नरेंद्र मोदी ने 2 दिन की भूटान यात्रा पाह हैं। उन्होंने भारत की पनबिजली कंपनी के सहयोग से मध्य भूटान के ट्रोंगसा डोंग्खग जिले के मंगदेछु नदी पर 720 हजार मेगावाट की क्षमता वाली बिजली परियोजना का उद्घाटन भी किया।
“मुस्लिम समाज में एक से अधिक पत्नी रखने की धार्मिक ‘छूट’ है। इसलिए ‘हम पाँच हमारे पच्चीस’ की जनसंख्या बढ़ाने वाली जो फैक्ट्री शुरू थी, उस फैक्ट्री पर ‘तालाबंदी’ घोषित कर दी गई।”
वह क्रिश्चियनिटी के प्रखर आलोचक थे और गुजरात में मिशनरी ईसाईयों द्वारा चलाए जा रहे धर्मान्तरण के सख्त विरोधी। 125 पुस्तकें लिखने वाले बुद्धिसागर ने मूर्तिपूजा के समर्थक थे और इसके लिए उन्होंने तर्क भी दिए थे।
समय का पहिया घूमा और गुजरात को नरेन्द्र मोदी के रूप में नया मुख्यमंत्री मिला। मोदी ने देश की कमान सम्भालने तक गुजरात की बागडोर थामे रखी। मोहसिन बताती हैं कि एक बार राखी बाँधते समय उन्होंने दुआ करते हुए कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री बनें। इसके बाद नरेन्द्र मोदी मुस्कुराने लगे थे।
"बच्चे के जन्म से पहले उसकी जरूरत के बारे में जरूर सोचें। शिक्षित वर्ग ऐसा ही करता है। स्वयं की प्रेरणा से अगर आप परिवार सीमित रखते हैं तो ना सिर्फ आपका बल्कि देश का भी भला होता है और यह भी एक तरह की देशभक्ति है।"
"जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में जो पुरानी व्यवस्था थी उसने वंशवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। महिलाओं, बच्चों व दलितों के साथ भेदभाव हो रहा था। अनुच्छेद 370 पर हमारे निर्णय का विरोध करने वालों से मेरा सवाल यह है कि अगर ये इतना ही महत्वपूर्ण था तो इसे स्थायी क्यों नहीं बनाया गया?"
ओवैसी ने रजनीकांत के उस बयान पर भी तंज कसा जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर पर क्रन्तिकारी निर्णय लेने के लिए मोदी-शाह की तुलना कृष्ण और अर्जुन की जोड़ी से की थी। ओवैसी ने पूछा कि अगर मोदी-शाह को कृष्ण-अर्जुन कहा जा रहा है तो पांडव और कौरव कौन हैं?
अनुच्छेद-370 हटाने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार आज देश को संबोधित कर रहे हैं। PM मोदी इस संबोधन में जम्मू-कश्मीर को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में राष्ट्र को संदेश दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने इससे पहले 27 मार्च को देश को सम्बोधित किया था। तब उन्होंने बताया था कि अंतरिक्ष में सक्रिय सैटेलाइट को मार गिरा कर भारत यह क्षमता हासिल करने वाले देशों में शुमार हो गया है।
अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंड राष्ट्रपति के अनुमोदन से खत्म होंगे। अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद अनुच्छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव पेश करते ही विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया।