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मैं भी बन सकता था विराट-रोहित पर… ममता के मंत्री ने MSD से पूछा सवाल, आखिरी घरेलू मैच के बाद मनोज तिवारी ने धोनी को बनाया ‘विलेन’

38 वर्षीय तिवारी ने बंगाल से आते हैं। वह बंगाल के लिए अब तक घरेलू क्रिकेट में खेलते रहे हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय टीम में चयन 2008 में हुआ था। उन्हें 12 एकदिवसीय जबकि 3 टी20 मैच खेलने का मौक़ा BCCI द्वारा दिया गया था।

पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने कहा है कि अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें भारतीय टीम में उचित स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने इसके लिए टीम प्रबन्धन और तत्कालीन कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को जिम्मेदार ठहराया है और उनसे सवाल पूछने की बात कही है। तिवारी ने हाल ही में रणजी ट्रॉफी की आलोचना की थी, जिसके कारण उन्हें BCCI का जुर्माना झेलना पड़ा है।

मनोज तिवारी ने हाल ही में अपना अंतिम घरेलू मैच खेला। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने इसी दौरान यह बात कही। जब उनसे भारतीय टीम में मौके ना मिलने की बात पूछी गई तो उन्होंने कहा, “जब भी मौका मिलेगा, मैं धोनी से पूछना चाहूँगा कि मुझे अंतिम 11 में क्यों नहीं लिया गया जबकि मैंने शतक बनाया था? मुझमें भी विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसा प्रदर्शन करने की क्षमता थी लेकिन मैं नहीं बन सका। आज जब मैं खिलाड़ियों को मौके पाते हुए देखता हूँ तो मुझे दुख होता है।”

मनोज ने अपने प्रदर्शन को लेकर भी इस दौरान बातचीत की। उन्होंने कहा कि मुझे भारतीय टीम से टेस्ट खेलने का मौक़ा नहीं दिया गया जबकि तब प्रथम श्रेणी में मेरा औसत 65 का था। उन्होंने कहा कि उनके अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उनकी जगह युवराज सिंह को टीम में लिया गया, इसके बाद जब उन्होंने शतक बनाया तब भी अगले 14 मैच तक उन्हें जगह नहीं दी गई। मनोज ने कहा कि उन्हें लगातार 14 मैच के लिए टीम में नहीं लिया गया जिससे उनका आत्मविश्वास टूट गया।

गौरतलब है कि 38 वर्षीय तिवारी ने बंगाल से आते हैं। वह बंगाल के लिए अब तक घरेलू क्रिकेट में खेलते रहे हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय टीम में चयन 2008 में हुआ था। उन्हें 12 एकदिवसीय जबकि 3 टी20 मैच खेलने का मौक़ा BCCI द्वारा दिया गया था। उन्हें टेस्ट टीम में कभी जगह नहीं दी गई। हालाँकि, प्रथम श्रेणी के क्रिकेट में उन्होंने 148 मैच खेले हैं। इसमें उनके 10,000 से अधिक रन हैं। वह बंगाल टीम के कप्तान भी रहे हैं। उन्होंने हाल ही में क्रिकेट से संन्यास लिया है। उन्होंने अपना अंतिम मैच 2015 में खेला था।

मनोज तिवारी का धोनी को लेकर यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में मनोज तिवारी पर BCCI ने जुर्माना भी लगाया था। उन पर भारत में सबसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी की आलोचना करने को लेकर यह जुर्माना लगाया गया था। दरअसल, मनोज तिवारी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करके कहा था कि रणजी ट्रॉफी में काफी गड़बड़ियाँ हैं और अगले साल से इसे बंद कर देना चाहिए। इसको लेकर उन पर मैच शुल्क का 20% जुर्माना BCCI ने लगाया था।

उन्होंने हाल ही में नए खिलाडियों के आईपीएल पर अधिक ध्यान देने और रणजी ना खेलने को लेकर भी प्रश्न उठाए थे। मनोज तिवारी वर्तमान में बंगाल की ममता सरकार में खेल और युवा मामलों के राज्य मंत्री हैं। वह हावड़ा की शिबपुरी सीट से 2021 में विधायक चुने गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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