Tuesday, September 28, 2021
Homeदेश-समाज'नॉर्थ-ईस्ट का रहने वाला तभी भारतीय होगा जब मेडल जीतकर लाए, नहीं तो उसे...

‘नॉर्थ-ईस्ट का रहने वाला तभी भारतीय होगा जब मेडल जीतकर लाए, नहीं तो उसे चिंकी या कोरोना कहेंगे’: मिलिंद सोमन की पत्नी का फूटा गुस्सा

''अगर आप नॉर्थ ईस्ट इंड‍िया से हैं तो तभी भारतीय हो सकते हैं जब आप देश के लिए मेडल जीतकर लाते हैं। वरना आपको चिंकी, चाइनीज, नेपाली या अब एक नया एडिशन कोरोना के नाम से जाना जाता है।"

बॉलीवुड एक्टर मिलिंद सोमन की पत्नी व स्पोर्ट्स वुमन अंकिता कोंवर सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट शेयर करने के बाद से खासा चर्चा में हैं। मीराबाई चानू और प्रिया मालिक के ओलंपिक में मेडल जीतने के बाद उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है, इसके बारे में लिखा है। अंकिता ने कहा, ”पूर्वोत्तर के लोगों को अलग-अलग नाम से पुकारा जाता है।” इसके साथ ही उन्होंने नॉर्थ ईस्ट इंडियंस के साथ होने वाले भेदभाव पर भी सवाल उठाया है।

दरअसल, अंकिता कोंवर का गुस्सा मीराबाई चानू को बधाई देने पर नहीं बल्कि इस बात पर फूटा है कि सामान्य दिनों में नॉर्थ ईस्ट वालों के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्हें भारतीय नहीं माना जाता है। मिलिंद सोमन की पत्नी ने मंगलवार (27 जुलाई) को ट्वीट किया, ”अगर आप नॉर्थ ईस्ट इंड‍िया से हैं तो तभी भारतीय हो सकते हैं जब आप देश के लिए मेडल जीतकर लाते हैं। वरना आपको चिंकी, चाइनीज, नेपाली या अब एक नया एडिशन कोरोना के नाम से जाना जाता है।” उन्होंने आगे लिखा, “भारत में सिर्फ जातिवाद ही नहीं है, बल्कि नस्लवाद भी है। यह मैं अपने अनुभव से बता रही हूँ।” उन्होंने यही पोस्ट इंस्टाग्राम पर भी​ लिखा है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

गौरतलब है कि असम की रहने वाली अंकिता का असली नाम सुंकुस्मिता कोंवर है। 2013 में उन्होंने दिल्ली में एयर एशिया में बतौर केबिन क्रू केबिन एग्जीक्यूटिव का काम करना शुरू किया था। साल 2015 में अंकिता ने मिलिंद के साथ पहली 10 हजारी मैराथन कंप्लीट की थी। हालाँकि, वह सुर्खियों में मिलिंद से अप्रैल 2018 में शादी करने के बाद आई थीं। मिलिंद और अंकिता में 25 साल का अंतर है। मिलिंद जहाँ 55 साल के हैं, वहीं अंकिता 30 साल की हैं। इसको लेकर दोनों को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल भी किया गया था।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

महंत नरेंद्र गिरि के मौत के दिन बंद थे कमरे के सामने लगे 15 CCTV कैमरे, सुबूत मिटाने की आशंका: रिपोर्ट्स

पूरा मठ सीसीटीवी की निगरानी में है। यहाँ 43 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 15 सीसीटीवी कैमरे पहली मंजिल पर महंत नरेंद्र गिरि के कमरे के सामने लगाए गए हैं।

अवैध कब्जे हटाने के लिए नैतिक बल जुटाना सरकारों और उनके नेतृत्व के लिए चुनौती: CM योगी और हिमंता ने पेश की मिसाल

तुष्टिकरण का परिणाम यह है कि देश के बहुत बड़े हिस्से पर अवैध कब्जा हो गया है और उसे हटाना केवल सरकारों के लिए कानून व्यवस्था की चुनौती नहीं बल्कि राष्ट्रीय सभ्यता के लिए भी चुनौती है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
124,827FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe