Homeसोशल ट्रेंडन माफ़ी, न कार्रवाई का वादा: कश्मीर पर भारत विरोधी ज़हर उगलने के बाद...

न माफ़ी, न कार्रवाई का वादा: कश्मीर पर भारत विरोधी ज़हर उगलने के बाद ‘Hyundai’ का बयान – भारत हमारा दूसरा घर

सोशल मीडिया पर #BoycottHyundai ट्रेंड होने के बाद अब भारत की हुंडई ने अपना एक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने न तो भारतीय यूजर्स को ब्लॉक करने पर कोई माफी माँगी है और न ही पाकिस्तानी हुंडई पर एक्शन लेने की कोई बात कही है।

पाकिस्तानी हुंडई की ओर से ‘आजाद कश्मीर’ पर विवादित ट्वीट आने के बाद और सोशल मीडिया पर #BoycottHyundai ट्रेंड होने के बाद अब भारत की हुंडई ने अपना एक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने न तो भारतीय यूजर्स को ब्लॉक करने पर कोई माफी माँगी है और न ही पाकिस्तानी हुंडई पर एक्शन लेने की कोई बात कही है। इस बयान में सपाट तौर पर कंपनी ने ये दिखाया है कि वो भारत के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं।

इस बयान में कंपनी ने भारतीयों से कहा है कि वो भारतीय बाजार के लिए पिछले 25 सालों से प्रतिबद्ध हैं और यहाँ के राष्ट्रवाद के सम्मान में वे मजबूती से खड़े हैं। अपने बयान में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ अवांछित पोस्ट उनकी प्रतिबद्धता और सेवा को ठेस पहुँचाने वाले हैं। बयान में कहा गया कि हुंडई के लिए भारत उनका दूसरा घर है और किसी भी असंवेदनशील बातचीत के लिए उनकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है और वे इनकी निंदा करते हैं। कंपनी ने कहा, “भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तौर पर, हम देश के साथ-साथ नागरिकों की बेहतरी के लिए अपना प्रयास जारी रखेंगे।”

हुंडई से जुड़ा पूरा विवाद

गौरतलब है कि आज हुंडई पाकिस्तान (Hyundai Pakistan) ने एक ट्वीट किया था। ट्वीट कश्मीर को लेकर था। इस ट्वीट को लेकर भारत की ऑटोमोबाइल कंपनी हुंडई इंडिया (Hyundai Motor India) सवालों के घेरे में आ गई थी और सोशल मीडिया पर देखते ही देखते #BoycottHyundai ट्रेंड होने लगा। कई यूजर्स ने कंपनी की इस हरकत पर अपनी नाराजगी जाहिर की और कई यूजर्स ने शिकायत की कि भारत की हुंडई इस मामले में ट्वीट करने पर सवाल करने पर उन्हें ब्लॉक कर रही है। काफी लताड़ लगने के बाद शाम के समय कंपनी का यह बयान आया। लेकिन यूजर्स इससे भी संतुष्ट नहीं हैं। लोगों का कहना है कि कंपनी अपने सबसे बड़े बाजार की आँख में धूल झोंकने की कोशिश कर रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -