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हिंदू देवी-देवताओं को इन 6 YouTube चैनल पर दी जा रही गन्दी गालियाँ, लोगों के आक्रोश के बाद घंटे भर में दो चैनल डिलीट

जिन 6 यू ट्यूब चैनलों के खिलाफ एक्शन लेने की माँग की गई थी किया था उसमें राम, हनुमान और सीता और काली जैसे हिंदू देवी-देवताओं को गाली दी जा रही थी। सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी के बाद ट्वीट में जोड़े गए 6 में से तीन चैनलों को यूट्यूब ने हटा दिया है।

यूट्यूब (YouTube) पर कई ऐसे चैनल मौजूद हैं जो लगातार हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कर रहे हैं और हिंदू धर्म (Hindu religion) के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। इसी को लेकर शनिवार 8 जनवरी 2022 को नेटिजन्स ने ट्विटर से इन चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। इसके बाद त्वरित एक्शन लेते हुए यूट्यूब ने इनमें से दो चैनलों को दो घंटे के भीतर डिलीट कर दिया। इन चैनलों के नाम से ही स्पष्ट हो रहा था कि ये हिंदू देवी-देवताओं को गालियाँ दे रहे थे। इनमें से एक तो बांग्लादेश (Bangladesh) से संचालित किया जा रहा था।

इसी क्रम में ट्विटर यूजर और एनालिस्ट अंशुल सक्सेना ने ट्विटर पर कुछ चैनलों को टैग किया था। अंशुल ने जिन चैनलों को टैग किया था उसमें राम, हनुमान और सीता और काली जैसे हिंदू देवी-देवताओं को गाली दी जा रही थी। सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी के बाद ट्वीट में जोड़े गए 6 में से दो चैनलों को यूट्यूब ने हटा दिया है। बाकी के तीन अभी भी चल रहे हैं।

जिन चैनलों के खिलाफ अभी तक यूट्यूब ने कार्रवाई नहीं की है, उन पर भी हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक और अश्लील कंटेंट परोसे गए हैं। एक चैनल में एक महिला को हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को फेंकते हुए दिखाया गया है। एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि माँ काली एक गैर हिंदू के आदेश पर नाच रही हैं।

हिन्दुओं के खिलाफ नफ़रत फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों को लेकर कोई यह कोई पहली बार खबर सामने नहीं है। इससे पहले भी ऐसी खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन उन पर किसी का कोई ध्यान नहीं जाता। इसी कारण से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। सितंबर 2020 में इसी तरह की घटना के खिलाफ कार्रवाई के लिए इस्कॉन (Iscon) के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने अपने YouTube चैनल के माध्यम से हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करने और नफरत फैलाने के लिए दो व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत, दर्ज कराने के लिए कोलकाता के शेक्सपियर सारणी पुलिस स्टेशन पहुँचे थे।

उन्होंने अपने पत्र में यूट्यूब चैनल ‘द रियलिस्ट आजाद’ पर अपमानजनक, आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट चलाने के मामले में इसके संचालक सतीश के आज़ाद और शकील खान के एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया था। इसमें भगवान श्रीकृष्ण को बलात्कारी करार दिया गया था, जिसकी वजह से दुनिया भर में उनकी पूजा करने वाले हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँची थी। राधारमण दास ने जानबूझकर हिंदू भावनाओं को भड़काने और समाज में नफरत फैलाने की कोशिश करने वाले इन दोनों व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। शिकायत के बाद विवादित वीडियो को तो हटा लिया गया था, लेकिन चैनल पर हिंदुओं के खिलाफ अभी भी जहर उगला जा रहा है।

गौरतलब है कि ये चैनल तार्किकता और अंधविश्वास को खत्म करने के नाम पर हिंदू विरोधी कंटेंट को प्रसारित करते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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