विषय: मीडिया गिरोह

शिकारा, कश्मीरी पंडित, विधु विनोद

मुसलमानों से किस बात की माफ़ी माँगें कश्मीरी हिन्दू? कि उनकी लड़कियों का गैंगरेप हुआ, निर्मम हत्या की गई?

आज विधु कहते हैं कि सब कुछ भुलाकर उन लोगों से कश्मीरी पंडितों को गले मिल लेना चाहिए, प्रेम करना चाहिए और सब भुला देना चाहिए। एनडीटीवी पत्रकार रवीश कुमार कहते हैं कि निर्देशक ने वर्षों की इस चुप्पी को तोड़ने के लिए सिर्फ एक 'सॉरी' की गुज़ारिश की है, उन्होंने बहुत ज्यादा तो नहीं माँगा।

‘The Quint’ के यौन शोषण आरोपित और आत्महत्या के लिए उकसाने वाली पत्रकार को मिला रामनाथ गोयनका अवॉर्ड

द क्विंट के चार पत्रकारों को रामनाथ गोयनका अवॉर्ड दिया गया। जिसमें से एक यौन शोषण का आरोपित है, तो दूसरी के खिलाफ सेना के एक जवान को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए आरोप लगा था।
छत्रपति शिवाजी, सत्य हिंदी, पीएम नरेंद्र

‘आज के शिवाजी- नरेंद्र मोदी’ से बौखलाया आशुतोष का सत्यहिंदी, पूछा- क्या शिवाजी को मुसलमानों से नफ़रत थी?

तनवीर जैसे अन्य कई 'बुद्धिजीवियों' ने सरेआम सड़कों पर उनके पोस्टर जलाए, उनके ख़िलाफ़ नारे लगाए गए, उनके मरने-मारने तक की बातें हुईं। लेकिन किसी ने भी एक बार नरेंद्र मोदी सरकार के उन कार्यों पर नजर नहीं डाली। जिसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने सिर्फ़ अल्पसंख्यक समुदाय को समाज में ऊपर उठाने के लिए किया।
सबा नक़वी

इस्लामी घाटी का हिंदुत्वकरण करना चाहती है सरकार: कश्मीरी पंडितों की घर वापसी पर सबा नकवी

सबा नक़वी ने एक टीवी डिबेट के दौरान अपने चिरपरिचित अंदाज में हिंदुओं के खिलाफ जह​र उगला। न केवल कश्मीरी पंडितों के घाटी में लौटने को लेकर एतराज जताया ब​ल्कि जम्मू-कश्मीर पर भारत के अधिकार को लेकर भी सवाल उठाए।
दी क्विंट

पकड़े जाने पर ‘The Quint’ ने डिलीट किया ‘बिना कागज़ के बेबस मुस्लिम ड्राइवर’ का फर्जी वीडियो

फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने दी क्विंट के इस प्रोपेगैंडा को ध्वस्त करते हुए वेबसाइट को चैलेंज भी किया था कि वह साबित करें कि यह एक फेक और सोची समझी घृणा फैलाने के मकसद से जारी किया गया स्क्रिप्टेड वीडियो नहीं है या फिर इसे डिलीट कर दें।
नरेंद्र मोदी

फैक्ट चेक: केरल को बाढ़ राहत फंड देने पर कौन कर रहा है बदले की राजनीति, India Today या केंद्र सरकार?

इंडिया टुडे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए लिखा कि केंद्र ने केरल में बाढ़ पीड़ितों को राहत फंड देने में उन्हें राजनीतिक कारणों से नजरअंदाज किया है। इंडिया टुडे ने इस खबर को राजनीतिक रंग देते हुए केंद्र की दक्षिणपंथी भाजपा सरकार पर केरल की 'लेफ्ट' सरकार से बदले की भावना का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए।
विवेक अग्निहोत्री, द क्विंट

‘पीड़ित’ मुस्लिम ड्राइवर निकला बॉलीवुड एक्टर: फ़िल्म निर्देशक ने खोली The Quint के ‘ड्रामे’ की पोल

अग्निहोत्री ने बताया कि 'द क्विंट' ने इस पूरे ड्रामे की साज़िश पहले ही रच ली थी। अर्थात, एक स्क्रिप्ट तैयार कर के एक जूनियर आर्टिस्ट को कैब ड्राइवर बनाकर NRC के नाम पर उससे अभिनय करवाया गया और दर्शकों को इसे सच बता कर परोस दिया गया। ये सब कुछ एक ड्रामा है।
राहुल कंवल

इंडिया टुडे समूह की ‘बेकार’ पत्रकारिता के 5 नमूने जिसे वो ‘महान’ खबरों के नाम से परोस चुके हैं

आज हम आपके सामने इंडिया टुडे की पत्रकारिता की पोल खोलने के लिए उनकी 5 ऐसी खबरें लेकर आए हैं। जब इस समूह ने अपने पाठक और दर्शक को सूचना देने के नाम पर या तो मजाक उड़ाया या फिर फेक न्यूज़ और व्यंग्य को खबर बताया।
राजदीप सरदेसाई, स्टिंग ऑपरेशन

…जब 14 साल पहले राजदीप सरदेसाई ने फर्जी स्टिंग ऑपरेशन से एक डॉक्टर की जिंदगी कर दी थी बर्बाद

बात 2006 की है। नए-नए खुले IBN7 और CNN-IBN को किसी सनसनीखेज स्टोरी की तलाश थी। राजदीप उसके चीफ एडिटर थे। TRP के लिए इन्होंने रिपोर्टर जमशेद खान से एक फर्जी स्टिंग करवाया डॉ अग्रवाल का। खबर यह बनाई कि डॉक्टर भीख माँगने वाले गिरोह के लिए बच्चों का हाथ-पैर काटते हैं। जाँच में ऐसा कुछ नहीं निकला लेकिन...
इंडिया टुडे, राहुल कँवल

फ़र्ज़ी स्टिंग वाली ‘इंडिया टुडे’ के झूठ का वजन भारी हो गया है, सवालों से कब तक भागते फिरेंगे कँवल?

साबित हो चुका है कि अक्षत ABVP का कार्यकर्ता नहीं। 'इंडिया टुडे' की पत्रकार वामपंथियों के साथ कानाफूसी और सेटिंग करते देखी गईं। कँवल की थेथरई का आलम ये है कि वो सीधा कह रहे कि वो सवालों के जवाब नहीं देंगे। फ़र्ज़ी स्टिंग को 'पाथ ब्रेकिंग' बताने के पीछे का सच।
इंडिया टुडे पत्रकार तनुश्री पांडेय

रिपब्लिक के पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की कर चुकी है वामपंथियों को कोचिंग देने वाली ‘इंडिया टुडे’ की तनुश्री

'इंडिया टुडे' की पत्रकार तनुश्री पांडेय वामपंथी छात्रों के साथ खुसुर-पुसुर करते हुए दिखी थीं। उन्होंने छात्रों को सिखाया था कि उन्हें कैमरे के सामने क्या बोलना है? इसी तनुश्री ने नवंबर 2019 में वामपंथियों के साथ मिल कर रिपब्लिक, ज़ी न्यूज़ और सुदर्शन चैनल के पत्रकारों के साथ बदतमीजी की थी।
फड़-फड़ फड़ाता प्रोपेगेंडा

प्रोपेगेंडा का Outlook: जब मोदी घृणा से कीबोर्ड तड़-तड़ाए तो पन्ने फड़-फड़ फड़फड़ाए

इस प्रोपेगेंडा के असर क्या होंगे यह गर्भ में नहीं है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लोग इनके प्रोपेगेंडा का गुर्दा छील रहे हैं। छीलते रहेंगे। छीलने की रफ्तार जब चरम पर पहुँचेगी तो धुक-धुक धुका रहे इन संस्थानों की फड़-फड़ फड़ाहट खुद-ब-खुद दफन हो जाएगी।

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