ममता बनर्जी ने कहा है कि भाजपा त्रिपुरा में माकपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार कर रही है, इसके बावजूद माकपा को बंगाल में बीजेपी का विरोध करने के बजाय उसका साथ दे रही है और तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार की छवि धूमिल करने पर उतारू रहती है।
दुर्योधन ने चीरहरण का आदेश दिया। युधिष्ठिर ने बिना कौरवों का नाम लिए घोर आपत्ति जताई और बोले- "ऐसे भी कुछ लोग हैं जो परस्त्रियों को निर्वस्त्र करना चाहते हैं। विश्व समुदाय को इनका संज्ञान लेना होगा। अमेरिका को भी अवश्य इन पर कार्यवाही करनी चाहिए।"
सभासद चौधरी धारा सिंह अपने घर से शुगर मिल ड्यूटी के लिए जा रहे थे। रास्त में चार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। एक गोली उनके सिर में भी लगी। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
साल 2017 में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया था, जब भारत-चीन सीमा पर डोकलाम विवाद हुआ था। दोनों देशों के संबंधों के बीच मतभेद गहरा गए थे मगर ऐसे माहौल में अचम्भा तब हुआ था, जब राहुल गाँधी के एक चीनी राजदूत से मिलने की खबर आई थी।
हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अपराधियों ने पहले खरात पर गोली चलाई। गोलीबारी की आवाज सुनकर उनके भाई सुनील बाबू बाहर आए। हमलावरों ने उन पर भी गोली चलाई। वो जान बचाने के लिए घर में भागे। मगर हमलावरों ने उनका पीछा किया और चाकू से उनका गला काट दिया।
"मैं असदुद्दीन ओवैसी और उनके छोटे भाई 'दशद्रोही' अकबरुद्दीन ओवैसी को कहना चाहूँगा कि तुम लोगों को भी RSS की शाखा में सम्मिलित होने की ज़रूरत है। तुम शाखा में सम्मिलित होकर ही समझ पाओगे कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किस तरह देश के लिए काम करता है।"
इलाके में करीब 600 घरों में से 65%, यानी 400 के आस-पास समुदाय विशेष के हैं। कथित तौर पर बलात्कारियों ने पीड़िता का कुरता नहीं उतारा- क्योंकि वह अनुसूचित जाति पासी की थी, जिसे स्थानीय समुदाय विशेष वालेअपने से 'नीचे' देखते हैं।
"महात्मा गाँधी सिर्फ़ स्वतंत्रता की ही लड़ाई नहीं लड़ रहे थे बल्कि भारतीय सभ्यता के मूल तत्व को आधार बनाकर पश्चिमी सभ्यता की राक्षसी प्रकृति जिसमें दमन, अमानवीयता, संसाधनों की लूट, विस्तारवाद, ताक़तवर होने का अहम, व्यक्तिवाद और ‘हम और तुम’ की खाई अंतर्निहित है, को भी चुनौती दे रहे थे।"
नामांकन के बाद भाजपा की एक सभा हुई। इस सभा में विजय राजभर अपने सब्जी बेचने वाले पिता से गले मिल फूट-फूट कर रोने लगे। इस दृश्य को देख कर वहाँ मौजूद लोगों की आँखें भर आईं। मंत्री अनिल राजभर ने सब्जी बेचने वाले नन्दलाल राजभर को पूरे सम्मान के साथ मंच पर बिठाया।