Tuesday, September 27, 2022

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मकर संक्रांति

मकर संक्रांति: जीवन की गतिशीलता, चरम बोध और आनंद का उत्सव; सनातन संस्कृति के इस पर्व में छिपा है गूढ़ विज्ञान

भारत की सांस्कृतिक विरासत यूँ ही इतनी विविधताओं से भरा नहीं है। इन सबके पीछे छिपा है जीवन का सनातन सिद्धांत। ऐसे में जानिए मकर संक्रांति के पीछे क्या है?

मकर संक्रांति: जीवन की गतिशीलता का विज्ञान, चरम बोध और अप्रतिम आनंद का उत्सव

"आप गतिशीलता का तभी आनंद ले पाएँगे या उत्सव मना पाएँगे, जब आपका एक पैर स्थिरता में दृढ़ता से जमा होगा। और दूसरा गतिशील।" मकर संक्रांति का पर्व इस बात का भी उद्घोष है कि गतिशीलता का उत्सव मनाना तभी संभव है, जब आपको अपने भीतर स्थिरता का एहसास हो।

‘काय पो छे’ हो या ‘भक काटे’: पतंग उड़ाने का असली मजा तो गुजरात में है

दादियाँ दादा जी को अपने समय की पतंगबाजी याद दिलाती हैं और दादा ताव में आकर खड़े हो जाते हैं दादी को ये दिखाने कि मैं अभी बूढ़ा नहीं हुआ हूँ। अब भी ये लड़के मेरी पतंग के आगे नहीं टिक सकते और पतंग कटते ही, 'सालो चाइनीज़ माँझो वापरे छे' कहकर वापस आकर बैठ जाते हैं।

मकर संक्रान्ति: देश एक, परम्परा व उत्सव के रूप अनेक

मकर संक्रान्ति के अवसर पर कहीं पूजा अर्चना तो कहीं दान की परंपरा। बच्चों के लिए कहीं तिलकुट तो कहीं खिचड़ी। पंजाब की लोहड़ी के तो कहने ही क्या!

संक्रान्ति उत्सव पर पतंगबाजी हैदराबाद में बैन, पुलिस ने दिया ‘सुरक्षा’ कारणों का हवाला

'सुरक्षा' कारणों का हवाला देते हुए हैदराबाद स्थित धार्मिक स्थलों के आस-पास और आने-जाने वाली सड़कों पर पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया

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