मेरी अम्मी बीमार पड़ जाएँगी, कश्मीर में बहुत सर्दी पड़ती है: महबूबा की बेटी की ‘इल्तजा’

इल्तजा मुफ़्ती ने साथ में अंग्रेजी में हाथ से लिखे गए एक पत्र की कॉपी भी ट्वीट की है। इसमें लिखा है कि महबूबा को मेडिकल जाँच में विटामिन डी, हीमोग्लोबिन और कैल्शियम की कमी पाई गई है।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की मुखिया महबूबा मुफ़्ती की बेटी ने सर्दियों में उन्हें उनकी नज़रबंदी के वर्तमान स्थान से कहीं और शिफ्ट किए जाने की माँग की है। बकौल इल्तजा मुफ़्ती, महबूबा का वर्तमान निवास कश्मीर घाटी की कड़ी ठंड के हिसाब से अनुकूल नहीं है।

इल्तजा ने ट्विटर पर महबूबा मुफ़्ती के अकाउंट से यह भी लिखा कि उन्होंने एक महीने पहले ही श्रीनगर के जिला कलेक्टर को इस बारे में पत्र लिखा था। “अगर उन्हें कुछ हो गया तो भारत सरकार ज़िम्मेदार होगी।”

उन्होंने साथ में अंग्रेजी में हाथ से लिखे गए एक पत्र की कॉपी भी ट्वीट की है। इसमें लिखा है कि महबूबा को मेडिकल जाँच में विटामिन डी, हीमोग्लोबिन और कैल्शियम की कमी पाई गई है। उनका निवास (जहाँ वे नज़रबंद हैं) कश्मीर की कड़ाके की सर्दी से बचाव नहीं कर सकता है। इल्तजा ने इन बिंदुओं के आधार पर उन्हें किसी दूसरे, उचित स्थान पर तत्कालिक रूप से शिफ्ट किए जाने की माँग की है।

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लेकिन ट्विटर पर लोगों को इल्तजा की यह गुज़ारिश और ट्वीट रास नहीं आए, और उनकी जम कर ट्रोलिंग शुरू हो गई है। एक व्यक्ति ने लिखा कि अगर यह एक महीने पुराना पत्र है तो इसमें जिला कलक्टर की रिसीविंग और स्टाम्प कहाँ है।

इसके अलावा कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि यह लो कैल्शियम लेवल आदि केवल मुफ़्ती की समस्याएँ नहीं हैं। विकाशील देशों की कई महिलाएँ इनसे ग्रस्त हैं। महबूबा को कुछ नहीं होने वाला।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म किए जाने के पहले से ही महबूबा मुफ़्ती, उमर अब्दुल्ला, फारूख अब्दुल्ला समेत घाटी के तमाम नेताओं को केंद्र सरकार ने एहतियातन नज़रबंद कर दिया था।

घाटी में इन्टरनेट सेवाएँ बंद कर दिए जाने और खुद की नज़रबंदी के चलते 370 हटने के तुरंत बाद महबूबा मुफ़्ती अन्य नेताओं की तरह सोशल मीडिया पर अनुपलब्ध रहीं। लेकिन विगत 20 सितंबर से उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट को इस्तेमाल करने का अधिकार बेटी इल्तजा मुफ़्ती को दे रखा है। 

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