जो पाकिस्तान ख़ुद अपनी कथनी-करनी की मंशा को पाक-साफ़ रखने में अक्षम है वो भारत के ख़िलाफ़ अपनी प्रतिक्रिया देने की हिमाक़त किस मुँह से करता है उसकी दाद देनी चाहिए।
इमरान खान का ये बयान ऐसे वक्त आया है, जब पाकिस्तान पर मोदी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है। हाल ही में अमेरिकी सचिव माइकल आर पोम्पिओ ने भी भारत में हुए पुलवामा हमले को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दूसरी बार भारत में आतंकी हमला हुआ तो पाकिस्तान के लिए काफी दिक्कत हो सकती है।
“अगर पाकिस्तान की ओर से इन संगठनों के खिलाफ कोई ठोस एवं गंभीर प्रयास नहीं होते हैं तो कोई भी अन्य हमला पाकिस्तान के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है और यह क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने का कारण भी बन जाएगा।”
भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को एक नोट वर्बेल जारी करते हुए कहा है कि पाकिस्तानी एजेंसियाँ इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों को फिर से परेशान कर रही हैं।
न्यूज़ एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) ने 7 मार्च 2019 को अपनी एक ख़बर में लिखा था कि संयुक्त राष्ट्र ने मुंबई हमलों के सरगना हाफ़िज़ सईद का नाम प्रतिबंधित आतंकियों की सूची से हटाने की याचिका ख़ारिज कर दी।
आरएसएस के स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संयोजक डॉक्टर अश्विनी महाजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान की ही तरह चीन से भी मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस लेने की माँग की है।
नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से हो रही भारी फायरिंग के बाद भारतीय सेना ने बोफोर्स 155 मिलीमीटर गन को वहाँ तैनात किया था। इसी की मदद से उन्होंने पाकिस्तानी बंकरो के चिथड़े उड़ा दिए।
शौकत अली कश्मीरी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना कश्मीरियों को इस बात के लिए उकसा रही है कि अब वे हलके-फुल्के हथियारों का प्रयोग न कर के भारत के ख़िलाफ़ आत्मघाती हमलों को अंजाम दें। ऐसा पाकिस्तानी सेना के रिटायर्ड जनरलों द्वारा खुलेआम प्रचारित किया जा रहा है।
अपने विरोध प्रदर्शन में खालिस्तानियों ने भारत-विरोधी नारे भी लगाए। इस दौरान उन्होंने भारतीय ध्वज को उखाड़ने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाए। यह विरोध लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने हुआ।
भारतीय जनता पार्टी के नेता और बीकानेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने अपने एक बयान में ये साफ कर दिया है कि भारत की तरफ से पाकिस्तान जाने वाला पानी रोक दिया गया है और उसे संरक्षित कर लिया गया है।