प्रधानमंत्री का यह दौरा चीन के लिए साफ़ संदेश था कि भारत किसी भी तरह का विवाद होने पर पीछे नहीं हटेगा। इन बातों के बावजूद यह उल्लेखनीय है कि दुनिया के किन-किन देशों ने भारत का समर्थन करते हुए क्या कुछ कहा है?
भारत-चीन विवाद के बीच प्रधानमंत्री का लेह-लद्दाख पहुँच जाना सेना के लिए कैसा होगा इस बारे में कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है। पुराने दौर में “दिल्ली दूर, बीजिंग पास” कहने वाले तथाकथित नेता पता नहीं किस बिल में हैं। ऐसे मामलों पर उनकी टिप्पणी रोचक होती।
"अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है, उसने पूरी दुनिया में ये संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है। मैं गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों को आज फिर से श्रद्धांजलि देता हूँ। उनके पराक्रम, उनके सिंहनाद से धरती अब भी, उनका जयकारा कर रही है।"
जवाबी कार्रवाई में दो सीआरपीएफ कर्मी घायल हो गए। वहीं जवानों ने भी 1 आतंकी को मार गिराया। और उसके शव को कब्जे में लेते हुए उसके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया।
रक्षा मंत्रालय ने रूस से 33 नए फाइटर जेट खरीदने को मंजूरी दे दी है। साथ ही रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए 248 एस्ट्रा बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर टू एयर मिसाइलों को खरीदने को भी मंजूरी दी है।
सरकार ने कुछ दिनों पहले चीन की 59 एप्लीकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। विरोध की यह पहल सिर्फ इतने तक ख़त्म नहीं होती है, बहिष्कार की इस मुहिम से अब औद्योगिक घराने के लोग भी जुड़ चुके हैं।