Homeविविध विषयअन्यआतंकी हाफ़िज़ सईद की जानकारी लीक होने पर पाक को लगी मिर्ची, संयुक्त राष्ट्र...

आतंकी हाफ़िज़ सईद की जानकारी लीक होने पर पाक को लगी मिर्ची, संयुक्त राष्ट्र में उठाई जाँच की माँग

पाकिस्तान एक तरफ तो आतंकियों से अपने संबंधों को नकारता रहता है और दूसरी तरफ आतंकी सरगनाओं की जानकारी लीक होने से तिलमिला उठता है।

पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से जाँच की अपील की है कि जमात-उद-दावा के सरगना हाफि़ज़ सईद के संबंध में जानकारी भारत तक कैसे पहुँची। पाकिस्तान जिस जानकारी की बात कर रहा है उसका संबंध आतंकी हाफ़िज़ की वो याचिका है जिसमें उसने ख़ुद को वैश्विक आतंकवादियों की सूची से बाहर करने की माँग की थी। हालाँकि उस याचिका को संयुक्त राष्ट्र ने ख़ारिज कर दिया था।

बता दें कि समाचार एजेंसी, प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) ने 7 मार्च 2019 को अपनी एक ख़बर में लिखा था कि संयुक्त राष्ट्र ने मुंबई हमलों के सरगना हाफ़िज़ सईद का नाम प्रतिबंधित आतंकियों की सूची से हटाने की याचिका ख़ारिज कर दी। PTI को यह जानकारी उसके गोपनीय सूत्रों द्वारा प्राप्त हुई थी कि भारत ने आतंकी सईद की गतिविधियों से संबंधित बेहद गोपनीय सूचनाओं समेत विस्तृत साक्ष्य पेश किए थे जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने हाफ़िज़ की याचिका ख़ारिज करने का फ़ैसला किया था

ख़बर के अनुसार, पाकिस्तान सरकार के सूत्र ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी राजदूत मलीहा लोधी ने संयुक्त राष्ट्र को बक़ायदा एक पत्र लिखकर यह माँग की है कि 15 सदस्यीय समिति में से किसने भारत की समाचार एजेंसी PTI को हाफ़िज़ सईद की याचिका ख़ारिज होने संबंधी जानकारी दी। यही जानकारी पाकिस्तान के गले नहीं उतर रही है।

पाकिस्तान एक तरफ तो आतंकियों से अपने संबंधों को नकारता रहता है और दूसरी तरफ आतंकी सरगनाओं की जानकारी लीक होने से तिलमिला उठता है। अपनी इस दलगत नीति से वो जिस मंतव्य को साधने का प्रयास करता है वो किसी से छिपा नहीं है बावजूद इसके वो अपनी झूठी राजनीति करने से भी बाज नहीं आता।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -