Homeविविध विषयअन्यलाइसेंस राज में कुछ घरानों का ही चलता था सिक्का, 2014 के बाद देश...

लाइसेंस राज में कुछ घरानों का ही चलता था सिक्का, 2014 के बाद देश ने भरी उड़ान: गौतम अडानी ने PM मोदी को दिया बदलाव का श्रेय, कहा- निवेश के मौके बढ़े

गौतम अडानी ने कहा, "भारत की औसत आयु आज 29 वर्ष है जबकि चीन पहले ही 39 वर्ष को पार कर चुका है। इससे भी अच्छी बात यह है कि भारत की 2050 में भी औसत आयु 39 वर्ष ही होगी। ऐसे में भारत अगले तीन से चार दशक तक खपत के शीर्ष स्तर पर होगा, अन्य कोई भी देश इस प्रकार की बढ़त नहीं पा सका है।"

देश के बड़े कारोबारी गौतम अडानी ने बीते 10 वर्ष के मोदी सरकार के कार्यकाल की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था ने 10 वर्षों में टेकऑफ किया है और इसका सबसे बड़ा कारण सही तरीके से सरकार का चलना रहा है। उन्होंने बीते 10 वर्षों में सरकार द्वारा कारोबारी माहौल की भी तारीफ़ की है।

CRISIL समिट 2024 में बोलते समय अडानी समूह के मुखिया ने कहा, “1991 के आर्थिक सुधारों से 2014 के बीच का समय देश के विकास के लिए आधार बनाने और रनवे बनाने जैसा था तो वहीं 2014 से 2024 के बीच का समय हमारी उड़ान का है। इस बदलाव का सबसे बड़ा उत्प्रेरक पिछले 10 सालों का अच्छा शासन रहा है। भारत का राजकोषीय निवेश जीडीपी का 1.6% से 3.3% हो गया है। कॉर्पोरेट टैक्स 30% से 22% पर आ गया है, इससे निवेश करने के लिए मौके बढ़े हैं।”

उन्होंने बताया कि देश का चालू खाता घाटा जीडीपी के 3.5% से 0.8% पर आ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में स्पष्ट रूप से दिखने वाले बदलाव भी आए हैं। अडानी ने कहा, “विदेश से आने वाला प्रत्येक व्यक्ति देश में धुआँधार तरीके से बन रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात करता है। भारत सरकार के आधार-UPI डिजिटल इन्फ्रा ने देश का आर्थिक इकोसिस्टम बदल दिया है। इसने अर्थजगत में क्रान्ति लाकर उन लोगों को व्यवस्था में लाया है जो पहले इससे बाहर थे।”

गौतम अडानी ने कहा, “भारत की औसत आयु आज 29 वर्ष है जबकि चीन पहले ही 39 वर्ष को पार कर चुका है। इससे भी अच्छी बात यह है कि भारत की 2050 में भी औसत आयु 39 वर्ष ही होगी। ऐसे में भारत अगले तीन से चार दशक तक खपत के शीर्ष स्तर पर होगा, अन्य कोई भी देश इस प्रकार की बढ़त नहीं पा सका है।”

अडानी ने यहाँ ग्रीन एनर्जी और डिजिटल अर्थव्यवस्था को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी के कारण भारत में आगामी वर्षों में लाखों नौकरियाँ पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि डाटा नए कच्चे ईंधन की तरह है, ऐसे में डाटा सेंटर की माँग अब बढ़ेगी। उन्होंने इस क्षेत्र के आने वाले समय में महत्व बताए।

गौतम अडानी ने बताया कि अडानी समूह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सोलर पॉवर कम्पनी हैं और देश के भीतर सबसे बड़े एयरपोर्ट ऑपरेटर हैं। उन्होंने बताया कि अडानी समूह देश का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता है और वह देश के पोर्ट व्यापार में भी 30% की हिस्सेदारी रखता है।

गौतम अडानी ने इस दौरान 1991 से पहले लाइसेंस राज की आलोचना की और कहा कि तब कुछ घरानों को ही कारोबार करते थे और उनकी सरकार से सांठगांठ थी। उन्होंने कहा कि इन यह कारोबारी घराने संरक्षित माहौल में फले फूले।

गौतम अडानी ने कहा कि हम एक 76 वर्ष पुराने लोकतंत्र हैं और हमें 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 58 वर्ष लगे जबकि अगला 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में मात्र 12 वर्ष लगे। इसके बाद 1 ट्रिलियन डॉलर जोड़ने में मात्र पाँच वर्ष लगे और जिस तरह की बढ़त अब हो रही है और जो विकास सरकार कर रही है उससे मुझे लगता है कि अगले दशक में प्रत्येक 12 से 18 महीने में 1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था जोड़ा लेगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अरुणाचल के सियांग डैम से लेकर मध्यप्रदेश के न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट तक का विरोध क्यों? जानिए प्रदर्शन का विदेशी फंडिंग और पादरी कनेक्शन

देश में हर बड़े विकास प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही विरोध शुरू हो जाता है। मध्य प्रदेश में परमाणु ऊर्जा परियोजना, अरुणाचल प्रदेश में सियांग अपर बांध सबका क्यों हो रहा विरोध?

कभी ईद पर तो कभी होली के बाद दंगे, मंदिरों पर पड़ा ताला और छीन लिए गए बिजनेस: जानें कैसे मुरादाबाद में विक्टिम मुस्लिम...

मुरादाबाद की जिस कहानी में मुस्लिमों को विक्टिम बताया जा रहा है असल में वहाँ सबसे ज़्यादा नुकसान में हिंदू ही हैं। हिंदुओं को बहुसंख्यक से अल्पसंख्यक बनाया गया, उनके धंधे छीन लिए गए, उनके पुजारी मार दिए गए और उनके मंदिरों पर ताले जड़ दिए गए।
- विज्ञापन -