफ्तारी के बाद उन्हें खुशी मिल गई हो तो वो उनके बेटे पर थोड़ी सी दया दिखाएँ। अपनी बात कहते हुए एल्विश के माता-पिता कई बार भावुक हुए। उन्होंने कहा कि तीन दिन से उन दोनों के पेट में अन्न का दाना तक नहीं गया। पता नहीं लोग क्यों उनके बच्चे को परेशान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चूँकि उनका बेटा कम उम्र में इतना मशहूर हो गया इसलिए लोगों को उससे जलन होने लगी। पिता बोले कि वो खुद एक टीचर हैं। जब वो दूसरों के बच्चों को पढ़ाते हैं तो क्या अपने बच्चे को नहीं पढ़ाया होगा। उन्होंने कहा- “मुझे अपनी परवरिश पर गर्व है और मैं हर जन्म में उसका पिता बनना चाहूँगा।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आजादी के वक्त थे 3 मुस्लिम बहुल जिले, अब 9 हैं: बंगाल BJP प्रमुख ने कहा- असम और बंगाल में डेमोग्राफी बदलाव सोची-समझी रणनीति,...

बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने असम के सीएम हिमंता के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने डोमोग्राफी बदलाव की बात कही थी।

शुक्र है मीलॉर्ड ने भी माना कि वो इंसान हैं! चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखने को मद्रास हाई कोर्ट ने नहीं माना था अपराध, अब बदला...

चाइल्ड पोर्नोग्राफी को अपराध नहीं बताने वाले फैसले को मद्रास हाई कोर्ट के जज एम. नागप्रसन्ना ने वापस लिया और कहा कि जज भी मानव होते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -