Homeराजनीतिशिवसेना MLA अब्दुल सत्तार ने दी धमकी: कहा- विधायक फोड़ने वालों का सिर फोड़...

शिवसेना MLA अब्दुल सत्तार ने दी धमकी: कहा- विधायक फोड़ने वालों का सिर फोड़ देंगे

“कोई भी अगर शिवसेना के विधायक को फोड़ने की कोशिश करेगा तो हम उनका सिर फोड़ देंगे। इसके साथ-साथ उसका हाथ-पाँव भी तोड़ देंगे। लेकिन दवाखाने के लिए भी शिवसेना इंतजाम करेगी और उनके लिए एंबुलेंस भी तैयार रहेगी।”

महाराष्ट्र में सरकार गठन पर पेंच अभी तक बरकरार है। मुख्यमंत्री पद को लेकर एनसीपी और शिवसेना में बात अटकी हुई है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने सरकार पर ‘अभी कुछ भी बताने लायक नहीं’ कह कर सस्पेंस और बढ़ा दिया है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने शिवसेना के साथ सरकार गठन के लिए आगे बढ़ने को लेकर सहमति प्रदान कर दी है। लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी तक शिवसेना और एनसीपी में बात नहीं बन पाई है।

इस बीच शिवसेना के एकमात्र मुस्लिम विधायक अब्दुल सत्तार ने धमकी और चेतावनी देते हुए कहा, “कोई भी अगर शिवसेना के विधायक को फोड़ने की कोशिश करेगा तो हम उनका सिर फोड़ देंगे। इसके साथ-साथ उसका हाथ-पाँव भी तोड़ देंगे। लेकिन दवाखाने के लिए भी शिवसेना इंतजाम करेगी और उनके लिए एंबुलेंस भी तैयार रहेगी।” 

वहीं एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि ये चेतावनी है या फिर धमकी, तो उन्होंने कहा कि ये चेतावनी भी है और धमकी भी, क्योंकि शिवसेना के विधायकों को अगर कोई फोड़ना चाहता हो तो उसको चेतावनी देना शिवसेना का स्टाइल है। और शिवसेना सिर्फ चेतावनी नहीं देती है, वक्त आने पर शिवसेना ये सारी चीजे करने में कहीं पर कम नहीं पड़ती है।

इससे पहले आज कॉन्ग्रेस कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें शिवसेना के साथ महाराष्ट्र में गठबंधन के मुद्दे पर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि सीडब्ल्यूसी ने शिवसेना संग गठबंधन को हरी झंडी दे दी है। कार्यकारिणी की बैठक के बाद कॉन्ग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने सीडब्ल्यूसी को महाराष्ट्र की हालिया राजनीतिक स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि एनसीपी से फिलहाल बात चल रही है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी बीजेपी पर हमला बोला था। राउत ने ट्वीट करते हुए कहा था, “हम बुरे ही ठीक हैं, जब अच्छे थे तब कौन सा मेडल मिल गया था।”

इसके अलावा एक अन्य ट्वीट में संजय राउत ने लिखा, “कभी-कभी कुछ रिश्तों से बाहर आ जाना ही अच्छा होता है। अहंकार के लिए नहीं… स्वाभिमान के लिए।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -