Monday, June 21, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया वामपंथी मीडिया गिरोह आतंकियों को क्लीन चिट देने के लिए 3 साल के बच्चे...

वामपंथी मीडिया गिरोह आतंकियों को क्लीन चिट देने के लिए 3 साल के बच्चे का इस्तेमाल कर रहा है

मीडिया गिरोह प्रमुख TheWire का तर्क देखिए। इनके अनुसार 3 साल के एक बच्चे को पता है कि वो पुलिस और आतंकवादियों में स्पष्ट रूप से फर्क कर सकता है। वो भी तब जबकि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब कश्मीर घाटी में आतंकियों को पुलिस की यूनिफॉर्म में ही पकड़ा जा चुका है। इस तर्क से वामपंथी मीडिया का मकसद समझिए।

कश्मीर घाटी में इस्लामी कट्टरपंथी और आतंकवादियों को निर्दोष और मजबूर साबित करने का जो काम इतने वर्षों तक बॉलीवुड की फिल्में किया करती थीं, वही जिम्मेदारी अब वामपंथी मीडिया गिरोहों ने सम्भाल ली है।

इनका पहला कर्तव्य यह साबित करना तो है ही कि कश्मीर घाटी में सुरक्षबलों द्वारा मारे जाने वाले आतंकवादी निर्दोष होते हैं। साथ ही आतंकवादियों के ‘मानवीय’ चेहरे के नैरेटिव को दिशा देने का काम भी वामपंथी मीडिया संगठनों द्वारा किया जा रहा है।

इसका सबसे ताजा उदाहरण कल ही कश्मीर के सोपोर में आतंकवादियों की गोली से मारे गए 65 वर्षीय बशीर अहमद का मामला है। बुधवार (जुलाई 01, 2020) की सुबह सोपोर में आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर CRPF के एक गश्ती दल पर हमला कर दिया गया। इस हमले में दोनों ओर से गोलियाँ चलीं, जिसमें सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई और दो घायल हो गए। 

सीआरपीएफ के एडीजी जुल्फिकार हसन ने बशीर अहमद को गोली लगने को लेकर कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। उन्होंने कहा – “मुझे लगता है कि कुछ लोगों ने यह कहकर एक स्पिन देने की कोशिश की है कि सीआरपीएफ ने एक नागरिक को वाहन से बाहर निकाला और गोली मार दी। यह पूरी तरह से असत्य है।”

दरअसल, आतंकियों की गोली से 65 वर्षीय बुजुर्ग की भी मौत हुई है। जब यह हादसा हुआ, उस समय 65 वर्षीय बशीर अहमद खान अपने 3 साल के नाती के साथ बाजार जा रहे थे।

गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मुस्तफाबाद एचएमटी श्रीनगर निवासी ठेकेदार बशीर अहमद खान भी अपने नाती को लेकर कार से बाहर निकले और भागने लगे, लेकिन आतंकियों द्वारा की जा रही फायरिंग की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

बशीर अहमद का लहूलुहान शरीर गोली लगने के बाद वहीं सड़क पर गिर पड़ा और उनका 3 साल का नाती उनके शव के ऊपर बैठा रहा। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर बहुत शेयर की जा रही है।

CRPF के जवानों ने तीन साल के बच्चे को आतंकवादियों की गोलियों से बचाया और सुरक्षित घर ले आए। यहाँ से वामपंथी मीडिया गिरोहों ने अपनी पोजिशन संभाली और इसका नतीजा हम देख रहे हैं कि बशीर अहमद की मौत के लिए CRPF को ही दोषी ठहराने का कारनामा किया जा रहा है।

जब वामपंथी मीडिया समेत तमाम उदारवादी विचारकों को इस्लामी आतंकवादियों द्वारा भरे बाजार में नागरिकों की हत्या पर चर्चा कर उसे धिक्कारने का काम करना था, तब मीडिया ने वास्तविक समस्या को नजरअंदाज कर, उसे आवरण देते हुए एक बेहद फर्जी नैरेटिव को उछालना जरूरी समझा।

मीडिया गिरोह प्रमुख ‘द वायर’ का कहना है कि तीन साल के बच्चे ने कहा कि उसने देखा कि पुलिस ने उनके नाना को गोली मारी। यहाँ पर सबसे पहली और बेहद अमानवीय बात तो यही है कि द वायर ने तीन साल के एक बच्चे से यह उम्मीद की है कि वो पुलिस और आतंकवादियों में स्पष्ट रूप से फर्क कर सकता है।

वह भी तब, जब कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब कश्मीर घाटी में आतंकियों को पुलिस की यूनिफॉर्म में ही कई बार पकड़ा जा चुका है। ऐसे में भारतीय सुरक्षाबलों और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बयानों को दरकिनार कर तीन साल के एक बच्चे के बयान को आधार बनाना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वामपंथी मीडिया का पहला मकसद क्या है।

सत्ता विरोध के लिए वामपंथ ने आतंकवादियों को सुरक्षाकवच देना और षड्यंत्रों के माध्यम से उन्हें क्लीन चिट देने के अपने अभियान को कई समय से जर्नलिज़्म का नाम दिया है। जबकि वास्तविकता सिर्फ यह है कि उन्हें न ही आतंकियों की गोली से मारे गए बशीर अहमद की मौत से फ़र्क़ पड़ता है, न ही शव के ऊपर बैठकर रो रहे तीन साल के बच्चे की विभत्स तस्वीर से फ़र्क़ पड़ता है।

मीडिया और प्रपंचकारियों का सिर्फ और सिर्फ एक ही मकसद है और वो यह कि सत्ता और संस्थाओं को बदनाम कर किसी तरह से प्रासंगिक बना रहा जाए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पृथ्वी की गति, आकार, समय, संख्या, अंतरिक्ष… इस्लाम-ईसाई धर्म के उदय से पहले फल-फूल चुकी थी सनातन ज्ञान परंपरा

सनातन ज्ञान परंपरा को समझेंगे तो पाएँगे कि खगोल से लेकर धातु विज्ञान, गणित, चिकित्सा और अन्य कई क्षेत्रों में भारतीयों का योगदान...

ट्रेन में चोरी करता था उम्मेद पहलवान, नेता बनने के चक्कर में लोनी कांड की साजिश: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

आपराधिक जीवन की शुरुआत में उम्मेद अटैची चोरी करके चलती ट्रेन से कूद जाता था, इसीलिए वह उम्मेद कूदा के नाम से कुख्यात हो गया। उम्मेद के अब तक तीन निकाह करने की बात सामने आई है।

PM मोदी के साथ जुड़ने से मिलेगा फायदा: शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने लिखा उद्धव ठाकरे को पत्र

“हम आप पर और आपके प्रतिनिधित्व पर विश्वास करते हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस और NCP हमारी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। मेरा मानना है कि अगर आप पीएम मोदी के करीब आते हैं तो बेहतर होगा।"

वो ब्राह्मण राजा, जिनका सिर कलम कर दिया गया: जिन मुस्लिमों को शरण दी, उन्होंने ही अरब से युद्ध में दिया धोखा

राजा दाहिर ने जब कई दिनों तक शरण देने की एवज में खलीफा के उन दुश्मनों से मदद माँगी, तो उन्होंने कहा, "हम आपके आभारी हैं, लेकिन हम इस्लाम की फौज के खिलाफ तलवार नहीं उठा सकते। हम जा रहे हैं।"

‘जो इस्लाम छोड़े उसकी हत्या कर दो’: ऑनलाइन क्लास में बच्चों को भड़काते दिखा मदरसा टीचर, गिरफ्तारी की माँग

शफी वीडियो में कहता है, "क्या यह हिंसा है? नहीं। यह इस्लाम के अनुयायियों को याद दिलाने के लिए है कि मजहब छोड़ने का क्या परिणाम होता है और मौत के बाद उसके साथ कैसा बर्ताव किया जाएगा। वह नरक में जाएगा।"

‘किसानों’ की छेड़खानी, शराब, अपराध: OpIndia ने किया उजागर, महापंचायत ने कहा- खाली करो सड़क

महापंचायत का विशेष कारण- किसानों की तरफ से लगातार बॉर्डर पर बढ़ रही हिंसा। 'किसान' प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दिया गया है कि वह...

प्रचलित ख़बरें

70 साल का मौलाना, नाम: मुफ्ती अजीजुर रहमान; मदरसे के बच्चे से सेक्स: Video वायरल होने पर केस

पीड़ित छात्र का कहना है कि परीक्षा में पास करने के नाम पर तीन साल से हर जुम्मे को मुफ्ती उसके साथ सेक्स कर रहा था।

वो ब्राह्मण राजा, जिनका सिर कलम कर दिया गया: जिन मुस्लिमों को शरण दी, उन्होंने ही अरब से युद्ध में दिया धोखा

राजा दाहिर ने जब कई दिनों तक शरण देने की एवज में खलीफा के उन दुश्मनों से मदद माँगी, तो उन्होंने कहा, "हम आपके आभारी हैं, लेकिन हम इस्लाम की फौज के खिलाफ तलवार नहीं उठा सकते। हम जा रहे हैं।"

असम में 2 बच्चों की नीति (Two-Child Policy) लागू, ‘भय का माहौल है’ का रोना रो रहे लोग

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए 2 बच्चों की नीति को लागू करने का फैसला किया है।

2 से अधिक बच्चे हैं तो सुविधाओं में कटौती, सरकारी नौकरी भी नहीं: UP में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर काम शुरू

बड़ा मुद्दा ये है कि किस समय सीमा के आधार पर ऐसे अभिभावकों को कानून के दायरे में लाया जाए और सरकारी नौकरी में उनके लिए क्या नियम तय किए जाएँ।

‘नाइट चार्ज पर भेजो रं$* सा*$ को’: दरगाह परिसर में ‘बेपर्दा’ डांस करना महिलाओं को पड़ा महंगा, कट्टरपंथियों ने दी गाली

यूजर ने मामले में कट्टरपंथियों पर निशाना साधते हुए पूछा है कि ये लोग दरगाह में डांस भी बर्दाश्त नहीं कर सकते और चाहते हैं कि मंदिर में किसिंग सीन हो।

‘राम मंदिर में नहीं हुआ है कोई घोटाला’: ‘AAP नेता’ ने संजय सिंह पर लगाया पार्टी फंड चुराने का आरोप, बताया चाटुकार और झूठा

रत्नेश मिश्रा ने संजय सिंह को 'चाटुकार' बताते हुए कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकली पार्टी को भ्रष्टाचारी बना दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,135FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe