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2 गायों की जान बचाने के लिए लोको पायलट ने बीच में रोकी ट्रेन, मीडिया वाले ने बनाया Video, हो गया Viral

“मैं क्रॉसिंग को पार करने का इंतजार कर रहा था। लेकिन रेलवे फाटक क्रॉस करने के दौरान यह सब हुआ..." - इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए रेलवे अधिकारी ने कहा कि लोको पायलट ने दया भाव दिखा कर...

तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक रेल पायलट ने इंसानियत की नई मिसाल की है। आमतौर पर जहाँ रेल की रफ्तार के बीच में आने वाले जानवरों के चीथड़े रेलवे पटरियों पर दिखने काफी आम होते हैं और लोग भी इस बात को मानते हैं कि चलती ट्रेन के बीच में आने के बाद कोई नहीं बचता। वहीं कोयंबटूर में हिसार एक्सप्रेस के ड्राइवर ने यह बात साबित कर दी है कि यदि मन में दया का भाव हो तो यह काम भी संभव है।

शायद ट्रेन में बैठे यात्रियों को इस बात की भनक भी न लगी हो कि बीच रास्ते पर उनकी ट्रेन के रुकने का क्या मतलब है। लेकिन इस दौरान उस ट्रेन के ड्राइवर ने समय सीमा की परवाह किए बिना दो जीवों की जान बचाई और फिर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया।

पूरी घटना पलक्कड़ स्टेशन पर शनिवार (जनवरी 25, 2021) की दोपहर 12:40 की है। पीआर राजेश नामक कैमराैमन के कैमरे से कैद हुई एक वीडियो में देख सकते हैं कि स्टेशन छोड़ने के बाद ट्रेन आगे जा रही है। तभी थोड़ी दूर पर दो गाय घूमते हुए पटरी पर बीच में खड़ी हो जाती है। रेल पायलट ट्रेन रोकता है। गाड़ी से उतरता है। पहले उन्हें वहाँ से भगाता है, फिर दोबारा रेल को लेकर आगे बढ़ता है।

वीडियो में तेज हॉर्न की आवाज सुनाई दे रही है। ड्राइवर को साफ देखा जा सकता है कि वो कैसे गायों को ट्रैक से भगाने की कोशिश करता है। मगर दोनों गाय ट्रैक से जाने की बजाय ट्रैक पर भागने लगती हैं। फिर ड्राइवर खुद उनके पीछे भागता है और जब गाय एकदम वहाँ से निकल जाती है तब वह दोबारा ट्रेन में चढ़ता दिखता है।

द न्यूज मिनट के अनुसार, कैमरापर्सन राजेश (मनोरमा न्यूज पल्क्कड़ ब्यूरो) इस घटना के दौरान रेलवे ट्रैक के पास थे और ट्रेन के निकलने का इंतजार कर रहे थे, तभी वह इस घटना के गवाह बने। उन्होंने बताया, “एक कार्यक्रम था, जिसे मैं कवर करने के लिए आया था। मैं क्रॉसिंग को पार करने का इंतजार कर रहा था। लेकिन रेलवे क्रॉस करने के दौरान यह सब हुआ।”

पल्लकड़ रेलवे विभाग ने बताया, “यदि ट्रेन रफ्तार में होती तो ऐसा संभव नहीं था। हम इस वीडियो को देख कर खुश हैं। अधिकारियों ने दया भाव दिखाया। ये घटना सौभाग्य से तब हुई, जब ट्रेन धीरे थी। अगर रफ्तार तेज होती और इस तरह जानवर सामने आ जाते तो स्वभाविक रूप से यह संभव नहीं था।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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