Sunday, April 5, 2020

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औरंगज़ेब

जीभ काटी, आँखें फोड़ी, नाखून उखाड़े, सर काट कर कुत्तों को खिलाया: संभाजी को मिली इस्लाम कबूल न करने की सज़ा

उन्हें कई दिनों तक तड़पाया गया। शरीर के अंग काट लिए जाते थे और रात भर तड़पने के लिए छोड़ दिया जाता था। लेकिन उन्होंने इस्लाम कबूल नहीं किया। जीभ काट कर आँखें फोड़ डाली गई लेकिन वे झुके नहीं। महा बलिदान की वो गाथा, जिसकी नींव पर खड़ा हुआ विशाल और व्यापक मराठा साम्राज्य।

…उस मुगल ‘बादशाह’ की कब्र खोजेगा ASI, जिसने किया था गीता और 52 उपनिषदों का अनुवाद

"अगर औरंगजेब की जगह वह शहंशाह होता, तो क्या अलग भारत होता? ये धारणाएँ मुगल इतिहास की मिसप्लेस्ड अंडरस्टैंडिंग की वजह से आ रही हैं। उन्हें एक अच्छा मुस्लिम बनाया गया है लेकिन उनकी कब्र की खोज क्यों हो रही है?”

औरंगज़ेब के नाम पर सिखों ने पोती स्याही, कहा- वह लाखों हिंदुओं का क़ातिल, उसके नाम से आहत होती है भावना

"औरंगज़ेब हिंदुओं का ज़बरन धर्म परिवर्तन करता था। वो लाखों हिंदुओं का क़ातिल है। उसके नाम पर सड़क करोड़ों हिंदू और सिखों की भावना के साथ खिलवाड़ है। उसका नाम सड़कों और किताबों से हटाय जाए।"

जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफ़न की गई थी मंदिरों से लूटी गई हिन्दू प्रतिमाएँ, ये रहा सबूत

दिल्ली का जामा मस्जिद, जिसे शाहजहाँ ने बनवाया था। औरंगज़ेब के आदेश से मंदिरों से लूटी गईं हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफ़न कर दिया गया था। इसका सबूत है 'मसीर-ई-आलमगीरी', जो औरंगज़ेब की जीवनी है। पढ़िए क्या लिखा है इसमें?

वो मुग़ल बादशाह, जो बेटे की याद में रोते-रोते मरा… जबकि बेटा था ‘इस्लाम का दूत’

1666 में वो आज की ही तारीख़ थी, जब आगरा के किले में नज़रबंद एक बूढ़े मुग़ल बादशाह ने आख़िरी साँस ली थी। मौत के वक़्त उसके सारे कुकर्म लौट कर वापस उसके ही पास आए और इतिहास ने अपने-आप को फिर से दोहराया।

ताज़ा ख़बरें

कश्मीर में पिता को दिल का दौरा, मुंबई से साइकिल पर निकल पड़े आरिफ: CRPF और गुजरात पुलिस बनी फरिश्ता

आरिफ ने बताया कि वो रात भर साइकिल चला कर गुजरात-राजस्थान सीमा तक पहुँचे थे। अगली सुबह गुजरात पुलिस के कुछ जवान उन्हें मिले। उन्होंने उनके लिए न सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर जाने का प्रबंध किया, बल्कि भोजन की भी व्यवस्था की।

तबलीगियों पर युवक ने की टिप्पणी, मो. सोना ने गोली मारकर हत्या कर दी: CM योगी ने दिया रासुका लगाने का निर्देश

1. लोटन निषाद चाय की दुकान पर जाते हैं। 2. तबलीगी जमातियों और कोरोना संक्रमण को लेकर टिप्पणी करते हैं। 3. पास में ही मोहम्मद सोना बैठा होता है। 4. दोनों के बीच विवाद होता है, मारपीट शुरू होती है। 5. मो. सोना तमंचे से फायर कर लोटन निषाद की जान ले लेता है।

Covid-19: एकजुटता दिखाने के लिए आज पूरा देश जलाएगा दीया, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3374

दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 12 लाख के पार (12,03,460) हो गई है। संक्रमितों में से अब तक 64,772 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में अब तक 77 लोग संक्रमण की वजह से जान गॅंवा चुके हैं।

‘हम कोरोना वायरस में विश्वास नहीं करते, हमें अल्लाह पर विश्वास है’ – 37 मौतों के बाद भी खुली हैं मस्जिदें

“सरकार और पुलिस डर की भावना पैदा करने के लिए ऐसे बयान दे रही है। कुछ नहीं होगा। कराची 20 मिलियन का शहर है, सरकार हर नुक्कड़ या हर सभा में अपना फैसला लागू नहीं कर सकती है।”

पहले चाकू पर थूक लगाया, फिर तरबूज काटा… और उसके बाद लोगों को बेचा: अब्दुल, अहमद सहित 3 पर FIR

चाकू पर थूक लगाकर तरबूज काटकर बेचने की शिकायत पर बैतूल बाजार पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ FIR कर लिया है। पुलिस ने उनका तरबूज से भरा ऑटो भी जब्त कर लिया गया। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना को देखा, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

प्रचलित ख़बरें

फलों पर थूकने वाले शेरू मियाँ पर FIR पर बेटी ने कहा- अब्बू नोट गिनने की आदत के कारण ऐसा करते हैं

फल बेचने वाले शेरू मियाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था, जिसमें वो फलों पर थूक लगाते हुए देखे जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनकी बेटी फिजा का कुछ और ही कहना है।

वैष्णो देवी गए 145 को हुआ कोरोना: पत्रकार अली ने फैलाया झूठ, कमलेश तिवारी की हत्या का मनाया था जश्न

कई लोग मीडिया पर आरोप लगा रहे थे कि जब किसी हिन्दू धार्मिक स्थल में श्रद्धालु होते हैं तो उन्हें 'फँसा हुआ' बताया जाता है जबकि मस्जिद के मामले में 'छिपा हुआ' कहा जाता है। इसके बाद फेक न्यूज़ का दौर शुरू हुआ, जिसे अली सोहराब जैसों ने हज़ारों तक फैलाया।

नर्सों के सामने नंगे हुए जमाती: वायर की आरफा खानम का दिल है कि मानता नहीं

आरफा की मानें तो नर्सें झूठ बोल रही हैं और प्रोपेगेंडा में शामिल हैं। तबलीगी जमात वाले नीच हरकत कर ही नहीं सकते, क्योंकि वे नि:स्वार्थ भाव से मजहब की सेवा कर रहे हैं। इसके लिए दुनियादारी, यहॉं तक कि अपने परिवार से भी दूर रहते हैं।

मधुबनी, कैमूर, सिवान में सामूहिक नमाज: मस्जिद के बाहर लाठी लेकर औरतें दे रही थी पहरा

अंधाराठाढ़ी प्रखंड के हरना गॉंव में सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। यहॉं से तबलीगी जमात के 11 सदस्य क्वारंटाइन में भेजे गए हैं। बताया जाता है कि वे भी नमाज में शामिल थे। पुरुष जब भीतर नमाज अदा कर रहे थे दर्जनों औरतें लाठी और मिर्च पाउडर लेकर बाहर खड़ी थीं।

हिन्दू %ट कबाड़ रहे हैं, तुम्हारी पीठ पर… छाप दूँगा: जमातियों की ख़बर से बौखलाए ज़ीशान की धमकी

"अपनी पीठ मजबूत करके रखो। चिंता मत करो, तुम्हारी सारी राजनीति मैं निकाल दूँगा। और जितनी %ट तुम्हारी होगी, उतना उखाड़ लेना मेरा। जब बात से समझ न आए तो लात का यूज कर लेना चाहिए। क्योंकि तुम ऐसे नहीं मानोगे।"

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