विषय: कृषि

दिल्ली प्रदूषण, पराली जलाना

किसानों को जिम्मेदार ठहरा कर नाकामी छिपाने वालो, जरा प्रदूषण के असली कारकों पर भी गौर कर लो

पंजाब-हरियाणा का पानी किसान पी जाता है। दिल्ली में प्रदूषण भी किसान ही फैलाता है। ऐसी दलीलें देकर असली समस्याएँ छिपाई जा रही हैं। अगर आप सोचते हैं कि किसान 14 लाख की मशीन ख़रीद कर कटाई करे तो आपको जमीनी समझ नहीं। सरकारें और एमएनसी के इस जाल के जंजाल को समझिए।
पशुपालन से क्यों टूटा नाता?

सोचिएगा कामरेड! कैसे बदला ‘उत्तम खेती, मध्यम बान, नीच चाकरी, भीख निदान’ की कहावतों का देश

दिल्ली जैसे राज्यों में अंग्रेजों के दौर से ही गाय पालने पर पाबंदियाँ हैं। आस-पड़ोस के राज्यों से जब पशु घटे और खेत में पुआल जलने लगा तो धुआं दिल्ली तक भी पहुँचने लगा। अब साँस लेने में दिक्कत हो रही हो, तो परेशानी की जड़ में भी जाने की सोचिएगा कामरेड।
दादी-नानी के नुस्खों में भी एक बार समाधान ढूँढ़ने की कोशिश कर लेने में क्या हर्ज़ है?

जल-संकट, प्लास्टिक जैसी कई समस्याएँ हल हो गईं होतीं, अगर हम अपना देसी ज्ञान सहेज पाते

इस तकनीक से दो से तीन दिन तक पौधों को पानी मिलता रहता है। इस्तेमाल करने के बाद फेंक दी जाने वाली बोतलों का इस तरह से दोबारा इस्तेमाल भी होता है।
किसानों के लिए रघुबर दास ला रहे हैं अच्छे दिन?

किसान सम्मान निधि: 5 लाख किसानों के खाते में पहुँचे ₹2-2 हज़ार

पहले भूमि रिकॉर्ड न होने से एक बड़ी संख्या में किसान इस योजना से महरूम थे। मोदी सरकार कैबिनेट की पहली ही बैठक में नियमावली में संशोधन कर दिया।

80 लाख किसानों को डायरेक्ट लाभ, BT कॉटन बीजों के बिक्री मूल्य में कटौती

बीटी कपास बीज के MSP को कम करने के क़दम के तहत स्वदेशी जागरण मंच (SJM) सहित कई संगठनों ने माँग की थी कि ट्रेट शुल्क को पूरी तरह से हटा दिया जाए ताकि किसानों को उच्च क़ीमतों का 'अनावश्यक बोझ' न उठाना पड़े।
मोदी सरकार के आने से बढ़ी किसानों की आय

मोदी सरकार में किसानों की औसत मासिक आय में 25 प्रतिशत का वृद्धि

2012-13 में कृषि परिवार की औसत आय 6426 थी, जो अब बढ़कर 8058 हो गई है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की सरकार ने फरवरी 2016 में किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करनी की बात कही थी।
कृषि ऋण

RBI का किसानों को तोहफ़ा; बिना गारंटी मिलेगा ₹1.60 लाख तक का कर्ज़

बिना कुछ गिरवी रखे मिलने वाले ऋण की अधिकतम सीमा को 1,00,000 से बढ़ा कर सीधा ₹1,60,000 कर दिया गया है, यानी कि डेढ़ गुना से भी ज़्यादा का इज़ाफ़ा।
कृषि क्षेत्र

ज़मीनी स्तर पर किसानों के लिए मोदी काल में हुए बदलावों की गहन पड़ताल (भाग 1)

"हमें तो जो भी मिले वो चलेगा, क्योंकि जहाँ आज हम एक-एक पाई को मोहताज़ हैं, वहाँ एक-आध हज़ार का भी बहुत महत्व है।"- पीएम-किसान योजना पर निर्धन किसान जटहू सहनी की राय।
राधा मोहन सिंह

बजट 2019 की कहानी, राधा मोहन सिंह की जुबानी

बजट 2019 क्यों है 'किसानों का बजट'? समझें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह के शब्दों में। बजट 2019 (कृषि सेक्टर) का केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा विस्तृत विश्लेषण।
कृषि मंत्रालय

कृषि क्षेत्र में नरेंद्र मोदी को घेरने वालों को रास नहीं आएँगे ये आँकड़े

कृषि क्षेत्र में नरेंद्र मोदी सरकार को विरासत में एक लचर, रीढ़विहीन और नीतिहीन व्यवस्था मिली थी- पिछले चार सालों में उसमें काफी कुछ सुधार किए गए हैं और किसानों को उनका लाभ भी मिला है। सुनिए आंकड़ों की जुबानी।
क्रेमलिन में ल्यिसेन्को

प्रोग्रेसिव कामरेडों की वैज्ञानिक सोच का सच

इस पूरे प्रकरण में 3000 से ज्यादा वैज्ञानिकों को गिरफ्तार किया या मार डाला गया था। उनकी नौकरियाँ छीन ली गईं और कइयों को देश से भागने पर मजबूर होना पड़ा।

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