Homeसोशल ट्रेंडHESH और SHIM: जावेद अख्तर ने अंग्रेजी में बनाए 2 शब्द, लिंग को लेकर...

HESH और SHIM: जावेद अख्तर ने अंग्रेजी में बनाए 2 शब्द, लिंग को लेकर सोशल मीडिया पर हो गए ट्रोल

जावेद अख्तर ने सुझाव दिया है कि अंग्रेजी में उपयोग होने वाले he/she और him/her के स्थान पर क्रमशः लैंगिक समानता आधारित शब्दों 'hesh' और 'shim' का उपयोग किया जाना चाहिए।

बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर एक बार फिर चर्चा में हैं लेकिन विवादास्पद बयान के कारण नहीं, बल्कि अपनी ‘सुधारवादी‘ सोच के कारण। दरअसल उन्होंने सुझाव दिया है कि अंग्रेजी में उपयोग होने वाले he/she और him/her के स्थान पर क्रमशः लैंगिक समानता आधारित शब्दों ‘hesh’ और ‘shim’ का उपयोग किया जाना चाहिए।

हालाँकि, जावेद अख्तर के सुधारवादी इरादों के बाद भी यह संभावना है कि जिन्हें केंद्र में रखकर उन्होंने यह सुझाव दिया है वही ‘वोक समाज’ उनके इस विचार को ठुकरा देगा, क्योंकि ‘hesh’ में ‘he’ सर्वनाम और ‘shim’ में ‘him’ शामिल है, जो पुल्लिंग को प्रदर्शित करते हैं। इससे यह पता चलता है कि अख्तर के विचार ‘विषाक्त पुरुषत्व’ से प्रेरित हैं।

जावेद अख्तर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

अपने ट्वीट में जावेद अख्तर ने दो ही तरह के जेंडर या लिंग के बारे में बताया है जबकि वास्तविकता में पुल्लिंग और स्त्रीलिंग के अलावा भी जेंडर होते हैं। अख्तर के इस सुधारवादी ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर उनकी खिंचाई शुरू हो गई जो कि तय ही थी। जावेद अख्तर अक्सर अपने बयानों के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने रहते हैं।

हालाँकि, यह साफ है कि अख्तर ने सिर्फ लोकप्रियता हासिल करने के लिए लैंगिक सर्वनाम में सुधार का यह मुद्दा उठाया, लेकिन वे अपना ही मजाक बना बैठे। दूसरी तरफ, उनका ट्वीट यह भी बताता है कि पश्चिम में लैंगिक समानता की आड़ में जो सर्वनाम की राजनीति चलती रहती है, वह अब भारत में भी धीरे-धीरे पहुँच रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। अगर इन लोगों के मन इतने ही साफ होते तो ये मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।

AC ब्लास्ट के बढ़ते मामलों के पीछे चीन का हाथ? जानिए कैसे घटिया गैस से बढ़ रहा घरों में विस्फोट का खतरा, भारत सरकार...

आए दिन एसी ब्लास्ट की खबरें सामने आती हैं। इनकी पीछे कहीं चीन का हाथ तो नहीं है? क्योंकि इन एसी में चाइनीज R-152a गैस भरी जा रही है, जो ओवरहीटिंग के कारण जल्दी आग पकड़ लेती है।
- विज्ञापन -