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ऑरिजनल संविधान के पेज पर भगवान राम-सीता का चित्र: केन्द्रीय कानून मंत्री के ट्वीट पर ‘सेक्युलर’ लोगों में दहशत

"भारत के संविधान के मूल दस्तावेज में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण का एक सुंदर चित्र है, जो रावण को हराकर अयोध्या लौट रहे हैं। यह मौलिक अधिकारों से संबंधित अध्याय की शुरुआत में उपलब्ध है। आप सभी के साथ इसे शेयर करने का मन हुआ। #जय श्री राम।"

अयोध्या में आज भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण का भूमिपूजन होने जा रहा है, जिसे लेकर पूरा देश उत्साहित है। इसी अवसर पर केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक ट्वीट में भारतीय संविधान के कुछ मूल पन्नों की याद दिलाई है, जिनमें भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण की तस्वीरें अंकित हैं।

केन्द्रीय संचार और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संविधान के मूल पन्नों की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है – “भारत के संविधान के मूल दस्तावेज में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण का एक सुंदर चित्र है, जो रावण को हराकर अयोध्या लौट रहे हैं। यह मौलिक अधिकारों से संबंधित अध्याय की शुरुआत में उपलब्ध है। आप सभी के साथ इसे शेयर करने का मन हुआ। #जय श्री राम।”

लेकिन, ऐसे भी लोग हैं जिन्हें शायद इस बात का ज्ञान नहीं है कि भगवानों की यह चित्र भारतीय संविधान की मूल प्रति का हिस्सा थे, या फिर वो लोग केन्द्रीय मंत्री के इस ट्वीट के पीछे कोई सन्देश तलाशने का प्रयास कर नाराज हो गए!

उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के इस ट्वीट पर आपत्ति जताते हुए लिखा है कि देश के कानून मंत्री संविधान में भगवानों को ठूँसना चाह रहे हैं, जबकि इसका उद्देश्य धर्म और कानून के बीच दायरा तय करना था। इस ट्विटर यूजर ने कटाक्ष करते हुए लिखा है – ‘वाह!’

गौरतलब है कि जब संविधान तैयार हुआ तो उसमें ऊपर और नीचे के हिस्सों में बहुत जगह खाली छूट गई थी। ऐसे में इस खाली जगह पर भारत की 5000 साल पुरानी संस्कृति को प्रदर्शित करने पर विचार किया गया।

तब खुद जवाहरलाल नेहरू ने ही इस काम के लिए नंदलाल बोस को सत्यनिकेतन जाकर आमंत्रित किया था। बाद में समिति से जुड़े सभी लोगों ने इन चित्रों को संविधान के रिक्त स्थान पर शामिल करने पर सहमति देते हुए उस पर हस्ताक्षर किए। संविधान की मूल कॉपी यदि देखें तो आज भी वहाँ श्री राम भगवान और श्रीकृष्ण की तस्वीर चित्रित है। आखिरी पृष्ठ पर समिति के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मौके पर ट्वीट किया और मंदिर निर्माण शुरू होने पर खुशी जताई। योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्वीट में लिखा, “जासु बिरहँ सोचहु दिन राती। रटहु निरंतर गुन गन पाँती॥ रघुकुल तिलक सुजन सुखदाता। आयउ कुसल देव मुनि त्राता।। प्रिय राम भक्तों, आपका अभिनंदन, आपको बधाई जय श्री राम!”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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