विषय: केंद्र सरकार

सरकारी आवास पर जबरन कब्जा

सरकारी बंगलों पर कब्जा जमाए पूर्व MP/MLA/अधिकारियों पर मोदी सरकार के बाद अब दिल्ली HC सख्त

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि जो पूर्व विधायक, पूर्व सांसद या फिर कोई अन्य सरकारी अधिकारी, जो अवैध तरीके से सरकारी बंगले पर कब्जा करके बैठे हुए हैं, सरकार उनके नाम और पता बताते हुए एक हलफनामा दायर करे।
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व्हाट्सएप: मोदी सरकार सख्त, आईटी मंत्रालय ने पूछा- जासूसी के बारे में क्यों नहीं बताया

व्हाट्सएप ने कहा है कि वह निजता की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार की चिंता से सहमत हैं। मामले की गंभीरता को समझते हुए उसने कठोर क़दम उठाए हैं। उसकी पूरी कोशिश है कि किसी भी यूजर्स के डेटा के साथ खिलवाड़ ना हो।
पूर्व PM एचडी देवगौड़ा, सरकारी आवास

22 साल पहले 11 महीने पीएम रहे देवगौड़ा नहीं रख पाएँगे 2 बंगला, वीपी हाउस खाली करना होगा

आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि देवगौड़ा केवल एक सरकारी आवास रखने के ही हक़दार हैं। संयुक्त मोर्चा सरकार के दौरान देवगौड़ा जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक पीएम पद पर रहे थे।

370 हटने के बाद पाबंदी कब तक? केंद्र ने SC से कहा- 99% जगहों से हटा लिया गया है, प्रतिदिन समीक्षा जारी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (24 अक्टूबर) को जम्मू-कश्मीर प्रशासन से कहा कि वे राष्ट्र हित के नाम पर पाबंदियाँ लगा सकते हैं। लेकिन, समय-समय पर इनकी समीक्षा भी होनी चाहिए। न्यायमूर्ति एनवी रमण की अगुआई वाली एक पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसके जवाब में बताया कि प्रशासन रोज़ाना इन प्रतिबंधों की समीक्षा कर रहा है।
ग्रीन वॉल ऑफ इंडिया

ग्रीन वॉल ऑफ इंडिया: 1400 Km लंबी, 5Km चौड़ी हरित पट्टी से रेगिस्तान को यूं रोकेगा भारत

भारत सरकार इसे 2030 तक राष्ट्रीय प्राथमिकता में रखकर हकीकत का रूप देने पर विचार कर रही है। जिसके लिए 26 मिलियन हेक्टेयर भूमि को प्रदूषण मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है।
ग्रीन क्रैकर्स, पटाखा, दिवाली

ये दिवाली पटाखों वाली… केंद्र सरकार ने लॉन्च किए पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन क्रैकर्स, SC ने लगाई थी रोक

2017 में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पटाखों पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद इस तरह के पटाखों को बनाने के बारे में सोचा गया और इसी दिशा में काम करते हुए वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने ग्रीन क्रैकर्स के विकास में अहम भूमिका निभाई। इस चुनौतीपूर्ण कार्य में...
निर्माणाधीन मुंबई मेट्रो

Aarey कॉलोनी में मेट्रो शेड को मिली हरी झंडी, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई संबंधी याचिकाओं को किया ख़ारिज

प्रस्तावित मेट्रो शेड के कारण व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे, इसमें विभिन्न एनजीओ और फ़िल्मी सितारे शेड का विरोध करने के लिए एकजुट हुए थे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि वर्तमान सरकार शहर को तबाह कर रही है, जंगलों को नष्ट कर रही है और सरकार का यह क़दम पर्यावरण विरोधी है।
INX मीडिया मामला

INX मीडिया स्कैम: केंद्र ने दी IAS प्रबोध सक्सेना पर केस चलाने अनुमति

केंद्र सरकार ने शनिवार (28 सितंबर) को INX मीडिया मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को चार अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की अनुमति दे दी थी। इनमें नीति आयोग की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सिंधुश्री खुल्लर शामिल थीं।
प्याज के निर्यात पर रोक

अब नहीं रुलाएगा प्याज: निर्यात पर रोक, केंद्र ने राज्यों से कहा- जितनी जरूरत हो ले जाएँ

केंद्र ने कुछेक राज्यों को 15.59 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज मुहैया कराया है। उपभोक्ताओं को अधिकतम 23.90 रुपए/किलो की कीमत पर मुहैया कराने को कहा गया है। दिल्ली ने 28 सितंबर से 5 दिनों के लिए प्रतिदिन 100 टन प्याज की माँग की है।

मोदी सरकार का सख्त कदम: भ्रष्टाचार में लिप्त 15 CBDT अधिकारियों को जबरन किया रिटायर

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार पर बड़ा कदम उठाते हुए 15 इनकम टैक्स अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया है। इससे पहले भी ऐसा ही एक फैसला लिया गया था। उसमें हाई रैंक वाले भारतीय राजस्व सेवा के 27 अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया गया था।
उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू

इतिहास से छेड़छाड़, पुनः लिखने की जरुरत: शिवाजी, ज्ञानेश्वर, लक्ष्मीबाई, शंकराचार्य… के बारे में ज़्यादा कुछ नहीं

"पूरी दुनिया भारत को देख रही है। जाति, पंथ, धर्म, लिंग और क्षेत्र पर आधारित सभी मौजूदा सामाजिक बुराइयों को दूर किया जाना चाहिए, क्योंकि हम वन नेशन और वन पीपल हैं। हमें अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास करना चाहिए, जो देश में शांति और सद्भाव बनाए रखने के अलावा जीवन जीने का एक तरीका है।"
बीएसएनएल

BSNL ने सभी कर्मचारियों को दी सैलरी, ₹3300 करोड़ का किया भुगतान

बीएसएनएल के चेयरमैन ने बताया कि कम्पनी ने अपने आंतरिक संसाधनों का इस्तेमाल कर कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में बीएसएनएल को 14,000 करोड़ का घाटा हुआ है और कम्पनी का राजस्व घट कर 19,308 करोड़ रुपया हो गया है।

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