विषय: नमामि गंगे

नमामि गंगे प्रोजेक्ट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नमामि गंगे पर कानपुर में मोदी की क्लास, स्टीमर पर बैठ कर लिया सफाई कार्यों का जायजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में गंगा की सफाई के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। परियोजना में तेजी लाने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
गंगा, केंद्र सरकार

₹50 करोड़ ज़ुर्माना, 5 साल की जेल: गंगा को स्वच्छ रखने के लिए मोदी सरकार सख्त, विधेयक की तैयारी

विधेयक में गंगा के प्रवाह में बाधा डालने या इसे प्रदूषित करने के लिए पाँच साल की क़ैद और 50 करोड़ रुपए का ज़ुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि बिल के तहत अपराधों को ग़ैर-ज़मानती और...
योगी आदित्यनाथ

विकास कार्यों में देरी से नाराज़ योगी: 7 अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृति, ग़ैर-ज़िम्मेदार अफ़सर-ठेकेदारों पर FIR

प्रदेश सरकार ने सहायक सेनानायक अरुण कुमार, फैजाबाद में डिप्टी एसपी विनोद कुमार राणा, आगरा में डिप्टी एसपी नरेंद्र सिंह राणा, सहायक सेनानायक झाँसी तेजवीर सिंह यादव, डिप्टी एसपी मुरादाबाद संतोष कुमार सिंह तथा सहायक सेनानायक गोंडा में कार्यरत तनवीर अहमद खाँ को अनिवार्य सेवानिवृति प्रदान की है।
नमामि गंगे

‘नमामि गंगे’ का मुरीद हुआ चीन, कहा- मोदी सरकार की ​परियोजना अनुकरणीय

चीन ने कहा है कि पानी से सम्बंधित परियोजनाओं में जनता की भागीदारी काफ़ी महत्वपूर्ण और ज़रूरी होती है। ख़ासकर, जब मामला जल-संरक्षण और पर्यावरण से जुड़ा हो। चीन के अधिकारियों ने कहा कि भारत ने 'नमामि गंगे' के तहत जो किया है, वह अनुकरणीय है।
नमामि गंगे योजना

ग्राउंड रिपोर्ट #4: वो 3 नई तकनीकें, जिससे गंगा अब हो रही निर्मल

प्रयागराज में कुल 46 ऐसे नाले थे, जिसका पानी सीधे गंगा में मिल रहा था। ऐसे में गंदे पानी को रोकने के लिए इंस्टिट्यूट रेन ट्रीटमेंट तकनीक के तहत 6 नाले, जियो ट्यूब तकनीक के माध्यम से 5 नाले जबकि 35 नालों को बायोरेमीडिएशन तकनीक से साफ़ किया जा रहा है।
कुंभ 2019 का विहंगम दृश्य

ग्राउंड रिपोर्ट #3: दिल्ली की बीमार यमुना कैसे और क्यों प्रयागराज में दिखने लगी साफ?

सरकारी बयान के बाद मैंने कुंभ को एक पत्रकार के नजरिए से देखना शुरू कर दिया। मैं देखना चाहता था कि क्या वाकई में कुंभ में पहुँचने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए अच्छी तैयारी की गई है या सबकुछ कागजी और हवा-हवाई है?
रमना में निर्माणाधीन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट

ग्राउंड रिपोर्ट #2: नमामि गंगे योजना से लौटी काशी की रौनक – सिर्फ अभी का नहीं, 2035 तक का है प्लान

गंगा को साफ़ रखने के लिए पूरे वाराणसी शहर को 4 हिस्सों में बाँटा गया है। इन सभी क्षेत्रों में कुल 13 प्रोजेक्ट को शुरू किया गया, जिस पर सरकार द्वारा ₹913.07 करोड़ ख़र्च करने की घोषणा की गई है।
वाराणसी का अस्सी घाट

ग्राउंड रिपोर्ट #1: मोदी सरकार के काम-काज के बारे में क्या सोचते हैं बनारसी लोग?

जैसे ही मैं हवाई अड्डे से बाहर निकलकर पार्किंग की तरफ़ बढ़ने लगा दीवारों पर लगी पान की पीक और बनारसी लोगों के अल्हड़ अंदाज़ को देखकर मुझे अहसास हो गया कि मैं सच में मस्तमौला बनारसी लोगों के बीच पहुँच गया हूँ।
गंगा, केंद्र सरकार

फोटो फ़ीचर: ‘नमामि गंगे’ से बदलती माँ गंगा की सूरत

सीधे नदी की सफ़ाई करने से पहले उसमें करोड़ों लीटर गिरते हुए कचड़े को रोकना, उसे दूसरी तरफ़ मोड़ना, उसे रसायनों एवं अन्य तरीकों से ट्रीट करना सबसे पहला कदम था जिसका परिणाम इन तस्वीरों में दिख रहा है।

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