Sunday, November 29, 2020
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पेंगांग झील में तनाव से PM मोदी के दौरे तक, जानें भारत-चीन सीमा विवाद में पिछले 2 महीने में क्या-क्या हुआ?

12 मई को चीन के हेलीकॉप्टर LAC के पास उड़ान भरते दिखे। जिसके बाद भारत के सुखोई लड़ाकू विमानों ने उन्हें खदेड़ दिया। इसी दौरान चीन के सैनिक गलवान घाटी के पास भी इकट्ठा होने शुरू हो गए। जिसे देखते हुए भारतीय सेना के भी जवान सीमा पर मुस्तैद हो गए।

भारत-चीन के बीच हालिया विवाद की वजह से सीमा पर तनाव है। चीन अपनी हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा। कभी सिक्किम तो कभी पेगांग झील में उसकी घुसपैठ ने ही सीमा पर तनाव को बढ़ाया और आज वह बातचीत के जरिए तनाव को कम करने की बातें कर रहा है।

14-15 जून की उस रात भी चीन ने नापाक हरकतों को अंजाम देने का ही मन बनाया था। लेकिन जब भारतीय सेना ने उन्हें ऐसा करने से रोका, तो वह सभी संधि व समझौते भुलाकर हिंसा पर उतर आया। उस रात दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई आपसी झड़प में हमारे 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि चीन के 40 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने की भी खबर थी।  

हालाँकि अपने नुकसान पर चीन काफी समय चुप रहा और परिस्थिति को देखते हुए कई बार कूटनीतिक स्तर पर भारत के साथ बातचीत की। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अचानक लद्दाख दौरे पर पहुँच गए। जहाँ उन्होंने मैप के जरिए सीमा पर सेना की पूरी रणनीति समझी और सैनिकों की हौसला अफजाअफजाई भी की।

एक नजर उस घटनाक्रम पर डालते हैं जो चर्चा के केंद्र में भले जून के मध्य में आया, लेकिन उसकी पृष्ठभूमि अप्रैल के अंत से ही बननी शुरू हो गई थी।

  • अप्रैल के अंत से ही लद्दाख के पेंगांग झील के किनारे भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनाव बढ़ना शुरू हो गया था।
  • 5-6 मई को लद्दाख में पेंगांग झील के पास दोनों देशों की सेना आमने-सामने आ गई थी और इस दौरान दोनों के बीच झड़प भी हुई। जिसमें दोनों ही ओर से कई सैनिक घायल हुए। 
  • 9 मई को उत्तरी सिक्किम में सीमा के पास फिर भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प हुई। इस झड़प में दोनों ओर से सैनिक घायल हुए। लेकिन इस बार सैन्य स्तर पर मामले को सुलझा लिया गया।
  • 12 मई को चीन के हेलीकॉप्टर LAC के पास उड़ान भरते दिखे। जिसके बाद भारत के सुखोई लड़ाकू विमानों ने उन्हें खदेड़ दिया। इसी दौरान चीन के सैनिक गलवान घाटी के पास भी इकट्ठा होने शुरू हो गए। जिसे देखते हुए भारतीय सेना के भी जवान सीमा पर मुस्तैद हो गए।
  • 23 मई को सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने लेह का दौरा किया। 25 मई तक लद्दाख के पेगांग झील और गलवान घाटी में चीन से तनाव बढ़ गया।
  • 26 मई को पीएम मोदी ने चीन के साथ हालातों को देखते हुए अहम बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों ने हिस्सा लिया।
  • मई में इसी तारीख को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना को युद्ध की तैयारी का आदेश दे दिया। इसके बाद 2 जून को दोनों सेनाओं की ओर से जनरल रैंक के अधिकारियों ने विवाद सुलझाने के लिए बैठक की। लेकिन यह बैठक निरर्थक रही।
  • 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन के मेजर जनरल लियू लिन के बीच बैठक हुई।
  • 8 जून को भारत-चीन के मध्य सैन्य वार्ता के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने CDS प्रमुख बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की।
  • 12 जून को दोनो देशों की ओर से मेजर जनरल स्तर की बातचीत हुई।
  • 13 जून को सेना प्रमुख नरवणे ने कहा कि चीन सीमा पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
  • 14-15 जून की रात झड़प की खबरें आईं। चीन ने कँटीली तारों, लाठी, डंडों से धोखे से हमला किया था।
  • 20 जून तक हालात को देखते हुए भारत ने क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को बढ़ा दिया। बंगाल की खाड़ी वाले इलाक़े में भी नौसेना के वॉरशिप्स की तैनाती की गई है। फॉरवर्ड बेसेज पर चिनूक हैवी-लिफ्ट हेलीकॉप्टर्स और अपाची हेलीकॉप्टर्स की तैनाती की गई। 
  • 23 जून चीन के सरकारी मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने दावा किया कि उसके रक्षा मंत्री वेई फ़ेंगहे रूस में बुधवार को अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात कर सीमा विवाद पर बातचीत करेंगे। हालाँकि, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय ने ग्लोबल टाइम्स के दावों को खारिज कर दिया, कहा कि बुधवार के लिए ऐसी कोई बैठक निर्धारित नहीं है।
  • सेना प्रमुख नरवणे ने 23-24 जून को लेह-लद्दाख का दौरा किया। 30 जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की तीसरी मीटिंग हुई। 
  • 2 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का लद्दाख दौरा अचानक रद्द हो गया। इससे पहले खबर आई कि शुक्रवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह CDS बिपिन रावत के साथ लेह जाएँगे और 14 कॉर्प्स के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
  • 3 जुलाई की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए अचानक से लेह पहुँच गए। उनके साथ सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी मौजूद रहे। यहाँ उन्होंने सैनिकों को संबोधित किया। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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