विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था

नरेंद्र मोदी, अर्थव्यवस्था

72 साल में $2 ट्रिलियन, 5 साल में $3 ट्रिलियन: मोदी के आते सरपट दौड़ी अर्थव्यवस्था

भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 60 साल लगे। इसके अगले 12 वर्षों में देश के 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद भारत ने अभूतपूर्व छलांग लगाते हुए मात्र 5 वर्षों में 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन कर दुनिया को चौंका दिया।
प्रणब मुखर्जी, अर्थव्यवस्था, GDP

‘GDP ग्रोथ में गिरावट चिंता की बात नहीं’ – प्रणब मुखर्जी की यह लाइन कॉन्ग्रेसी चमचे और मीडिया गिरोह को तमाचा

"2008 में आर्थिक संकट के दौरान भारतीय बैंकों ने लचीलापन दिखाया था। तब मैं वित्त मंत्री था, सार्वजनिक क्षेत्र के एक भी बैंक ने धन के लिए मुझसे सम्पर्क नहीं किया था। लेकिन अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बड़े पैमाने पर पूंजी की ज़रूरत है और अगर उन्हें यह मुहैया कराई जा रही है तो इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है।"
आरसीईपी के मंच पर पीएम मोदी (फ़ाइल फोटो)

जानें क्या है ‘RCEP’: PM मोदी ने इसमें शामिल होने से क्यों किया इनकार

भारत ने इस समझौते पर हस्ताक्षर से पूर्व कुछ शर्तें रखी थीं जिसके बाद इसके लंबित होने की आशंका थी मगर उसे रद्द कर दिया गया।
कुमार मंगलम बिड़ला

कारोबार करना पहले से हुआ आसान, केंद्र और राज्यों में बेहतर समन्वय: कुमार मंगलम बिड़ला

बिड़ला ने कहा कि अभी भी बेहतरी की बहुत सी सम्भावनाएँ हैं। हमें याद रखना चाहिए कि भारत में कारोबार का मतलब केंद्र और राज्य दोनों की सरकारों के साथ काम करना होता है। इस मायने में पहले से स्थिति काफी बेहतर हुई है।
रघुराम राजन

आर्थिक गड़बड़ी 2007-08 (मनमोहन-सोनिया की UPA सरकार) के गलत कर्जों से शुरू हुई: रघुराम राजन

"बैंकों के फँसे कर्जों के संकट (एनपीए क्राइसिस) के बीज 2007-08 में पड़ गए थे। तब मनमोहन सिंह और सोनिया गाँधी की कॉन्ग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार सत्ता में थी। इस काल खंड में बहुत सारे खराब कर्ज बाँटे गए, आज इनकी साफ़-सफाई होना विकास के लिए ज़रूरी है।"
RBI, सोने की बिक्री, ग़लत ख़बर

RBI ने सोने की बिक्री की ख़बर का किया खंडन: फर्जी साबित हुई ET और ‘मीडिया गिरोह’ की रिपोर्ट

रविवार (27 अक्टूबर) को भारतीय रिज़र्व बैंक ने सोने की ब्रिकी को लेकर स्पष्ट किया कि वह न तो सोना बेचते हैं और न ही इसमें व्यापार करते हैं।
ईज़ ऑफ़़ डूइंग बिज़नेस

वर्ल्ड बैंक से भारत के लिए खुशखबरी: अब बिजनस करना हुआ आसान, लगाई 14 रैंकिंग की छलांग

वर्ष 2014 में जब PM मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार बनी, तो उस समय भारत की रैंकिंग 190 देशों में से 142वें स्थान पर थी। 4 साल तक जारी सुधार के बाद साल 2017 में भारत की रैंकिंग सुधरकर 100 हो गई। 2018 में स्थिति फिर सुधरी और भारत ईज़ ऑफ़ डुईंग लिस्ट में 77वाँ स्थान बनाने में क़ामयाब रहा था।
आर्थिक मंदी, आईएमएफ

कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती से बढ़ेगा निवेश, समस्याओं को लेकर मोदी सरकार सजग: IMF

इसी महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती की सौगात दी थी। टैक्स में कटौती से कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि होती है, जिससे कम्पनियाँ निवेश करने के लिए अतिरिक्त धन का उपयोग कर पाएँगी।
भारत के पेमेंट बाज़ार में क्या बदलाव लाएगा यह निवेश?

PhonePe को मिलेंगे $1 अरब: वॉलमार्ट के कदम से बढ़ेगा पेमेंट बाज़ार में भारतीय दबदबा

भारतीय सॉफ्टवेयर सेक्टर 'पश्चिम के डिजिटल मजदूर' का तमगा उतार कर भारतीयों की ज़िंदगी पर असर डालने वाले सॉफ्टवेयर बनाने की दौड़ में कहाँ खड़ा है।
RBI प्रमुख शक्तिकांत दास के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (तस्वीर रॉयटर्स से साभार)

ईरान के बाद अब वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंध, निर्मला सीतारमण ने कहा- नहीं कुर्बान कर सकते भारतीय हित

गिरती अर्थव्यवस्था के बीच ईरान से सस्ता मिल रहा क्रूड भी भारत ने खरीदना कम कर दिया है। ऐसे में वेनेज़ुएला प्रतिबंध को और झेलना भारत के लिए मुश्किल लग रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

मनमोहन और रघुराम राजन के दिनों की बैंकिंग ने सब बर्बाद किया: निर्मला सीतारमण

सीतारमण ने कहा कि राजन के समय में बैंक कर्जों में बहुत समस्याएँ थीं। राजन के ही RBI प्रमुख रहते भ्रष्ट नेताओं के फ़ोन कॉल से क़र्ज़ मिल जाया करते थे। बैंकों को उस दलदल से निकलने के लिए सरकार से पूँजी ले-ले कर काम चलाना पड़ रहा है।
फ्लिपकार्ट, अमेज़न

36 घंटे में केवल 1 ने बेचे ₹750 करोड़ के फोन: क्या जनता बिना कच्छों के मोबाइल चला रही?

ऑनलाइन फेस्टिव सीजन शुरू हो चुका है। त्योहारों की शुरुआत के साथ ही ऑनलाइन रिटेलर्स के बीच आँकड़ों की लड़ाई भी शुरू हो गई। आँकड़े बताते हैं कि ब्रिकी पिछले साल से डबल है। आखिर कहॉं गई मंदी और 'लोग खर्च नहीं करना चाहते हैं' की दलीलें।

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