कोर्ट ने ये भी नोट किया है कि एक गवाह बयान देने के लिए तैयार था, लेकिन फिर भी उसे पेश नहीं किया गया। साथ ही 'तहलका' के सर्वर में कुछ जरूरी इमेल्स थे, जिन्हें पेश नहीं किया गया।
तरुण तेजपाल ने निर्दोष सिद्ध होने के बाद जो बयान जारी किया है, उस पर प्रिंट में मार्च 19, 2021 की तारीख दर्ज है, जिसे काट कर मार्च 21, 2021 बनाया गया है।
गोवा के लॉ कॉलेज की एक सहायक प्रोफेसर की नजर में मंगलसूत्र 'कुत्ते के गले बँधी चेन' के समान है। प्रोफसेर ने अपनी फेसबुक पोस्ट में इसका जिक्र भी किया है। इसको लेकर गोवा में विवाद खड़ा हो गया।