Tuesday, March 2, 2021

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महेश भट्ट को पहले से थी गुलशन कुमार की हत्या की सूचना, शिव मंदिर वाली बात भी निकली थी सच!

क्या आप गुलशन कुमार को जानते हैं? मारिया के सवाल पर भट्ट ने कहा हाँ, मैं जानता हूँ। फिर मारिया ने पूछा - क्या गुलशन कुमार हर सुबह एक शिव मंदिर जाते हैं? भट्ट के जवाब से यह बात भी सही निकली। और मुखबिर के अनुसार इसी शिव मंदिर में गुलशन कुमार का 'विकेट' गिरने वाला था, मतलब...

भारत की पहली संस्कृत एनिमेशन फ़िल्म ‘पुण्यकोटि’ का ट्रेलर जारी, जल्द होगी रिलीज

भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब कोई एनिमेटेड फ़िल्म संस्कृत भाषा में बनी हो। 'पुण्यकोटि' को रविशंकर वी ने अपने मित्रों और सोशल मीडियो के जरिए क्राउड फंडिंग कर बनाया है। इसे बनाने में 4 से 5 करोड़ रुपए का खर्च आया है। जिसमें संगीत इलैयाराजा ने दिया है।

‘गदहे हैं ये लोग’: शिकारा से कश्मीरी पंडितों के जख्म पर नमक रगड़ने वाला चोपड़ा बौखलाया

विधु विनोद चोपड़ा ने कश्मीरी पंडितों का दर्द दिखाने के नाम पर 'शिकारा' बनाई। लेकिन, फिल्म में मुस्लिमों के अत्याचार को छिपा लिया और प्रेम-कहानी पर जोर दिया। इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को अब गदहा बता वे झूठे आँकड़े गिना रहे हैं।

छिपाया जा रहा कश्मीरी पंडितों का दर्द?: ‘शिकारा’ के कुछ पोस्टरों में इसे बताया गया ‘लव स्टोरी’

'शिकारा' का एक अन्य पोस्टर शेयर किया गया, जिसमें टैगलाइन बदला सा दिख रहा है। इसपर टैगलाइन है- "A timeless love story in the worst of times." इसका अर्थ है- 'अत्यंत बुरे समय की एक कालजयी प्रेम कहानी।' कश्मीरी पंडित वाली बात क्यों छिपाई जा रही है?

‘कश्मीरी पंडितों के पलायन के लिए मुस्लिम जिम्मेदार नहीं, फ़िल्म पर लगे रोक… वरना पूरे देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ेगा’

"हमने कई बार इस फिल्म के ट्रेलर देखे और और पाया कि उसमें दिखाए गए कंटेंट आपत्तिजनक हैं। इसमें कश्मीरी पंडितों के घाटी से पलायन के लिए कट्टरपंथियों को जिम्मेदार बताया गया है। जबकि सच्चाई यह नहीं है। यह फ़िल्म पूरे देश के माहौल को ख़राब..."

‘भिखारी नहीं हैं कश्मीरी पंडित, हमने किसी के सामने हाथ नहीं फैलाए, अपने पैरों पर खड़े रहे’

"हम ऐसी फिल्म बनाना चाहते थे जहॉं आप देखें कि हमारे साथ क्या हुआ और उसके बावजूद हम अपने जीवन में उम्मीद के सहारे खड़े रहे। हम भिखारी नहीं हैं। हमने सरकार के सामने अपने हाथ नहीं फैलाए बल्कि हम अपने पैरों पर खड़े रहे। यह छोटी नहीं, बल्कि बड़ी बात है।"

बेचारा अफ़ज़ल गुरु निर्दोष निकला तो उसे वापस कौन लाएगा, ये न्याय का मज़ाक: आलिया की मम्मी

राजदान ने सज़ा-ए-मौत का विरोध करते हुए लिखा कि फाँसी की सज़ा को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अफजल गुरु को 'बलि का बकरा' बनाए जाने का आरोप लगाते हुए इस मामले में उच्च-स्तरीय जाँच की माँग की। उन्होंने आतंकी अफ़ज़ल के निर्दोष होने का अंदेशा जताया।

Chhapaak में करनी होगी एडिटिंग, तब होगी रिलीज: कोर्ट ने डायरेक्टर को दिया आदेश

रिलीज से पहले विवादों में घिरी छपाक फ़िल्म के निर्देशक मेघना गुलजार को दिल्ली के पटियाला कोर्ट ने निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने कहा है कि फ़िल्म में एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल के वकील अर्पणा भट्ट को क्रेडिट दिया जाए, क्योंकि...

हे मार्क्स बाबा के कॉमरेड, ठण्ड का मौसम तुम्हारी क्रांति के लिए सही नहीं है, रजाई में दुबके रहो

प्रथमतया सर्दी का मौसम सड़क पर धरना प्रदर्शन के लिए अनुकूल नहीं होता है। सर्दियों का समय समाजवाद के शीतनिद्रा में जाने के लिए उपयुक्त होता है। समाजवादी सौंदर्यशास्त्र के साथ भी सर्दियाँ ठीक नहीं जाती। एक अच्छा वामपंथी कम नहाया हुआ, दाढ़ी बढ़ाया हुआ, महँगा कुर्ता पहन कर ग़रीबों के लिए व्यथित भाव लिए दिखता है।

स्पेशल आइकॉन अवॉर्ड से होंगे सम्मानित सुपरस्टार रजनीकांत: मोदी सरकार को दिया धन्यवाद

जावड़ेकर के इस ट्वीट के बाद तमिल इंडस्ट्री और रजनीकांत के फैंस के साथ-साथ अन्य सिनेप्रेमियों ने भी ख़ुशी जताई। जावड़ेकर ने लिखा कि भारत सरकार ने भारतीय सिनेमा में रजनीकांत द्वारा पिछले कई दशकों में दिए गए उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने का फ़ैसला लिया है।

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