Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयभारत के खिलाफ कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी: PM मोदी ने ट्रम्प...

भारत के खिलाफ कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी: PM मोदी ने ट्रम्प को फोन पर कहा

इस दौरान पीएम मोदी ने यह साफ़ कर दिया कि दक्षिण एशिया के कुछ नेताओं द्वारा भारत के ख़िलाफ़ हिंसा फैलाने के उद्देश्य से भड़काऊ बयानबाजी की जा रही है, जो क्षेत्र की शांति के लिए सही नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बात की है। फोन कॉल पर दोनों की बातचीत लगभग आधे घंटे तक चली। इस दौरान दोनों ने द्विपक्षीय मुद्दों से लेकर क्षेत्रीय मसलों पर भी बातचीत की। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत में वही गर्मजोशी और सौहार्द देखने को मिला, जो भारत-अमेरिका के रिश्तों में भी झलकता है।

इस दौरान पीएम मोदी ने यह साफ़ कर दिया कि दक्षिण एशिया के कुछ नेताओं द्वारा भारत के ख़िलाफ़ हिंसा फैलाने के उद्देश्य से भड़काऊ बयानबाजी की जा रही है, जो क्षेत्र की शांति के लिए सही नहीं है। अर्थात, नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से पाकिस्तान से संबंध पर बात की और कहा कि पाक की एंटी भारत विरोधी गतिविधियाँ क्षेत्र में शांति के लिए एक बड़ा ख़तरा है, भारत ऐसी गतिविधियाँ बर्दाश्त नहीं करेगा।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करते हुए आतंक और हिंसा से मुक्त शांतिपूर्ण वातावरण तैयार करने की महत्ता पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा दिए जाने के ख़िलाफ़ भी अपनी बात रखी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -