370 इतना ही अच्छा था तो यह अस्थायी क्यों था? PM ने किया ₹100 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान

जनसंख्या विस्फोट की गंभीर समस्या पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि हमें इसके बारे में सोचने की ज़रूरत है। प्रधानमंत्री ने जनता की सरकार पर निर्भरता कम करने की बात करते हुए पूछा कि क्या हम ऐसा माहौल तैयार नहीं कर सकते जिसमें...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित किया। उन्होंने अपना सम्बोधन देश के कई हिस्सों में बाढ़ से जूझ रही जनता को यह एहसास दिलाते हुए किया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता दी जाएगी। पीएम मोदी ने लोगों को याद दिलाया कि दूसरी बार उनकी सरकार का गठन हुए अभी बस 10 हफ्ते ही हुए हैं लेकिन उनकी सरकार ने इतने कम अंतराल में ही कई बड़े निर्णय लिए हैं।

जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन और तीन तलाक के खात्मे को प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियाँ बताईं। प्रधानमंत्री द्वारा कही गई मुख्य बातें:

  • अगर 2014 से 2019 आवश्यकताओं को पूरा करने का दौर था तो 2019 के बाद का कालखंड देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का कालखंड है, उनके सपनों को पूरा करने का कालखंड है।‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र लेकर हम चले थे लेकिन 5 साल में ही देशवासियों ने ‘सबका विश्वास’ के रंग से पूरे माहौल को रंग दिया।
  • समस्याओं का जब समाधान होता है तो स्वावलंबन का भाव पैदा होता है, समाधान से स्वालंबन की ओर गति बढ़ती है। जब स्वावलंबन होता है तो अपने आप स्वाभिमान उजागर होता है और स्वाभिमान का सामर्थ्य बहुत होता है।
  • जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में जो पुरानी व्यवस्था थी उसने वंशवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। महिलाओं, बच्चों व दलितों के साथ भेदभाव हो रहा था। अनुच्छेद 370 पर हमारे निर्णय का विरोध करने वालों से मेरा सवाल यह है कि अगर ये इतना ही महत्वपूर्ण था तो इसे स्थायी क्यों नहीं बनाया गया?
  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सुख-समृद्धि और शांति हेतु भारत के लिए प्रेरक बन सकता है और भारत की विकास यात्रा में बहुत बड़ा प्रेरक बन सकता है। धारा 370 को हटाने के लिए हर कोई प्रखर रूप से समर्थन देता रहा लेकिन राजनीति के गलियारों में चुनाव के तराजू से तौलने वाले कुछ लोग 370 के पक्ष में कुछ कहते रहे हैं।
  • देश को नई ऊँचाइयों को पार करना है, विश्व में अपना स्थान बनाना है और हमें अपने घर में ही गरीबी से मुक्ति पर बल देना है और ये किसी पर उपकार नहीं है। भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए हमें गरीबी से मुक्त होना ही है और पिछले 5 वर्षों में गरीबी कम करने की दिशा में, गरीब को गरीबी से बाहर लाने की दिशा में बहुत सफल प्रयास हुए हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का सम्बोधन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-संरक्षण पर बल देते हुए इसे जनांदोलन बनाने की बात कही। जनसंख्या विस्फोट की गंभीर समस्या पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि हमें इसके बारे में सोचने की ज़रूरत है। प्रधानमंत्री ने जनता की सरकार पर निर्भरता कम करने की बात करते हुए पूछा कि क्या हम ऐसा माहौल तैयार नहीं कर सकते जिसमें हरेक व्यक्ति को अपने सपने को पूरा करने के लिए उचित माहौल मिले? भ्रष्टाचार और कालाधन को उन्होंने आजादी के बाद की सबसे बड़ी समस्या करार दिया। पीएम ने अपने संबोधन में कहा:

  • आज देश में 21वीं सदी की आवश्यकता के मुताबिक आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने का फैसला किया गया है।
  • पहले सिर्फ़ रेलवे स्टेशन की बात होती थी, अब एअरपोर्ट की होती है। पहले मोबाइल फोन की बात की जाती थी, अब डेटा स्पीड की बात होती है। समय बदल रहा है और हमें इसे स्वीकार करना चाहिए।
  • आज देश में 21वीं सदी की आवश्यकता के मुताबिक आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने का फैसला किया गया है।
  • हमारी अर्थव्यवस्था के बुनियाद बहुत मजबूत हैं और ये मजबूती हमें आगे ले जाने का भरोसा दिलाती है।
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