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‘COVID-19 रोकने में मास्क अप्रभावी’: प्रशांत भूषण के ट्वीट को ट्विटर ने किया रिमूव, बताया- नियमों का उल्लंघन

अपने ट्वीट में भूषण ने रिपोर्ट को कोट किया और मास्क पर हुई स्टडी को पढ़ने को कहा। लेकिन यूजर्स ने उनकी सुनने की बजाय उनकी आलोचना शुरू कर दी। यहाँ तक उनके अपने खेमे के लोगों (वामपंथियों) ने भी उन्हें नहीं बख्शा।

वामपंथी गिरोह के सक्रिय सदस्य व पीआईएल एक्टिविस्ट वकील प्रशांत भूषण के एंटी मास्क ट्वीट को ट्विटर ने अपने प्लैटफॉर्म से रिमूव कर दिया है। 10 अप्रैल को भूषण ने अपने ट्वीट में एक Hypothesis का लिंक शेयर करके ये बताया था कि फेसमास्क का इस्तेमाल कोरोना समय में कारगर नहीं है।

अपने ट्वीट में भूषण ने लिखा था, “डेटा का सुझाव है कि वायरल और संक्रामक बीमारी जैसे कोविड ​​-19  को रोकने के लिए फेसमास्क अप्रभावी हैं। फेसमास्क पहनने से काफी प्रतिकूल शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव होते हैं।”

अपने ट्वीट में भूषण ने रिपोर्ट को कोट किया और मास्क पर हुई स्टडी को पढ़ने को कहा। लेकिन यूजर्स ने उनकी सुनने की बजाय उनकी आलोचना शुरू कर दी। यहाँ तक उनके अपने खेमे के लोगों (वामपंथियों) ने भी उन्हें नहीं बख्शा।

कई लोगों ने झूठी जानकारी फैलाने पर उनके ट्वीट की रिपोर्ट की और आखिरकार ट्विटर को शाम तक इस ट्वीट को हटाना पड़ा। अब ट्वीट पर भूषण का ट्वीट नहीं दिख रहा। लेकिन ये नजर आ रहा है कि ये ट्वीट ट्विटर नियमों का उल्लंघन करता है।

उल्लेखनीय है कि बरूच वेन्शेलबोइम द्वारा किया गया अध्ययन इस साल जनवरी में साइंश डायरेक्ट पर प्रकाशित किया गया था, और इसी रिपोर्ट को पिछले साल नवंबर में नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन, यूएस की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया था, जो अमेरीकी सरकार द्वारा वित्त पोषित है। बता दें कि अध्य्यन, पहले से प्रकाशित वैज्ञानिक स्टडी पर आधारित है। वेबसाइट भी .gov domain पर आती है जिसका मतलब है कि ये यूएस सरकार की वेबसाइट है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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