शिवसेना के हिंदुत्ववादी छवि को त्यागने और कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन करने के पीछे सत्तार की अहम भूमिका मानी जा रही है। चुनाव से ठीक पहले कॉन्ग्रेस और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी की गठबंधन सरकार में पशुपालन मंत्री रहे अब्दुल सत्तार ने.....
एक तरफ जहाँ बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि (17 नवंबर) को सरकार बनाने की बात सामने आ रही है वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार का कहना है कि सरकार बनने में अभी वक्त लगेगा।
बताया जा रहा है कि शिवसेना ने एनसीपी और कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन करने के लिए मुस्लिमों को महाराष्ट्र में 5% आरक्षण देने की बात पर हाँ कर दिया है और अपने कट्टर हिदुत्व का त्याग करने को भी तैयार हो गई है।
कॉन्ग्रेस ने समर्थन देने के लिए शिवसेना के सामने कट्टर हिंदुत्व वाली छवि को बदलने की शर्त रखी है। इस छवि के बदलने पर ही कॉन्ग्रेस महाराष्ट्र में शिवसेना का समर्थन करने के बारे में सोचेगी। सोनिया गाँधी शरद पवार के बीच बैठक में...
गडकरी का यह बयान शिवसेना विधायक दल में बगावत की खबरों के बीच आया है। हालॉंकि शिवसेना का कहना है कि एनसीपी और कॉन्ग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाने के लिए उसने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर किसी भी दल के पास सरकार बनाने के लिए ज़रूरी संख्या है तो उसे सीधे राज्यपाल से संपर्क करना चाहिए, राज्यपाल ने किसी भी दल को सरकार बनाने से मना नहीं किया है।
"शरदराव पवार समझ जाते हैं कि हवा का रुख किस तरफ है। शरदराव एक चतुर राजनेता हैं, जिन्होंने बदली परिस्थितियों को भाँप लिया है। वह कभी भी ऐसी किसी चीज में शामिल नहीं होते, जो उन्हें या उनके परिवार को नुकसान पहुँचाए।"
हरविंदर ने दिल्ली के संसद मार्ग स्थित एनडीएमसी सेंटर में एक कार्यक्रम से लौट रहे पवार को 2011 में थप्पड़ जड़ दिया था। इस घटना से कुछ ही दिन पहले उसने पूर्व मंत्री सुखराम पर भी हमला बोला था।