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‘मेटा की जगह मीट बढ़िया, अगर ये कंपनी सोनिया गाँधी की होती तो वो बेटा रखती’: फेसबुक का नया नाम नहीं आया रास, खूब बनें मीम्स

यूजर्स को यह नाम कुछ जम नहीं रहा है। यही कारण है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर फेसबुक के नए नाम का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक का नाम बदलकर ‘मेटा’ कर दिया गया है। दरअसल, फेसबुक के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग भविष्य के वर्चुअल रियलिटी विजन (मेटावर्स) को देखते हुए ऐसा नाम रखा है। हालाँकि, यूजर्स को यह नाम कुछ जम नहीं रहा है। यही कारण है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर फेसबुक के नए नाम का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है।

इसको लेकर लोग मजेदार मीम्स शेयर कर रहे हैं। वहीं, कई लोग कह रहे हैं कि फेसबुक रीब्रांडिंग करके मुख्य मुद्दों से ध्यान भटका रहा है। एक यूजर ने एक पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, ”अल्लाह माफ करे बहुत मनहूस लग रहे हो.. मत करो… रहने दो।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “मेटा की जगह मीट नाम बढ़िया है।”

अतीव आनंद ने लिखा, ”ज़ुकरबर्ग ने फेसबुक का नाम बदल कर ‘मेटा’ कर दिया। अगर ये कंपनी सोनिया गाँधी की होती तो वो ‘बेटा’ करती।”

अजय साहनी नाम के यूजर ने लिखा, ”मार्क जुकरबर्ग ने योगी आदित्यनाथ से प्रभावित होकर ‘फेसबुक’ का नाम बदलकर ‘मेटा’ रख दिया।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, ”फेसबुक ने भी अपना नाम बदल कर ‘मेटा’ रख लिया, पर चमचे अपना अध्यक्ष नहीं बदल पाए।”

आशुतोष श्रीवास्तव नाम के एक यूजर ने लिखा, ”मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक के मसलों को सुलझाने के लिए ‘मेटा’ नाम का सहारा लिया है।”

बता दें कि फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने फेसबुक इंक (फेसबुक कंपनी का पहले का नाम) कंपनी का नाम बदलकर गुरुवार (28 अक्टूबर, 2021) को मेटा (Meta) कर लिया है। फेसबुक ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सिलसिलेवार ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। एक ट्वीट में कंपनी ने कहा, “जिन ऐप्स- इंस्टाग्राम, मैसेंजर और वॉट्सऐप- को हमने बनाया है, उनके नाम वहीं रहेंगे।” विभिन्न ऐप और तकनीकों को इस नए ब्रांड के तहत लाया जाएगा। हालाँकि, कंपनी अपना कारपोरेट ढाँचा नहीं बदलेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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