Homeसोशल ट्रेंडहजारीबाग में देखा गया एलियन! 'चुड़ैल-चुड़ैल' कह कर भागने लगे लोग: ट्विटर पर कोई...

हजारीबाग में देखा गया एलियन! ‘चुड़ैल-चुड़ैल’ कह कर भागने लगे लोग: ट्विटर पर कोई डरा तो बहुतों ने लिए मजे

एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “एलियन की खोज हुई पूरी। रात को दारू पीने के बाद बिना कपड़ा और दिन में थोड़ा कम पीने के बाद कपड़ा पहन कर जाता हजारीबाग का एलियन छड़वा डैम के नजदीक से गुजरता हुआ।”

झारखंड के हजारीबाग में कोविड​​-19 और फंगस के प्रकोप के बीच, अब एक ‘एलियन’ को देखा गया है। झारखंड से 30 सेकंड का एक वीडियो सामने आया है जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक ‘एलियन जैसी’ या ‘भूत जैसी’ आकृति अंधेरे में चडवा बाँध पुल से नीचे जाते हुए देखी जा सकती है।

वीडियो में नजर आ रहा है कि कैसे आधी रात में हाईवे पर उस भूत जैसी आकृति को देखकर दूर से ही बाइक वाले रुक रहे हैं और हैरान होकर सोच रहे हैं ये आखिर क्या है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले बाइकर्स में से एक को उस अजीब चीज को ‘चुड़ैल’ कहते हुए सुना जा सकता है, जबकि अन्य दूर से ही उसे देखने के लिए रुक जाते हैं।

झारखंड हजारीबाग एलियन की इस खबर ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी और लोग हैरान रह गए हैं। जबकि कुछ ने दावा किया कि झारखंड वायरल वीडियो में ये अजीब प्राणी एक ‘भूत’ था, वही दूसरों का मानना है कि वह ‘एलियन’ भी हो सकता है। हालाँकि, कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनका कहना है कि ये किसी का ‘मजाक’ है। सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो को शेयर करते हुए नासा और इसरो को भी टैग किया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नेटिजन्स तमाम तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “एलियन की खोज हुई पूरी। रात को दारू पीने के बाद बिना कपड़ा और दिन में थोड़ा कम पीने के बाद कपड़ा पहन कर जाता हजारीबाग का एलियन छड़वा डैम के नजदीक से गुजरता हुआ।”

एकता कपूर ने भी यह वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि जो लोग अकेले सोते हैं उनके लिए यह बहुत डरावना हो सकता है। एकता के पोस्ट पर कुछ लोगों ने लिखा है कि वे डर गए। वहीं कई लोग इसे कैमरा ट्रिक बताकर मजाक उड़ा रहे हैं। ज्यादातर लोग इसे कैमरा का स्पेशल इफेक्ट और वीडियो बनाने वाले की शरारत बता रहे हैं।

एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “दो महीने कोरोना झेल लिया, अब ब्लैक फंगस भी देख लिया। बस अब एक बार एलियन और देख लूँ। फिर आराम से झोला उठाकर मास्क लगाकर हिमालय निकल लूँगा।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -